<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Business Link &#187; उत्तर प्रदेश</title>
	<atom:link href="http://businesslinknews.com/tag/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>http://businesslinknews.com</link>
	<description>Breaking News</description>
	<lastBuildDate>Sat, 15 Apr 2023 02:02:46 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=4.1.26</generator>
	<item>
		<title>उत्तर प्रदेश में अभी स्कूल खुलने के आसार कम</title>
		<link>http://businesslinknews.com/there-is-little-chance-of-school-opening-in-uttar-pradesh-now/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/there-is-little-chance-of-school-opening-in-uttar-pradesh-now/#comments</comments>
		<pubDate>Thu, 27 Jan 2022 18:52:07 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[करियर]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[ऑनलाइन कक्षाएं]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना]]></category>
		<category><![CDATA[कोविड-19]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22153</guid>
		<description><![CDATA[कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश में अभी स्कूलों के शुरू होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। खबरों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार स्कूलों को खोलने की तारीख अब 15 फरवरी, 2022 तक बढ़ा सकती है। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। हालांकि, राज्य सरकार ने अब तक ऐसी &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p>कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश में अभी स्कूलों के शुरू होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। खबरों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार स्कूलों को खोलने की तारीख अब 15 फरवरी, 2022 तक बढ़ा सकती है। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। हालांकि, राज्य सरकार ने अब तक ऐसी कोई भी आधिकारिक सूचना नहीं जारी की है।</p>
<p>सरकार के फैसले के अनुसार राज्य में स्कूल 30 जनवरी से शुरू किए जाने हैं। इससे पहले स्कूलों को 23 जनवरी, 2022 से शुरू किया जाना था। हालांकि, राज्य में कोरोना और इसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों को देखते हुए तारीखों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बुधवार को राज्यभर से 10, 937 संक्रमितों की पुष्टि हुई है। वहीं, इस दौरान 17,074 मरीज ठीक भी हुए हैं। प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 80342 है।</p>
<p>एक ओर जहां उत्तर प्रदेश में स्कूलों को बंद रखने की खबर सामने आ रही है। वहीं, कई राज्य ऐसे भी है जहां स्कूलों को दोबारा से खोला जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने 24 जनवरी से राज्य में स्कूलों को खोलने के आदेश जारी कर दिए थे। वहीं, हरियाणा में भी 1 फरवरी से ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/there-is-little-chance-of-school-opening-in-uttar-pradesh-now/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>763 पुलिस अफसर-कर्मचारियों को डीजीपी पुलिस पदक</title>
		<link>http://businesslinknews.com/dgp-police-medal-for-763-police-officers-employees/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/dgp-police-medal-for-763-police-officers-employees/#comments</comments>
		<pubDate>Tue, 25 Jan 2022 18:55:56 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोल्ड]]></category>
		<category><![CDATA[पुलिस अफसर]]></category>
		<category><![CDATA[पुलिस महानिदेशक]]></category>
		<category><![CDATA[प्लेटिनम]]></category>
		<category><![CDATA[शौर्य]]></category>
		<category><![CDATA[सिल्वर डिस्क और उत्कृष्ट सेवा सम्मान]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22148</guid>
		<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक की ओर से शौर्य के लिए 763 पुलिस अफसर और कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस पर प्लेटिनम, गोल्ड, सिल्वर डिस्क और उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिह्न से सम्मानित किया जाएगा। प्लेटिनम प्रशंसा चिह्न पाने वाले अफसरों में एडीजी प्रयागराज जोन प्रेम प्रकाश, आईजी पुलिस भर्ती बोर्ड पद्मजा चौहान, एटीएस एसएसपी अभिषेक सिंह, &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक की ओर से शौर्य के लिए 763 पुलिस अफसर और कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस पर प्लेटिनम, गोल्ड, सिल्वर डिस्क और उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिह्न से सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p>प्लेटिनम प्रशंसा चिह्न पाने वाले अफसरों में एडीजी प्रयागराज जोन प्रेम प्रकाश, आईजी पुलिस भर्ती बोर्ड पद्मजा चौहान, एटीएस एसएसपी अभिषेक सिंह, फिरोजाबाद एसपी आशीष तिवारी, कानपुर कमिश्नरेट के डीसीपी संजीव त्यागी, आर्थिक अपराध संगठन की एएसपी बबिता सिंह, एएसपी पुलिस भर्ती बोर्ड रश्मिरानी, हापुड़ के एएसपी सर्वेश मिश्र, एडीजी कानून व्यवस्था के पीआरओ अतुल श्रीवास्तव समेत 39 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी हैं।</p>
<p>इनके अलावा लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक, डीसीपी दक्षिणी गोपाल कृष्ण चौधरी, एटीएस के डिप्टी एसपी राजीव द्विवेदी, विपिन राय को सिल्वर प्रशंसा चिह्न दिया जा रहा है। संयुक्त पुलिस आयुक्त के पीआरओ फणींद्र नाथ राय को सेवा अभिलेख के आधार डीजीपी गोल्ड प्रशंसा चिह्न मिल रहा है।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/dgp-police-medal-for-763-police-officers-employees/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>भारत की नई पहचान बनेगी ‘योगी की फिल्म सिटी&#8217;</title>
		<link>http://businesslinknews.com/indias-new-identity-will-be-yogis-film-city/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/indias-new-identity-will-be-yogis-film-city/#comments</comments>
		<pubDate>Sun, 20 Sep 2020 19:24:05 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीती प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[झारखण्ड]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[फिल्म निर्माता]]></category>
		<category><![CDATA[फिल्म सिटी]]></category>
		<category><![CDATA[मधुर भंडारकर]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मालिनी अवस्थी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[राजस्थान]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=21995</guid>
		<description><![CDATA[नौएडा, ग्रेटर नौएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे फिल्म सिटी स्थापना के प्रयास तेज फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी हस्तियों में खुशी की लहर, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेंगे अवसर, होगा क्षेत्रीय विकास प्रोत्साहित होगा निवेश, सृजित होंगे नए रोजगार अवसर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>नौएडा, ग्रेटर नौएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे फिल्म सिटी स्थापना के प्रयास तेज</strong></li>
