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एनसीआर क्षेत्र में डीजल बसों पर लगी रोक, निजी आपरेटर्स मुश्किल में

एनजीटी ने एनसीआर क्षेत्र में डीजल से संचालित रोडवेज बसों को बंद करने का दिया है आदेश

एनसीआर क्षेत्र में संचालित हो रही 300-400 अनुबंधित बसों के वाहन स्वामी परेशान

बसों का होता है 10 का साल अनुबंध

bus copyलखनऊ। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी के एनसीआर क्षेत्र में डीजल से संचालित बसों के हटाने के आदेश के बाद अब सैकड़ों बसों के संचालन पर संकट पैदा हो गया। एनजीटी के इस आदेश ने एनसीआर क्षेत्र में संचालित हो रही अनुबंधित बस मालिकों को भी मुश्किल में डाल दिया है। अब उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम की पॉलिसी अनुबंधित वाहन स्वामियों पर भारी पड़ रही है। ऐसे में अब एनसीआर क्षेत्र में डीजल से संचालित हो रही सैकड़ों अनुबंधित बसों के पहिए थम सकते हैं। दरअसल, परिवहन निगम में निजी वाहन स्वामियों की बसों का अनुबंध 10 साल के लिए किया जाता है। एनसीआर क्षेत्र में संचालित हो रही अनुबंधित बसों के संचालन की अवधि करीब 5 से 7 साल हो चुकी है। ऐसे में डीजल की जगह सीएनजी से संचालित नई बसों को लगाने पर नियमत: इनके अनुबंध की अवधि महज तीन साल ही रह जाएगी। ऐसे में निजी आपरेटर्स इतनी कम अवधि के लिए लाखों रूपये खर्च कर नई बसें लगाने के मूड में नहीं है। वहीं जिन वाहन स्वामियों की एनसीआर क्षेत्र में 300 से 400 बसें संचालित हो रही वे वाहन स्वामी ऐसी बसों को भी खड़ी कर देने का मन बनाने लगे हैं।

अनुबंध समाप्त होने पर होगी ये समस्या

वाहन स्वामियों ने परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक संचालन राजेश वर्मा से मुलाकात कर अनुबंध के नियमों में बदलाव करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब नियमों में बदलाव होकर नई बस के लिए अनुबंध की अवधि 10 साल कर दी जाएगी तभी वे नई बस लगाएंगे। वाहन स्वामियों का कहना है कि जिन आपरेटर्स ने डीजल से संचालित लाखों रुपये की बसों को दो या तीन साल पहले ही लगाया है, वह बस कहां खड़ी करें और कहां ले जाएं। ऐसे में अब परिवहन निगम के सामने यह समस्या खड़ी हो गई है कि अनुबंध के नियमों में

किस प्रकार से तब्दीली करें।

एनसीआर क्षेत्र में जो भी बसें डीजल से संचालित हो रही हैं, उन्हें हटाने को कहा गया है। ऐसे में अब उन वाहन स्वामियों के सामने समस्या खड़ी हो गयी जिन्होंने अभी दो-तीन साल पहले ही लाखों रुपये खर्च कर बसें अनुबंध पर लगायी हैं। हमारा अनुबंध 10 साल के लिए होता है, अब बीच अवधि में ही बसें हटाईं जा रही हैं तो उन बसों को कहां ले जाया जाए।

अजीत सिंह, अनुबंधित बस वाहन स्वामी

एनसीआर क्षेत्र में परिवहन निगम अनुबंधित बसें चलाता है। अभी हाल ही में एक निविदा निकाली गयी थी, जिसमें हमने करीब 42 सीएनजी बसों को अनुमति प्रदान की है। कुछ पुरानी डीजल से संचालित बसों को सीएनजी में कन्वर्ट कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त निजी आपरेटर्स को जो अनुबंध की समस्या है, उसको भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

राजेश वर्मा, मुख्य प्रधान प्रबंधक संचालन, परिवहन निगम

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