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	<title>Business Link &#187; फिटनेस</title>
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		<title>कम पानी पीने से हो सकती हैं, ये प्रॉब्लम्स</title>
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		<pubDate>Fri, 07 Apr 2017 09:41:02 +0000</pubDate>
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				<category><![CDATA[फिटनेस]]></category>
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		<description><![CDATA[हेल्दी रहने के लिए दिनभर में पुरुष को करीब 3 लीटर और महिला को 2 लीटर पानी पीना चाहिए. पानी की यह मात्रा 8 से 10 गिलास के बीच रहती है. हालांकि भारत जैसे देश में यह मात्रा मौसम के अनुसार कम और ज्यादा हो सकती है. लेकिन यदि हम रेग्युलर बहुत कम पानी पियेंगे &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p>हेल्दी रहने के लिए दिनभर में पुरुष को करीब 3 लीटर और महिला को 2 लीटर पानी पीना चाहिए. पानी की यह मात्रा 8 से 10 गिलास के बीच रहती है. हालांकि भारत जैसे देश में यह मात्रा मौसम के अनुसार कम और ज्यादा हो सकती है. लेकिन यदि हम रेग्युलर बहुत कम पानी पियेंगे तो इससे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं. आइए जानते है कम पानी पीने से होने वाली 10 ऐसी ही प्रॉब्लम्स के बारे में.</p>
<p><strong>थकान-</strong> बॉडी में पानी की कमी होने पर ब्रेन को पर्याप्त एनर्जी नहीं मिलती. ऐसी स्तिथि में काम करने के लिए<img class="  wp-image-1251 alignright" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2017/04/cws2520girl2520drinking2520water-300x257.jpg" alt="cws2520girl2520drinking2520water" width="287" height="247" /> ब्रेन को ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, जिससे थकान बढ़ती है.</p>
<p><strong>आँखों में जलन-</strong> बॉडी में पानी की कमी होने पर आँखों की डॉयनेस बढ़ती है. इससे इनमें सूजन, जलन या खुजली होने लगती है.</p>
<p><strong>कब्ज़ या एसिडिटी-</strong> बॉडी में पर्याप्त पानी नहीं होने पर खाने का डाइजेशन ठीक तरह से नहीं हो पाता है. ऐसे में कब्ज़ और एसिडिटी की प्रॉब्लम होने लगती है.</p>
<p><strong>ड्राई स्किन-</strong> पानी की कमी के कारण स्किन का मॉइश्चर कम हो जाता है. इससे स्किन ड्राई होने लगती है.</p>
<p><strong>कमजोर कॉन्सन्ट्रेशन-</strong> दिमाग का 70% से ज्यादा हिस्सा पानी से बना है. इसकी कमी होने पर दिमाग ठीक से काम नहीं कर पाता है और किसी एक चीज़ पर ध्यान नहीं लगता.</p>
<p><strong>यूरिन का रंग-</strong> यूरिन का रंग हल्का पीला, गहरा पीला या भूरा हो, तो यह पानी की कमी की निशानी है. ऐसे में तुरंत पानी पिएं.</p>
<p><strong>हार्ट बीट बढ़ना-</strong> बॉडी में पानी की कमी होने पर हार्ट को दिमाग तक ऑक्सीजन और बाकी न्यूट्रिएंट्स पहुचाने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है. ऐसे में कई बार दिल की धड़कनें अचानक बढ़ जाती हैं.</p>
<p><strong>चक्कर आना-</strong> पानी की कमी होने पर बॉडी का एनर्जी लेवल बहुत कम हो जाता है. ऐसे में चक्कर आने की शिकायत हो सकती है.</p>
<p><strong>सांसों की बदबू-</strong> शरीर में पानी की कमी होने पर सही मात्रा में सलाइवा नहीं बन पाता. इससे मुंह में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और साँसों में बदबू आने लगती है.</p>
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		<title>सर्दियों में ना नहाने का बहाना, क्या हो सकता है!</title>
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		<pubDate>Mon, 30 Jan 2017 13:28:15 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[फिटनेस]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>