<li><strong>फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी हस्तियों में खुशी की लहर, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार</strong></li>
<li><strong>स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेंगे अवसर, होगा क्षेत्रीय विकास</strong></li>
<li><strong>प्रोत्साहित होगा निवेश, सृजित होंगे नए रोजगार अवसर</strong></li>
<li><strong>उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली को मिलेगा विशेष लाभ</strong></li>
</ul>
<p><strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/09/Madhur-Bhandarkar.jpg"><img class="  wp-image-21997 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/09/Madhur-Bhandarkar.jpg" alt="Madhur-Bhandarkar" width="516" height="287" /></a>बिजनेस लिंक ब्यूरो</strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> देश की सबसे खूबसूरत फिल्म सिटी का पता, अब उत्तर प्रदेश होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना केे निर्देश दिए हैं। इससे फिल्म निर्माताओं को एक बेहतर विकल्प मिलेगा। स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर मिलेंगे। निवेश प्रोत्साहित होगा। रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह फिल्म सिटी भारत की नई पहचान बनेगी। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है।</p>
<p>फिल्म सिटी की स्थापना के इस निर्णय पर देश के विख्यात फिल्मकारों, निर्माताओं और लोकगायकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। फिल्म सिटी के निर्माण से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखण्ड और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों की स्थानीय प्रतिभाओं को नए अवसर मिलेंगे। स्थानीय भाषाओं में फिल्म निर्माण हो सकेगा। भोजपुरी को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस निर्णय से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों में खुशी की लहर है।</p>
<p>बीते दिनों मेरठ मण्डल की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नौएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण एवं यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में किसी एक प्राधिकरण में फिल्म सिटी के निर्माण के लिए भूमि के विकल्पों के साथ यथाशीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में देश को एक अच्छी फिल्म सिटी की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश यह जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है। प्रदेश में एक बेहतरीन फिल्म सिटी बनाई जाएगी। यह फिल्म सिटी फिल्म निर्माताओं को एक बेहतर विकल्प उपलब्ध कराएगी। साथ ही, रोजगार सृजन की दृष्टि से भी यह एक अत्यंत उपयोगी प्रयास होगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस निर्णय के बाद से ही कई फिल्मी हस्तियों ने खुशी जाहिर करते हुए प्रशंसा की है। अभिनेत्री कंगना रनोट, लोक गायिका मालिनी अवस्थी, पटकथा लेकर मनोज मुंतशिर, भजन गायक अनूप जलोटा तथा हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी तथा खूबसूरत फिल्म सिटी की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी है।</p>
<p><strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/09/malini.jpg"><img class="  wp-image-21998 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/09/malini.jpg" alt="malini" width="119" height="140" /></a>खासकर महिलाओं को मिलेंगे नए अवसर: मालिनी अवस्थी</strong><br />
विख्यात लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने ‘सूरदास, कबीरदास, तुलसीदास, खुसरो, रैदास, निराला, महादेवी वर्मा, फिराक और जिगर की धरती उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी के निर्माण का स्वागत करते हुए कहा, उत्तर प्रदेश ने हिन्दी—उर्दू को आकार दिया है। मदर इण्डिया, गंगा जमुना से लेकर लगान तक फिल्मों में दिखाएं जाने वाले गांवों की परिकल्पना में उत्तर प्रदेश के गांव को ही दिखाया गया है। उन्होंने कहा, इस फिल्म सिटी के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाएं विशेषकर महिलाओं को नए अवसर मिलेंगे। देश में अभी जैसे मुम्बई है, वैसा ही विकल्प उत्तर प्रदेश में होने से सभी को नए अवसर मिलेंगे।</p>
<p><strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/09/madhur.jpg"><img class="  wp-image-21999 alignright" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/09/madhur.jpg" alt="madhur" width="95" height="127" /></a>मुख्यमंत्री से मिले फ़िल्म निर्माता मधुर भंडारकर</strong><br />
विख्यात फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर सम्भावनाओं की इस पहल पर बहुत खुशी जाहिर की है। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, फिल्म सिटी का विकास मुख्यमंत्री का विजन है। यह प्रयास अच्छा है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से इडस्ट्री में ख़ुशी की नई लहर है। यहां बेहतर व्यवस्था से फिल्म से जुड़े लोग अपने प्रोजेक्ट पूरे कर सकेंगे। फिल्म निर्माताओं को एक विकल्प मिलेगा। मुख्यमंत्री ने मधुर भंडारकर को राममंदिर के प्रसाद के तौर पर प्रभु श्रीराम का सिक्का, रामचरित मानस, तुलसी माला और भव्य दिव्य कुम्भ की कॉफी टेबल बुक भेंट स्वरूप दी।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/indias-new-identity-will-be-yogis-film-city/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>निर्णय लेने की सर्वोच्च क्षमता जरूरी : आलोक रंजन</title>
		<link>http://businesslinknews.com/highest-decision-making-capability-required-alok-ranjan/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/highest-decision-making-capability-required-alok-ranjan/#comments</comments>
		<pubDate>Fri, 19 Jun 2020 20:22:31 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[इंडस्ट्री]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[औद्योगिक विकास]]></category>
		<category><![CDATA[पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (सीमा)]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=21540</guid>
