Home / Breaking News / अब मालिक बनना होगा महंगा

अब मालिक बनना होगा महंगा

  • यूपी में अब शराब की दुकान का मालिक बनना और रिन्यूवल महंगाIMG_6339
  • आबकारी विभाग ने अगले वित्तीय वर्ष 2019-20 की नीति में देशी और अंग्रेजी शराब के साथ बीयर की दुकानों के आवेदन में प्रॉसेसिंग फीस 18 हजार रुपये कर दी है
  • देशी शराब की लाइसेंस फीस में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कअब शराब मिलने का समय बदला, नई आबकारी नीति को मिली मंजूरी

बिजनेस लिंक ब्यूरो
लखनऊ। यूपी सरकार ने शराब कारोबारियों को कुछ राहत दी तो कहीं झटका भी दिया है। नई आबकारी नीति में सरकार ने शराब की दुकानों को लेना और उसका नवीनीकरण करवाना दोनो ही महंगा कर दिया है। आबकारी विभाग ने अगले वित्तीय वर्ष 2019-20 की आबकारी नीति में देशी और अंग्रेजी शराब के साथ बीयर की दुकानों के आवेदन में प्रॉसेसिंग फीस 15 हजार रुपये से बढ़ा कर 18 हजार कर दिया है। साथ ही देशी शराब की बेसिक लाइसेंस फीस में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के साथ अंग्रेजी शराब और बीयर की लाइसेंस फीस में 15 फीसदी की वृद्धि की है। मंजूर आबकारी नीति में देशी शराब की दुकानों के कोटे में कोई वृद्धि नहीं की गई। सरकार ने अंग्रेजी शराब की दुकानों में बिक्री का कोई कोटा तय नहीं किया है। हालांकि, इसकी आशंका को लेकर शराब व्यवसायी काफी परेशान थे। इस नीति में सरकार ने ये साफ कर दिया है कि शराब की दुकानों से राजस्व बढ़ाना है। इसके अलावा सरकार ने दुकानों के खुलने के समय में भी छूट देकर तत्काल प्रभाव से सुबह १० बजे से रात १० बजे तक कर दिया है। आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 29,302 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी प्राप्ति के लिए शराब बिक्री की निर्धारित समय सीमा बढ़ाई गई है। अब शराब की बिक्री तीन घंटे अधिक होगी। साथ ही बताया कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महाराजा रेलगाड़ी में शैंपेन ब्रेकफास्ट और पांच सितारा होटलों में विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष ब्रेकफास्ट के लिए ओकेजनल बार में सुबह 9 बजे से शराब परोसी जा सकेगी। आपको बता दें कि पिछले दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग को फटकार लगाते हुए कहा था कि विभाग राजस्व के लिए लोगों में शबरा परोस रहा है।

बदलेगा दुकान खुलने का समय
शराब-बीयर की फुटकर दुकानों व मॉडल शॉप के खुलने और बंद होने का समय एक अप्रैल से नहीं, बल्कि तत्काल प्रभाव से बदलने का आदेश था। अभी तक दोपहर 12 बजे से रात १० बजे तक खुलती हैं, लेकिन नई आबकारी नीति में सरकार ने शराब और बीयर की दुकानें सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक खोले जाने की छूट दी है।

देरी तो आसवानी पर लगेगा जुर्माना
आबकारी मंत्री ने बताया कि थोक दुकानों पर पाए जाने वाली अनियमितता और निर्धारित शर्तों के उल्लंघन के मामलों में आसवानियों पर अब जुर्माना भी लगाया जाएगा। आसवानियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आपूर्ति इंडेंट प्राप्ति से 3 दिन के भीतर करनी होगी। अधिक समय लगने पर संबंधित राजस्व का 0.5 प्रतिशत प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। इंडेंट प्राप्ति के दो दिन के भीतर सन्निहित प्रतिफल शुल्क को राजकोष में जमा न किए जाने पर पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगेगा।

ई-लॉटरी से होगा भांग की दुकानों की आवंटन
अब भांग की दुकानों का आवंटन भी ई-लॉटरी के जरिये होगा। पहले भांग की दुकानों का आवंटन टेंडर और नीलामी से होता था। एक जिले में एक व्यक्ति को अधिकतम दो दुकानें ही आवंटित की जाएंगी। वहीं, शराब की दुकानों के आवंटन के लिए सह आवेदक की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। यहां भी एक आवेदक को एक जिले में दो से अधिक दुकानें आवंटित नहीं की जाएंगी। इसके अलावा दुकानों के आवेदन के लिए हैसियत प्रमाणपत्र के स्थान पर इंकम टैक्स वैल्यूएटर द्वारा दिए गए प्रमाणपत्र भी मान्य होंगे।

अब दो वर्ष के लिए दिए जा सकेंगे लाइसेंस
आबकारी मंत्री ने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत विभिन्न दुकानदार जिनके लाइसेंस की वैधता एक वर्ष है, से वार्षिक लाइसेंस फीस को दोगुना लेते हुए इसे एकमुश्त दो वर्ष के लिए किया जा सकेगा। नई दुकानों के सृजन के लिए आबकारी आयुक्त को अब 10 प्रतिशत के स्थान पर केवल एक प्रतिशत और मॉडल शॉप की दुकानों को दो प्रतिशत दुकानों के सृजन का अधिकार होगा। इससे अधिक की आवश्यकता पर शासन की अनुमति लेनी होगी।

शराब की बोतलों के ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम की व्यवस्था लागू की गई थी, जो पूरी तरह से सफल नहीं हो पाई है। अभी तक यह काम एनआईसी कर रही थी, लेकिन इसे सुचारु रूप से व्यवस्थित करने के लिए प्रोफेशनल कंपनी की मदद ली जाएगी।
जय प्रताप सिंह, आबकारी मंत्री

नई समय सारिणी को इसी सत्र में लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए कार्यवाही शुरू हो गई है। आदेश जारी होने के अगले दिन से ही नई समय सारिणी लागू हो जाएगी।
धीरज साहू, आबकारी आयुक्त

About Editor

Check Also

MAp

गूगल मैप रखेगा अवैध कालोनियों पर गहरी नजर

सॉफ्टवेयर तैयार होते ही करायी जाएगी डिजिटल मैपिंग लखनऊ। किसी भी कॉलोनी या समूह आवास …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>