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		<description><![CDATA[नईदिल्ली: अगर आप भी सर्दियों में नहाने से बचते हैं तो अच्छी बात है. जी हां, आपको पढ़कर हैरानी होगी कि हम क्या कह रहे हैं लेकिन ये सच हैं. अगर आप रोजाना नहीं नहाते तो ये आपकी हेल्थ के लिए अच्छा है. आमतौर पर लोग सर्दियों में कई बार नहाने से बचते हैं लेकिन &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><strong><img class=" alignleft" src="http://static.abplive.in/wp-content/uploads/sites/2/2017/01/27123526/shower-580x395.jpg" alt="सर्दियों में ना नहाने का इससे बेहतर बहाना और क्या हो सकता है! " width="802" height="546" /></strong></p>
<p><strong>नईदिल्ली:</strong> अगर आप भी सर्दियों में नहाने से बचते हैं तो अच्छी बात है. जी हां, आपको पढ़कर हैरानी होगी कि हम क्या कह रहे हैं लेकिन ये सच हैं. अगर आप रोजाना नहीं नहाते तो ये आपकी हेल्थ के लिए अच्छा है. आमतौर पर लोग सर्दियों में कई बार नहाने से बचते हैं लेकिन इस बात को किसी को बताने में भी शर्माते हैं. लेकिन अब आप बिंदास होकर आप ना नहाएं क्योंकि रोजाना नहाने से आपकी स्किन को नुकसान को होता है.</p>
<p><strong>क्या कहती है रिसर्च-</strong><br />
हालिया हुईं दो रिसर्च के मुताबिक, अगर आप सोचते हैं कि रोजाना नहाकर आप बहुत अच्छा कर रहे हैं तो आप गलत सोच रहे हैं. दरअसल, बहुत ज्यादा नहाने से शरीर में मौजूद माइक्रोबायोम (microbiome) यानि छोटे-छोटे जीव डैमेज हो जाते हैं. माइक्रोब्स के डैमेज होने से एक्ने की दिक्कत हो जाती है. हालांकि रिसर्च में बहुत ज्या‍दा नहाने से माइक्रोबायोम पर होने वाले प्रभावों को देखा गया है. लेकिन अधिकारिक तौर पर ऐसा कुछ नहीं कहा गया कि शरीर से दुर्गन्ध को रोकने और माइक्रोबायोम को डैमेज होने से बचाने के लिए सप्ताह में कितनी बार नहाना चाहिए.</p>
<p><strong>क्यों जरूरी है माइक्रोबायोम-  </strong><br />
माइक्रोबायोम बैक्टीरिया, वायरस कई तरह के ऐसे माइक्रोब्स का कलेक्शन है जिस पर ह्यूमन बॉडी जिंदा रहती है. साथ ही ये हर इंसान की हेल्थ के लिए जरूरी हैं. हमारा पूरा शरीर माइक्रोब्स की पूरी कम्यूनिटी पर डिपेन्डेंट हैं. ये जर्म्स से हमारी रक्षा करते हैं. फूड से होने वाली एलर्जी से बचाते हैं साथ ही विटामिन प्रोड्यूस करते हैं. रिसर्च के मुताबिक, माइक्रोबायोम इसलिए भी इंसान के लिए जरूरी हैं क्योंकि इसके बिना व्यक्ति का इम्यू्न सिस्टम, डायजेशन और हार्ट काम करना बंद कर देते हैं.</p>
<p><strong>क्या कहती है इससे पहले की रिसर्च-</strong><br />
2014 में शोधकर्ताओं ने एक रिसर्च के दौरान ये भी दावा किया है कि पसीने को पीने वाले ये बैक्टीरिया एक्ने और गंभीर घावों के ट्रीटमेंट में भी सहयोग करते हैं. रिसर्च में ये भी पाया गया कि मेटाबॉलिस अमोनिया नामक बैक्टीरिया का सबसे मेजर कॅपोनेंट स्वेट होता है जो कि स्किन हेल्थ को इंप्रूव करता है और कई तरह के स्किन डिस्ऑर्डर का ट्रीटमेंट भी करता है. 2015 में आई इसी तरह की ए‍क रिसर्च में पाया गया कि ये बैक्टीरिया आमतौर पर अंडरऑर्म्स और स्वेटिंग में पाए जाते हैं. यॉर्क यूनिवर्सिटी के डॉ. डेन बॉडोन का कहना है कि ये बैक्टीरिया अंडरऑर्म्स से बाहर आते हैं और माइक्रोबायोटा से मिलकर एक्टिव हो जाते हैं.</p>
<p><strong>ये भी कारण है ना नहाने का-</strong><br />
एक अन्य रिसर्च के मुताबिक, रोजाना नहाने से स्किन में मौजूद एसेंशियल ऑयल निकल जाता है इससे स्किन ड्राई हो जाती है और स्किन में शाइनिंग भी नहीं रहती. इतना ही नहीं, शरीर में रेड स्पॉट दिखने लगते हैं और दर्द होना शुरू हो जाता है. इससे स्किन डिस्ऑर्डर होने का रिस्क बढ़ जाता है. हालांकि अगर आप रोजाना ऑयल से बॉडी की मसाज करते हैं तो इस खतरे से बच सकते हैं.</p>
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