		<description><![CDATA[सूक्ष्म एवं मझोले उद्योग सर्वाधिक संभावना वाले क्षेत्र हैं। कम पूंजी और जोखिम में सर्वाधिक लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार इसी सेक्टर में मिला है। देश की जीडीपी में इस सेक्टर का योगदान करीब 29 फीसद है। उप्र में एमएसएमई की सर्वाधिक औद्योगिक इकाईयां हैं। कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन का सर्वाधिक असर &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p>सूक्ष्म एवं मझोले उद्योग सर्वाधिक संभावना वाले क्षेत्र हैं। कम पूंजी और जोखिम में सर्वाधिक लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार इसी सेक्टर में मिला है। देश की जीडीपी में इस सेक्टर का योगदान करीब 29 फीसद है। उप्र में एमएसएमई की सर्वाधिक औद्योगिक इकाईयां हैं। कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन का सर्वाधिक असर इसी सेक्टर पर पड़ा, पर यही कोरोना उनके लिए स्वर्णिम अवसर भी लेकर आ रहा है। निवेशकों का भरोसा चीन से उठा है। कई निवेशक थाइलैंड, बांग्लादेश और भारत में निवेश की संभावना तलाश रहे हैं। उप्र के लिए इनको आकर्षित करने का एक सुनहरा अवसर हो सकता है। यह कहना है <strong><em>उत्तर</em> </strong><em><strong>प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन</strong> </em>का। यूपी कैडर से 1978 बैच के आईएएस अधिकारी आलोक रंजन उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्य सचिव का पद संभालने के बाद 1 जुलाई 2016 को सेवानिवृत्त हुए। मुख्य सचिव रहते अपने कुशल नेतृत्व में प्रदेश के विकास को गति देने वाले आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का रिकार्ड समय में निर्माण पूरा कराया। सिविल सेवा रैंकिंग में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले श्री रंजन ने औद्योगिक विकास आयुक्त रहते हुए उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया। साथ ही कृषि उत्पादन आयुक्त सहित प्रदेश सरकार में कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन सफलता पूर्वक किया। आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए और दिल्ली विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स की शिक्षा ग्रहण कर देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में अपनी अनुकरणीय सेवायें दी हैं। <em><strong>स्माल इंडस्ट्रीज मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन, सीमा</strong> </em>के मुख्य संरक्षक का दायित्व संभाल रहे पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन का मानना है कि प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है कि प्रशासनिक अमला त्वरित निर्णय ले। <em><strong>बिजनेस लिंक </strong></em>के<em> <strong>वरिष्ठ संवाददाता</strong> </em>ने औद्योगिक विकास के कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर उनसे विस्तृत बातचीत की। पेश है वार्ता के महत्वपूर्ण बिंदु।<br />
<strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/06/Alok_Ranjan-ji.gif"><img class="  wp-image-21541 alignright" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/06/Alok_Ranjan-ji.gif" alt="Alok_Ranjan ji" width="349" height="306" /></a>प्रश्न : लघु उद्योगों की बेहतरी के लिए केंद्र सरकार के विशेष वित्तीय पैकेज को आप कैसे देखते हैं?</strong><br />
<strong>उत्तर :</strong> हमारा औद्योगिक वातावरण पूरी तरह से स्माल और मध्यम इंडस्ट्री पर निर्भर है। उत्तर प्रदेश में इनकी सर्वाधिक संख्या है। देश की जीडीपी का करीब 29 प्रतिशत इस सेक्टर से मिलता है। ये सेक्टर रोजगार देने में सबसे आगे है। कोविड-19 महामारी की वजह से लॉकडाउन में ये उद्योग बंद हुए। अनलॉक-1.0 में अब धीरे-धीरे यह शुरू हो रहे हैं। इनके सामने समस्या प्रतिस्पद्र्धी बनकर आगे बढऩे और सुचारू संचालन की है। इसी मकसद से केंद्र सरकार ने पिछले दिनों इस सेक्टर के लिए विशेष वित्तीय पैकेज की घोषणा की है। इसके तहत केंद्र ने लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) के लिए तीन लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी दी है। यानी कि इतना क्रेडिट बैंकों या अन्य वित्तीय संस्थाओं के जरिए एमएसएमई सेक्टर की इकाईयों को मिलेगा। खुद में यह बहुत बड़ा कदम है।</p>
<p><strong>प्रश्न :चाइना से जो कंपनियां अपनी औद्योगिक इकाईयां हटा रही हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में कैसे लाया जा सकता है?</strong><br />
<strong>उत्तर :</strong> उम्मीद है कि कोरोना के बाद चीन से इन्वेस्टमेंट हटेगा। निवेशक अपना पूरा निवेश चीन में रखने को इच्छुक नहीं हैं। वे वियतनाम, थाइलैंड, बांग्लादेश और भारत में विकल्प तलाश रहे हैं। इनमें से अधिकांश निवेश उप्र में आएं इसके लिए सरकार के पास यह सुनहरा मौका है। निर्भर करता है कि तुलनात्मक रूप से प्रदेश सरकार उनको कैसा वातावरण दे रही है, राजनीतिक स्थिरता कितनी है? बुनियादी सुविधाएं और नीतियां क्या हैं। इसको देखते हुए ही वह निवेश करते हैं। इसके लिए शासन-प्रशासन में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता सर्वाधिक जरूरी है। औद्योगिक भूमि की अनुपलब्धता उप्र की बड़ी समस्या रही है। नोएडा की जमीन हो या यूपीएसआईडीसी की, वह औरों के मुकाबले महंगी पड़ती है। औद्योगिक भूमि सस्ती कैसे की जाय, इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।</p>
<p><strong>प्रश्न : उत्तर प्रदेश में बड़ा निवेश लाने में आपका कोई अनुभव?</strong></p>
<p><strong>उत्तर :</strong> जब सैमसंग को उप्र में लाने का प्रयास हो रहा था, तब उसके प्रबंधतंत्र ने बताया कि हमें तेलंगाना और तमिलनाडु भी बुला रहे हैं और वह जमीन भी बहुत सस्ती दे रहे हैं। ऐसे में त्वरित निर्णय लेकर एक रास्ता निकाला गया था और उसे कैबिनेट से मंजूर कराया गया था, जिस कारण सैमसंग का 15 हजार करोड़ का निवेश उत्तर प्रदेश में हुआ था। हमें इसी प्रकार की रणनीति अपनानी होगी। हर बड़े निवेशक से अलग-अलग बात करनी होगी। उन्हें क्या वातावरण चाहिए? क्या पॉलिसी चाहिए? ऐसे में प्रशासनिक निर्णय लेने की क्षमता बहुत आवश्यक होगी, क्योंकि पॉलिसी देने की बात आती है तो प्रशासनिक अधिकारी बाद में अपने ऊपर उंगली उठने या जांच से घबराने लगते हैं। अगर हालात ऐसे ही रहे तो हम चीन से हटने वाले निवेशकों को उप्र में नहीं ला पाएंगे। खुले मन से निर्णय लेकर निवेशकों को रियायतें और सहूलियतें देनी होंगी, जिससे वह उत्तर प्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करें।</p>
<p><strong>प्रश्न : एमएसएमई के लिए घोषित तीन लाख करोड़ के पैकेज को कैसे देखते हैं? </strong></p>
<p><strong>उत्तर :</strong> यह पैकेज अच्छा है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में विशेष सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि अभी भी बैंकों में लोगों के प्रोजेक्ट लोन की मंजूरी के लिए लटके रहते हैं। ऐसा हुआ तो पैकेज का अधिकांश हिस्सा कागजों में ही रह जाएगा। भारत सरकार क्रेडिट गारंटी के लिए कह रही है। पर, मेरा प्रशासनिक अनुभव कहता है कि ऐसा नहीं है कि कोई लोन एनपीए हो जाएगा तो भारत सरकार उसका भुगतान करेगी। ऐसे में सरकार पड़ताल करवाती है कि लोन एनपीए क्यों हुआ? क्या बैंकों ने सही तरीके से प्रोजेक्ट रिपोर्ट का मूल्यांकन नहीं किया? अगर उसमें कोई कमी रह गई है तो यह बैंकों और उनके अधिकरियों पर सवाल खड़े करेगा। ऐसे में भरोसा कायम करना होगा। अधिकारियों को विश्वास दिलाना पड़ेगा। ये वातावरण पैदा करना पड़ेगा। तभी बैंक लोन स्वीकृत करेंगे। यदि वे घबराए हुए तरीके से काम करेंगे तो लोन मंजूर नहीं करेंगे। खासतौर से छोटे उद्योगों को तो बिल्कुल नहीं करेंगे। हमारे यहां 99 प्रतिशत माइक्रो इंडस्ट्रीज में 25 लाख से एक करोड़ की इन्वेस्टमेंट करते हैं, उन्हीं को पूंजी की सर्वाधिक जरूरत भी है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाने से लेकर लोन मंजूर कराने में इनको ही सर्वाधिक दिक्कत होती है। सरकार और बैंकों के सामने ये चुनौती है कि ऐसी कार्यप्रणाली बनाएं और उसे सही तरीके से लागू करें, जिससे भारत सरकार द्वारा घोषित विशेष वित्तीय पैकेज का उदï्देश्य पूरा हो सके।</p>
<p><strong>प्रश्न : निवेशकों की दृष्टिï से क्या आवश्यक है? </strong><br />
<strong>उत्तर :</strong> निवेशक देखते हैं कि जिस जगह वह निवेश करने जा रहे हैं वहां इज ऑफ डूइंग बिजनेस का स्तर क्या है? स्वीकृतियां मिलने में कितना समय लगेगा। ये ऑनलाइन हैं या इनके लिए विभाग-विभाग चक्कर लगाना होगा। सिंगल विंडो सिस्टम है कि नहीं? सरकार कौन-कौन सी रियायतें दे रही है। इन्वेस्टर के मन में सबसे बड़ा डर ये होता है कि आज जिस नीति के तहत सहूलियत मिली हैं, कल को दूसरी सरकार आने पर वह नीति बदल देती है तो उसको वह सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। इससे लोग बहुत घबराते हैं। ऐसा उत्तर प्रदेश में ही नहीं, कई अन्य प्रदेशों में भी हुआ है कि एक सरकार ने किसी विशेष नीति के तहत निवेशकों को कुछ रियायतें देकर इन्वेस्टमेंट कराया। बाद में दूसरी सरकार ने वह सुविधाएं रोक दी। निवेशक कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाते रह गए। ये समस्या अत्यधिक गंभीर है।</p>
<p><strong>प्रश्न : आपने कई सरकारों में कार्य किया है, आप वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया की कार्यशैली को कैसे देखते हैं? </strong><br />
<strong>उत्तर :</strong> जब से उत्तर प्रदेश में वर्तमान सरकार आई है, वह प्रदेश के विकास के लिए नित नए कदम उठा रही है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश अनुकूल नीतियों को लागू करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू किया जा रहा है। इन्वेस्टर समिट-2018 में हुए 4.68 लाख करोड़ रुपये के एमओयू और ग्राउंड बे्रकिंग सेरेमनी के दोनों संस्करणों के माध्यम से इसमें से आधे से अधिक निवेश को जमीन पर उतारना प्रदेश के विकास को और आगे ले जाएगा। उत्तर प्रदेश में पहली बार आयोजित हुए डिफेंस एक्सपो से रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में नई उम्मीदें जगी हैं।</p>
<p><strong>प्रश्न : वैश्विक महामारी के इस दौर में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों को आप कैसे देखते हैं?</strong><br />
<strong>उत्तर :</strong> नि:संदेह उत्तर प्रदेश सरकार के नेतृत्व ने कर्मयोग का अनुकरणीय उदाहरण देश ही नहीं विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया है। प्रवासी कामगारों की सुरक्षित घर वापसी हो या उनके भरण-पोषण की जिम्मेदारी। श्रमिकों की स्किल मैपिंग कराकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास हो या फिर प्रदेश के 25 करोड़ निवासियों को चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराने की पहल, इन सभी में उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार का प्रयास प्रसंशनीय एवं अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है।</p>
<p><strong>प्रश्न : औद्योगिक निवेश के महाकुंभ इन्वेस्टर समिट-2018 को कैसे देखते हैं?</strong><br />
<strong>उत्तर :</strong> सरकार ने 4.68 लाख करोड़ के एमओयू किए हैं। अब उसकी सही स्थिति के लिए प्रशासनिक अमले को निर्णय लेना पड़ेगा। शीघ्रता से एक-एक एमओयू को अप्रूव करना होगा। तब ये पूरा इन्वेस्टमेंट धरातल पर उतरेगा। अगर ये फाइलें एक विभाग से दूसरे विभाग जाती रहेंगी। अनिर्णय की स्थिति होगी, तो ये फाइलों पर ही लम्बा चलता रहेगा। मैंने अपने प्रशासनिक अनुभव में देखा है कि नई पॉलिसी के बाद जब कोई प्रपोजल आता है तो विभाग अपनी-अपनी आपत्तियां करना शुरू कर देते हैं। वित्त विभाग अपनी बात कहता है, कोई दूसरा विभाग अपनी। ऐसी स्थितियों में त्वरित और प्रभावी निर्णयों से ही यह पूरा इन्वेस्टमेंट जमीन पर उतरेगा। एमओयू होना तो बहुत आसान है। पर, उनको जमीन पर उतारना उतना ही मुश्किल। ऐसे में एक समेकित निर्णय लेने की आवश्यकता होती है।</p>
<p><strong>प्रश्न : स्माल इंडस्ट्रीज मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन में आपकी नई भूमिका क्या है? </strong><br />
<strong>उत्तर :</strong> ये मेरा सौभाग्य है कि प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों के लिए कार्य करने वाले औद्योगिक संगठन स्माल इंडस्ट्रीज मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (सीमा) ने मुझे अपना चीफ पैटर्न बनाया है। मेरा इसमें ये रोल रहेगा कि इनको मार्गदर्शन देता रहूं। सलाह देता रहूं। किस प्रकार उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाए। खासतौर से लघु उद्योगों को। किस प्रकार सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ इन लघु उद्योगों तक पहुंचाया जाय? और विभिन्न औद्योगिक समस्याओं का समाधान कराने के लिए उन्हें सरकार तक पहुंचाया जाए। एक तरीके से हम पुल का काम करेंगे।</p>
<p><strong>प्रश्न : उप्र में अधिक से अधिक निवेश आए इसके लिए कोई सुझाव? </strong><br />
<strong>उत्तर :</strong> निवेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक पूरी प्रक्रिया त्वरित गति से पूरी करनी होगी। इसके लिए प्रशासनिक क्षमता, दक्षता व इच्छाशक्ति की अत्यधिक आवश्यकता है।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/highest-decision-making-capability-required-alok-ranjan/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>उनके लिए जन्मदिन भी रोज जैसा ही एक दिन, नाथ पंथ में दीक्षित योगी नहीं रखते पूर्वजन्म से नाता</title>
		<link>http://businesslinknews.com/for-him-birthday-is-the-same-day-as-everyday-dixit-yogi-in-nath-cult-does-not-have-relationship-with-past-birth/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/for-him-birthday-is-the-same-day-as-everyday-dixit-yogi-in-nath-cult-does-not-have-relationship-with-past-birth/#comments</comments>
		<pubDate>Fri, 05 Jun 2020 20:34:49 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[गोरक्षपीठाधीश्वर]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=21488</guid>
		<description><![CDATA[48 के हुए गोरक्षपीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ। गोरक्षपीठाधीश्वर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 48 साल के हो गये। उनका जन्म 5 जून 1972 को उत्तर प्रदेश अब उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गांव में हुआ। उनके पिता आनन्द सिंह बिष्ट वन विभाग में रेंजर थे। माता सावित्री देवी &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>48 के हुए गोरक्षपीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ</strong></li>
</ul>
<figure id="attachment_21287" style="width: 67px;" class="wp-caption alignleft"><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/girish-ji.jpeg"><img class="  wp-image-21287" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/girish-ji.jpeg" alt="girish ji" width="67" height="98" /></a><figcaption class="wp-caption-text"><strong>गिरीश पांडेय</strong></figcaption></figure>
<p><strong>लखनऊ।</strong> गोरक्षपीठाधीश्वर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 48 साल के हो गये। उनका जन्म 5 जून 1972 को उत्तर प्रदेश अब उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गांव में हुआ। उनके पिता आनन्द सिंह बिष्ट वन विभाग में रेंजर थे। माता सावित्री देवी सामान्य गृहिणी थीं।</p>
<p>हालांकि वह नाथ पंथ में दीक्षित हैं। माना जाता है कि दीक्षा के बाद सन्यासी का पुर्नजन्म होता है। लिहाजा उसका पहले के जन्म से कोई नाता नहीं होता। ऐसे में योगीजी खुद अपना जन्म दिन नहीं मनाते। अलबत्ता उनके लाखों प्रशंसक उन्हें शुभकामनाएं जरूर देते हैं। पर उनके लिए यह कभी कोई खास दिन नहीं रहा। इस दिन भी उनकी दिनचर्या रुटीन की ही रहा करती रही है। बतौर सांसद और अब मुख्यमंत्री के रूप में भी।</p>
<p>इस बार तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने ट्वीटर के माध्यम से लिखा है कि ‘‘यूपी के मेहनती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं। उनके नेतृत्व में राज्य हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है। राज्य के लोगों के जीवन में बड़ा सुधार आया है। भगवान उन्हें लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन दे।</p>
<p>उधर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने गुरू ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को याद करते हुए लिखा है कि ‘‘गगन मंडल मैं ऊंधा कूबा तहां अमृत का बासा। सगुरा होइ सु भरि-भरि पीवै निगुरा जाइ पियासा। गोरखबानी शिवावतारी गुरु श्री गोरक्षनाथ जी के चरणों में सादर प्रणाम। महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ जी अपनी कृपा से समस्त संसार को अभिसिंचित करें, सबका कल्याण करें।</p>
<p>मालूम हो कि योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर स्थित गोरक्षपीठ के महन्त भी हैं। इन्होंने 19 मार्च 2017 को प्रदेश के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद यूपी के 21वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।</p>
<p>सांसद और मुख्यमंत्री के रूप में उनके नाम कई रिकॉर्ड हैं। मसलन जब वह पहली बार सांसद बने तो सबसे कम उम्र के सांसद थे। अपने समय में वह देश के उन चुनिंदा सांसदों में थे जो सर्वाधिक सत्र अटेंड करते थे। फेम इंडिया के हालिया सर्वे में उनको प्रधानमंत्री के बाद देश के सर्वाधिक लोकप्रिय लोगों में रखा गया। इसके पहले भी इंडिया टूडे ने अपने सर्वे में उनको देश के सबसे रसूखदार लोगों में शामिल किया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी अगुआई में लगभग हर क्षेत्र में रिकॉर्ड बने हैं।</p>
<p>दरअसल वह विजनरी हैं। अपने विजन को अमली जामा पहनाने के लिए वह दिन-रात मेहनत करते हैं। उनकी डिक्सनरी में में ना नाम का शब्द है ही नहीं। लिहाजा वह हर चुनौती को अवसर मानते हैं। और चुनौती मिलते ही उसे अवसर में बदलने के लिए पूरी ताकत से जी जान से जुट जाते हैं। कोरोना का अभूतपूर्व संकट भी इसका अपवाद नहीं रहा।</p>
<p>उनके लिए राजधर्म सर्वोपरि रहा है। हाल ही में अपने पिता के अंतिम संस्कार में जाने की बजाय प्रदेश की 23 करोड़ जनता के व्यापक हित को सर्वोपरि रखा। वह मिथक तोडऩे में यकीन रखते हैं। बार-बार नोएडा जाकर उन्होंने इसे साबित भी किया। इसी तरह जिस अयोध्या और राम मंदिर के नाम से कई मुख्यमंत्रियों को करंट लगता था, उससे उन्होंने अपने लगाव को मुख्यमंत्री बनने के बाद भी जारी रखा। अयोध्या का नियमित दौरा इसका सबूत है।</p>
<p>प्रकृति के प्रति उनका अनुराग अनुपम है। यह उनको अपने विरासत और परिवेश से मिला है। इसकी वजह शायद प्राकृतिक रूप से बेहद संपन्न देवभूमि उत्तराखंड से उनका ताल्लुक और वन विभाग में नौकरी (रेंजर) करने वाले स्वर्गीय पिता हैं। इस प्रेम का विस्तार बच्चों, जानवरों और गायों तक हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके निर्देश एवं निजी रुचि से हर साल पौधरोपण का रिकॉर्ड बना। गोरखनाथ मंदिर परिसर की हरियाली में और इजाफा हुआ।</p>
<p>‘योगी आदित्यनाथ ने 1998 से 2017 तक गोरखपुर संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व किया। वह ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ के उत्तराधिकारी और योग्य गुरु के योग्तम गुरु हैं।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/for-him-birthday-is-the-same-day-as-everyday-dixit-yogi-in-nath-cult-does-not-have-relationship-with-past-birth/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>श्रमिकों पर कांग्रेस का स्वांग</title>
		<link>http://businesslinknews.com/congress-disguise-over-workers/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/congress-disguise-over-workers/#comments</comments>
		<pubDate>Wed, 20 May 2020 20:56:00 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीती प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[विचार मंच]]></category>
		<category><![CDATA[प्रियंका गांधी]]></category>
		<category><![CDATA[योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[श्रमिक]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=21429</guid>
		<description><![CDATA[श्रमिकों की घर वापसी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गम्भीरता से प्रयास करते रहे है। इस सम्बंध में उनकी कार्ययोजना व्यापक हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी। इसमें श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने के साथ ही उनके स्वास्थ्य, कोरोना जांच, इलाज, आवश्यकता के अनुसार क्वारण्टान, भोजन, पानी,आदि को शामिल किया गया था। इसमें &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<figure id="attachment_21267" style="width: 109px;" class="wp-caption alignleft"><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/ddddddd.jpg"><img class="  wp-image-21267" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/ddddddd.jpg" alt="ddddddd" width="109" height="172" /></a><figcaption class="wp-caption-text"><strong>डॉ दिलीप अग्निहोत्री</strong></figcaption></figure>
<p>श्रमिकों की घर वापसी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गम्भीरता से प्रयास करते रहे है। इस सम्बंध में उनकी कार्ययोजना व्यापक हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी। इसमें श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने के साथ ही उनके स्वास्थ्य, कोरोना जांच, इलाज, आवश्यकता के अनुसार क्वारण्टान, भोजन, पानी,आदि को शामिल किया गया था। इसमें उन गांवों का भी ध्यान रखा गया था, जहां इन श्रमिकों को पहुंचना था।</p>
<p>योगी की मंशा थी कि गांवों को भी कोरोना से सुरक्षित रखा जाए। इस व्यापक योजना के अंतर्गत योगी सरकार ने लाखों श्रमिकों को गंतव्य तक पहुंचाया है। यह सही है कि दिल्ली, पंजाब, राजस्थान,महाराष्ट्र से अप्रत्याशित रूप से हुए बड़े पलायन से समस्या बढ़ी है। इससे कोरोना से बचाव का इंतजाम करते हुए श्रमिकों को गंतव्य तक पहुंचाने में बाधा आई है। दूसरे राज्यों से ट्राको में भरकर लोग आने लगे, यह कोरोना के मद्देनजर गम्भीर समस्या था। श्रमिकों की व्यथा सही है। लेकिन जिन राज्यों से उनका पलायन हो रहा था,वहां की सरकारें भी जबाबदेह है।</p>
<p>वह कोरोना नियमों का पालन करते हुए इन श्रमिकों को क्रमशः बसों से भेजती तो यह नौबत ना आती, इन सरकारों ने उत्तर प्रदेश के श्रमिकों का जीवन खतरे में डाला है। इसके साथ ही हजारों गांवों में भी कोरोना की रोकथाम को कठीन बनाया है। योगी आदित्यनाथ का प्रियंका गांधी से प्रश्न बिल्कुल सटीक था। चार सवाल पूछे थे। योगी ने पूंछा था कि आप एक हजार बसें चलवाना चाहती हैं,तो कांग्रेस शासित राज्यों से यूपी के श्रमिक पैदल क्यों आ रहे हैं। इतना ही नहीं पंजाब व राजस्थान से ट्राको में भरकर श्रमिक आ रहे थे। योगी ने कहा कि क्या कांग्रेस औरैया दुर्घटना की जिम्मेदारी लेगी। उनका आरोप था कि कांग्रेस श्रमिकों की सहायता का स्वांग कर है।</p>
<p>योगी ने यह आरोप एक दिन पहले लगाया था। प्रियंका गांधी के कार्यालय ने जो एक हजार बसों की सूची भेजी उससे योगी का आरोप ही प्रमाणित हो गया। प्रियंका द्वारा भेजी गई बसों की सूची में स्कूटर,आटो रिक्शा और तिपहिया वाहनों के साथ एंबुलेंस का नंबर शामिल है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि प्रियंका गांधी द्वारा भेजी गई सूची में जिन वाहनों के नंबर दिए गए हैं,उसमें अधिकांश ब्लैकलिस्टेड है। इस सूची में स्कूटर,आटो रिक्शा और तिपहिया वाहनों तक के नंबर शामिल हैं।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी मजदूरों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। कोरोना के संकटकाल में ओछी राजनीति करने की बजाए कांग्रेस को सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों में सहयोग करना चाहिए।प्रियंका गांधी की पहल से लगा था कि कांग्रेस दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग करना चाहती है। प्रियंका गांधी ने श्रमिकों के लिए योगी सरकार से एक हजार बसें चलाने के लिये इजाजत मांगी थी। लेकिन प्रश्न तब भी उठा था कि वह एक हजार बसें पंजाब,दिल्ली, राजस्थान को क्यों नहीं दे रही है। जहां से श्रमिक पलायन कर रहे थे।</p>
<p>योगी सरकार ने भी उदारता से सहयोग की पेशकश स्वीकार की। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी कांग्रेस से बसों की सूची मांगी थी। पहले ये बसें लखनऊ मंगाई गई थी। कहा गया था कि सभी बसों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, परिचालकों के परिचय पत्र और बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र जिलाधिकारी लखनऊ को सौंप दें। इसी के साथ उनको अनुमति पत्र दे दिए जाएंगे। कांग्रेस की सुविधा को देखते हुए अवनीश अवस्थी ने दुबारा लिखा कि आप लखनऊ में बसें देने में असमर्थ हैं इसलिये पांच सौ बसें गाजियाबाद में उपलब्ध करा दें। बसों से जुड़ी सारी जानकारी जिलाधिकारी गाजियाबाद को दें। लेकिन इसी बीच सूची की गड़बड़ी उजागर हो गई।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/congress-disguise-over-workers/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>&#8216;सीमा&#8217; के मुख्य संरक्षक बनें पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन</title>
		<link>http://businesslinknews.com/former-chief-secretary-alok-ranjan-becomes-the-chief-patron-of-seema/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/former-chief-secretary-alok-ranjan-becomes-the-chief-patron-of-seema/#comments</comments>
		<pubDate>Wed, 20 May 2020 20:47:21 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[इंडस्ट्री]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्य संरक्षक]]></category>
		<category><![CDATA[सीमा]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=21426</guid>
		<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव ने दी स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चर्रस एसोसिएशन, सीमा से जुडऩे की स्वीकृति कुटीर एवं लघु उद्योगों के उत्थान में &#8216;सीमा&#8217; अब पहले से और अधिक प्रभावी भूमिका निभायेगा : शैलेन्द्र श्रीवास्तव बिजनेस लिंक ब्यूरो लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चर्रस एसोसिएशन, सीमा के मुख्य संरक्षक &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव ने दी स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चर्रस एसोसिएशन, सीमा से जुडऩे की स्वीकृति</strong></li>
<li><strong> कुटीर एवं लघु उद्योगों के उत्थान में &#8216;सीमा&#8217; अब पहले से और अधिक प्रभावी भूमिका निभायेगा : शैलेन्द्र श्रीवास्तव</strong></li>
</ul>
<p><strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/alok-ranjan.jpg"><img class=" size-full wp-image-21427 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/alok-ranjan.jpg" alt="alok ranjan" width="258" height="264" /></a>बिजनेस लिंक ब्यूरो</strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चर्रस एसोसिएशन, सीमा के मुख्य संरक्षक के रूप में संगठन से जुड़े हैं। पूर्व मुख्य सचिव की स्वीकृति मिलने के बाद एसोसिएशन के सदस्यों और पदाधिकारियों में खुशी और उत्साह की लहर है।</p>
<p>सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के उत्थान के लिये प्रयत्नशील स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चर्रस एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि उत् तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव का मुख्य संरक्षक बनने से एसोसिएशन अब और प्रभावी रूप से कार्य कर सकेगा। संगठन के सदस्य औद्योगिक इकाईयों सहित प्रदेश सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग की विभिन्न समस्याओं को दूर करने में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन जी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।</p>
<p>उन्होंने बताया उनके लम्बे प्रशासनिक अनुभव से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का उत्थान करने वाली विभिन्न योजनायें, कार्यक्रम और नीतियों आदि से देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इस क्षेत्र के उत्थान में क्रान्तिकारी परिवर्तन देखने को मिलेंगे।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/former-chief-secretary-alok-ranjan-becomes-the-chief-patron-of-seema/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>36 हजार रोजगार सेवकों की समस्याओं का हुआ समाधान, योगी ने जारी की 225 करोड़ की धनराशि</title>
		<link>http://businesslinknews.com/yogi-released-a-sum-of-225-crore-for-the-problems-of-36-thousand-employment-servants/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/yogi-released-a-sum-of-225-crore-for-the-problems-of-36-thousand-employment-servants/#comments</comments>
		<pubDate>Tue, 12 May 2020 08:59:03 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[इंडस्ट्री]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीती प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[ग्राम्य विकास विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[रोजगार]]></category>
		<category><![CDATA[रोजगार सेवक]]></category>
		<category><![CDATA[लघु और मध्यम उद्यम]]></category>
		<category><![CDATA[सूक्ष्म]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=21343</guid>
		<description><![CDATA[बोले मुख्यमंत्री, ऐसे रोजगारों की संभावनाओं को आगे बढ़ाएं जो उत्तर प्रदेश के नागरिकों के प्रत्येक हाथ को रोजगार दिला सके मुख्यमंत्री ने करीब 36 हज़ार रोजगार सेवकों के खाते में उनके मानदेय की धनराशि डीबीटी के माध्यम से की ट्रांसफर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में नया अध्याय जोडऩे के लिये प्रतिदिन 50 लाख लोगों को &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>बोले मुख्यमंत्री, ऐसे रोजगारों की संभावनाओं को आगे बढ़ाएं जो उत्तर प्रदेश के नागरिकों के प्रत्येक हाथ को रोजगार दिला सके</strong></li>
<li><strong>मुख्यमंत्री ने करीब 36 हज़ार रोजगार सेवकों के खाते में उनके मानदेय की धनराशि डीबीटी के माध्यम से की ट्रांसफर</strong></li>
<li><strong>प्रदेश की अर्थव्यवस्था में नया अध्याय जोडऩे के लिये प्रतिदिन 50 लाख लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार से जोडऩे का प्रयास तेज </strong></li>
<li><strong>ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा रोजगार सृजन का एक बड़ा माध्यम बनेगा : मुख्यमंत्री</strong></li>
</ul>
<p><strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/DBT.jpeg"><img class="  wp-image-21345 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/DBT.jpeg" alt="DBT" width="386" height="297" /></a>बिजनेस लिंक ब्यूरो </strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश के अंदर इस महीने के अंत तक हम लगभग एक करोड़ से अधिक उन रोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाएं जो प्रदेश के हर नागरिक के प्रत्येक हाथ को रोजगार दे सके। उन्होंने कहा कि 23 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में हमारा प्रयास होना चाहिए कि मई के अंत तक हम प्रतिदिन 50 लाख लोगों को रोजगार दे सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ा कार्य है कि हम अधिक से अधिक लोगों को रोज़गार उपलब्ध करवाएं और ऐसा तब ही संभव हो पाएगा, जब प्रत्येक रोजगार सेवक पूरी मज़बूती के साथ अपने उत्तरदायित्वों का निर्वाहन करेगा।</p>
<p>सीएम योगी ने मंगलवार को लोक भवन स्थित अपने कार्यालय में बैठक के दौरान करीब 36 हज़ार रोजगार सेवकों के खाते में उनके मानदेय की धनराशि ट्रांसफर की। सीएम योगी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से ग्राम रोजगार सेवकों को 225 करोड़ 39 लाख रुपए की धनराशि का भुगतान किया। इसके साथ ही एक दर्जन से अधिक लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात भी की। कन्नौज, वाराणसी, गोरखपुर हरदोई और प्रतापगढ़ के रोजार सेवकों के साथ वार्ता के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनको प्रोत्साहित किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि ग्राम्य विकास विभाग ने रोज़गार सेवकों से जुड़ी हुई समस्याओं का समाधान किया है। ये समस्याएं नवंबर 2016 से ये समस्याएं लंबित थीं। उन्होंने कहा कि रोज़गार सृजन के बड़े माध्यम हमारे बीच में ही मौजूद हैं, केवल संभावनाओं को तलाशने की आश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रवासी कामगार और श्रमिकों को विभिन्न स्थानों पर उनकी स्किल के अनुरूप रोज़गार देने की व्यवस्था उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में संभव है। इस क्रम में हमने नीतियां बनाई हैं। कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए हमने रोड मैप तैयार किया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, एमएसएमई सेक्टर में लाखों लोगों को रोज़गार मुहैया कराया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा रोज़गार सृजन का एक बड़ा माध्यम बन सकता है। उन्होंने कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रतिदिन 50 लाख लोग प्रदेश में मनरेगा के रोज़गार के साथ जुड़ें। ऐसा करने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नया बाल मिलेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग प्रतिवर्ष बेसिक शिक्षा परिषद में 1 करोड़ 80 लाख से अधिक बच्चों की यूनिफॉर्म और स्वेटर बनाते हैं,यह यूनिफॉर्म और स्वेटर बनाने का काम हम महिला स्वयंसेवी समूहों को दे सकते हैं। ऐसे कई कार्यों के लिए हम लोगों और महिला स्वयं सेवी समूहों को प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज से हमारे लोन मेला प्रारंभ हो रहे हैं। बैंकों में भीड़ नहीं लगेगी, ऑनलाइन व्यवस्था से काम होगा। इस व्यवस्था को हम मजबूती के साथ आगे बढ़ने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग विभिन्न स्थानों पर नए-नए रोजगार और नई नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकते हैं।</p>
<p>इस दौरान सीएम योगी के साथ ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह आदि अधिकारीगण मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/yogi-released-a-sum-of-225-crore-for-the-problems-of-36-thousand-employment-servants/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>कोरोना के कारण चख नहीं पाए आमों का स्वाद</title>
		<link>http://businesslinknews.com/the-taste-of-mangoes-did-not-taste-due-to-corona/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/the-taste-of-mangoes-did-not-taste-due-to-corona/#comments</comments>
		<pubDate>Sat, 09 May 2020 13:58:10 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[विचार मंच]]></category>
		<category><![CDATA[आंध्र प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[कर्नाटक]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
		<category><![CDATA[गुजरात]]></category>
		<category><![CDATA[दशहरी]]></category>
		<category><![CDATA[बंगनापल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[मलिहाबाद]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[स्वर्णरेखा]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=21326</guid>
		<description><![CDATA[दक्षिण भारतीय आम की किस्में के साथ दशहरी भी देने लगी है दस्तक लखनऊ&#124; उत्तर भारतीय आमों का सीजन अभी शुरू नहीं हुआ, लेकिन दक्षिण भारतीय आम आकर अपना पैर जमाने लगे हैं&#124; ऐसा आमतौर पर हर साल होता है कि आंध्र प्रदेश का बंगनापल्ली जिसे सफेदा भी कहते हैं मार्केट में मार्च अप्रैल मे ही आने &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>दक्षिण भारतीय आम की किस्में के साथ दशहरी भी देने लगी है दस्तक</strong></li>
</ul>
<figure id="attachment_21327" style="width: 142px;" class="wp-caption alignleft"><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/shailendra-ranjan.jpg"><img class="  wp-image-21327" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/shailendra-ranjan.jpg" alt="shailendra ranjan" width="142" height="142" /></a><figcaption class="wp-caption-text"><strong>डॉ. शैलेंद्र राजन</strong></figcaption></figure>
<p><strong>लखनऊ| </strong>उत्तर भारतीय आमों का सीजन अभी शुरू नहीं हुआ, लेकिन दक्षिण भारतीय आम आकर अपना पैर जमाने लगे हैं| ऐसा आमतौर पर हर साल होता है कि आंध्र प्रदेश का बंगनापल्ली जिसे सफेदा भी कहते हैं मार्केट में मार्च अप्रैल मे ही आने लगता है और मिल्क शेक और दूसरे व्यंजनों में लोग इसका इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं | अधिक लाभ कमाने के चक्कर में दक्षिण भारत के किसान इसे बहुत जल्दी तोड़ देते हैं और गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देते हैं| फलस्वरूप, फलों को खाने के बजाय आम के स्वाद का स्वाद लेने के लिए लोग इसे मिल्कशेक और दूसरे व्यंजनों में मिलाकर प्रयोग में लाते हैं, धीरे-धीरे समय के साथ सफेदा आम भी गुणवत्ता वाला हो जाता है| देखने में तो आकर्षक है और फलों के टिकाऊ होने के कारण काफी दिनों तक रखा जा सकता है|</p>
<p style="font-weight: 400">इस वर्ष कोरोना के कारण उत्तर भारतीय बाजारों में आम की मांग कम तो थी ही, साथ ही साथ दक्षिण भारत के बागों में आम की पैदावार भी कम थी| आंध्र प्रदेश में तो कई स्थानो पर कुल उत्पादन का केवल 25% ही आम था| इन दोनों कारणों से उत्तर भारतीयों को दक्षिण भारतीय आमों को ठीक से चखने का मौका नहीं मिला| कोरोना वायरस के डर के मारे आम खाने की किसको फुर्सत थी| अब थोड़ा लोग संभले हैं तो आम भी अपने पैर बाज़ार मे जमाने लगा है| कुछ ही दिनों में आम के ठेले गलियों में दिखने लगेंगे|</p>
<p style="font-weight: 400">बंगनापल्ली के अतिरिक्त, मार्केट में बहुत ही आकर्षक लाल रंग के कारण स्वर्णरेखा आम की भी काफी मांग रहती है| देखने में यह आम खूबसूरत है परंतु स्वाद रंग रूप के अनुरूप नहीं होता है| यह आम लखनऊ और दिल्ली के मार्केट में काफी मात्रा में आ चुका है| आंध्र प्रदेश तथा उड़ीसा के दक्षिणी भारत भागों से स्वर्णरेखा और बंगापल्ली दोनों की ही आवक उत्तर भारत के मार्केट में हर साल लगभग तय है| उत्तर भारतीयों को दशहरी के मुकाबले दूर से दर्जे का स्वाद रखने वाले इन आमों को खाकर ही काम चलाना पड़ता है|</p>
<p style="font-weight: 400">दशहरी, जिसका उत्तर भारत में ही दबदबा नहीं वरन इसे कई दक्षिण भारतीय किसानों ने भी उगाना शुरू कर दिया है| आंध्र प्रदेश में दशहरी की खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है| संस्थान से हजारों पौधे किसानों को वहां पर उपलब्ध कराएं हें | हालांकि, दशहरी का असली रंग रूप वहां देखने को नहीं मिलता है लेकिन फिर भी दशहरी का स्वाद तो दशहरी का ही है| आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और अन्य स्थानों पर दशहरी उगाने का मुख्य कारण इस किस्म की कई खासियत है| यद्यपि यहां पर दशहरी का आकार लखनऊ के मुकाबले बहुत छोटा होता है परंतु स्वाद में काफी समानता एवं लोगों में बढ़ती इसकी लोकप्रियता के कारण किसानो ने नए बागों में लगाना प्रारंभ कर दिया है| दशहरी  की उपज इन प्रदेशों में काफी अच्छी है जिसके कारण किसान उससे संतुष्ट है|</p>
<p style="font-weight: 400">आंध्र प्रदेश में उत्पादित दशहरी पकने लगी है और उसका दिल्ली मार्केट लखनऊ के फलों से पहले आ जाना स्वाभाविक है| आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा एवं गुजरात के बहुत से क्षेत्रों में दशहरी का उत्पादन होना शुरू हो गया है और यह सभी स्थान मार्केट में मई के पहले पखवाड़े में ही दशहरी उपलब्ध कराने की सामर्थ रखते हैं| आमतौर पर मलिहाबाद के किसान इस बात से आशंकित रहते हैं कि दशहरी उनके बाजार पर कब्जा ना जमाले| दक्षिण भारत का दशहरी उनके लिए एक अच्छा प्लेटफार्म तैयार करने की कोशिश कर रहा है| उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त कई प्रेदेशों में दशहरी के पैदा होने पर लोग उसके स्वाद से परिचित हो चुके हैं| इसका लाभ उत्तर भारत के असली दशहरी उत्पादकों को मिल सकता है, क्योंकि जब बेहतरीन दशहरी उत्तर भारत से वहां पहुंचेगा तो उसको वहाँ के बाज़ार में पैर जमाने में कोई कठिनाई नहीं होगी|</p>
<p style="font-weight: 400">अभी तक देखा गया है कि दक्षिण भारतीय किसमें ही उत्तर भारत में ज्यादा लाभ कम आती हैं| सीजन के शुरुआत में मार्केट में आए आम को महंगे दाम पर भी खरीदने में किसी को कोई परेशानी नहीं होती है| ऐसा इसलिए है क्योंकि लगभग 1 साल बाद आम चखने का मौका कोई नहीं छोड़ना चाहता| जैसे ही उत्तर भारत के बागों में आम तैयार हो जाता है दक्षिण भारतीय क़िस्मों का फल आना बंद हो जाता हैं और कई बार ऐसा उनकी फसल खत्म हो जाने के कारण भी होता है|</p>
<p style="text-align: right"><strong><em>लेखक, केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा लखनऊ के निदेशक हैं।</em></strong></p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/the-taste-of-mangoes-did-not-taste-due-to-corona/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>हरियाणा से 12, 200 से अधिक श्रमिकों की हुई घर वापसी</title>
		<link>http://businesslinknews.com/more-than-12-200-workers-returned-home-from-haryana/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/more-than-12-200-workers-returned-home-from-haryana/#comments</comments>
		<pubDate>Mon, 27 Apr 2020 18:55:24 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[इंडस्ट्री]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीती प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[घर वापसी]]></category>
		<category><![CDATA[योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[श्रमिक]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=21228</guid>
		<description><![CDATA[बिज़नेस लिंक ब्यूरो लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद हरियाणा से अबतक 12,200 श्रमिकों को उत्तर प्रदेश लाया गया है। इस कार्य के लिए 328 बसों को लगाया गया। 26 अप्रैल को प्रदेश के चार बार्डर पर 9,992 श्रमिकों को लाया गया, जिसमें सहारनपुर के बार्डर पर 74, शामली के बार्डर पर 55, &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बिज़नेस लिंक ब्यूरो</strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद हरियाणा से अबतक 12,200 श्रमिकों को उत्तर प्रदेश लाया गया है। इस कार्य के लिए 328 बसों को लगाया गया। 26 अप्रैल को प्रदेश के चार बार्डर पर 9,992 श्रमिकों को लाया गया, जिसमें सहारनपुर के बार्डर पर 74, शामली के बार्डर पर 55, बागपत के बार्डर पर 47, मथुरा के बार्डर पर 63 और बुलंदशहर के बार्डर पर 89 बसें हरियाणा से श्रमिकों को लेकर पहुंची। इससे पूर्व 25 अप्रैल को 2,224 श्रमिकों को लाया गया था। घर वापसी करने वाले सभी श्रमिकों की मेडिकल जांच करा ली गई है। इसके बाद भी उन्हें 349 बसों के माध्यम से अपने अपने जिले के क्वारंटीन सेंटर में भेजा गया है जहां उन्हें 14 दिनों तक रहना होगा।</p>
<p>अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ही 18 जिलों में विशेष नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। सीएम योगी ने सोमवार को आगरा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, लखनऊ और वाराणसी में तैनात नोडल अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा कर उन्हें आवश्यक निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति पहले से बेहतर है। प्रदेश में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर संक्रमण और मृत्युदर अन्य राज्यों से बहुत बेहतर है।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/more-than-12-200-workers-returned-home-from-haryana/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
	</channel>
</rss>
