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	<title>Business Link &#187; कोरोना</title>
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		<title>दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू और ऑड-ईवन का नियम खत्म</title>
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		<pubDate>Thu, 27 Jan 2022 19:16:44 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
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		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना]]></category>
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		<category><![CDATA[दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण]]></category>

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		<description><![CDATA[दिल्ली में कोरोना नियमों को लेकर हुई डीडीएमए की समीक्षा बैठक में वीकेंड कर्फ्यू, बाजारों के लिए ऑड-ईवन नियम खत्म करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में मौजूद सूत्रों के हवाले से ये भी खबर है कि दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू तो खत्म कर दिया गया है लेकिन नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा। दिल्ली में &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली में कोरोना नियमों को लेकर हुई डीडीएमए की समीक्षा बैठक में वीकेंड कर्फ्यू, बाजारों के लिए ऑड-ईवन नियम खत्म करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में मौजूद सूत्रों के हवाले से ये भी खबर है कि दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू तो खत्म कर दिया गया है लेकिन नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा।</p>
<p>दिल्ली में लगातार घटते कोरोना के मामले और कम होती संक्रमण दर को ध्यान में रखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में ये फैसले लिए गए हैं जिनका जल्द ही औपचारिक एलान हो जाएगा। डीडीएमए की इस बैठक की अध्यक्षता दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने की।</p>
<p><strong>बैठक में इन नियमों में ढील देने की है सूचना</strong><br />
स्कूल व अन्य शिक्षण संस्थान अभी बंद रहेंगे, इन पर डीडीएमए की अगली बैठक में होगा फैसला।<br />
नाइट कर्फ्यू रहेगा बरकरार।<br />
ऑड-ईवन नियम खत्म होंगे।<br />
शादी समारोह में भी 200 लोगों के शामिल होने पर छूट मिलेगी। अभी सिर्फ 15 लोगों के शामिल होने की अनुमति है।<br />
बार और रेस्टोरेंट 50 प्रतिशत सीट क्षमता के साथ खुल सकेंगे।<br />
50 प्रतिशत क्षमता के साथ सिनेमा हॉल खुलेंगे। अभी सिनेमा हॉल पूरी तरह से बंद हैं।<br />
दिल्ली के सरकारी ऑफिस 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेंगे<br />
कोविड संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी रहेगा।<br />
नियमों को सख्ती से लागू करवाया जाएगा।<br />
गौरतलब है कि दिल्ली में शुक्रवार रात 10.00 बजे से सोमवार सुबह 5.00 बजे तक का वीकेंड कर्फ्यू लगाया जाता था, जो अब नहीं लगेगा। लेकिन हर रोज रात 10.00 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक लगने वाला रात्रि कर्फ्यू जारी रहेगा।</p>
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		<title>उत्तर प्रदेश में अभी स्कूल खुलने के आसार कम</title>
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		<pubDate>Thu, 27 Jan 2022 18:52:07 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
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		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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		<category><![CDATA[कोरोना]]></category>
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		<description><![CDATA[कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश में अभी स्कूलों के शुरू होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। खबरों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार स्कूलों को खोलने की तारीख अब 15 फरवरी, 2022 तक बढ़ा सकती है। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। हालांकि, राज्य सरकार ने अब तक ऐसी &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p>कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश में अभी स्कूलों के शुरू होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। खबरों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार स्कूलों को खोलने की तारीख अब 15 फरवरी, 2022 तक बढ़ा सकती है। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। हालांकि, राज्य सरकार ने अब तक ऐसी कोई भी आधिकारिक सूचना नहीं जारी की है।</p>
<p>सरकार के फैसले के अनुसार राज्य में स्कूल 30 जनवरी से शुरू किए जाने हैं। इससे पहले स्कूलों को 23 जनवरी, 2022 से शुरू किया जाना था। हालांकि, राज्य में कोरोना और इसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों को देखते हुए तारीखों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बुधवार को राज्यभर से 10, 937 संक्रमितों की पुष्टि हुई है। वहीं, इस दौरान 17,074 मरीज ठीक भी हुए हैं। प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 80342 है।</p>
<p>एक ओर जहां उत्तर प्रदेश में स्कूलों को बंद रखने की खबर सामने आ रही है। वहीं, कई राज्य ऐसे भी है जहां स्कूलों को दोबारा से खोला जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने 24 जनवरी से राज्य में स्कूलों को खोलने के आदेश जारी कर दिए थे। वहीं, हरियाणा में भी 1 फरवरी से ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।</p>
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		<title>उत्तर प्रदेश में 25.34 करोड़ से अधिक कोविड टीकाकरण</title>
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		<pubDate>Thu, 27 Jan 2022 18:44:07 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
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		<description><![CDATA[पिछले 24 घंटों में 8901 नए कोरोना मरीज मिले, 20 की मौत उत्तर प्रदेश में 25 करोड़ 34 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण के साथ ही अब तक 98.58 फीसदी से ज्यादा वयस्क आबादी को टीके की पहली डोज लग चुकी है, जबकि 66.87 फीसदी लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है। 31 जनवरी तक &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>पिछले 24 घंटों में 8901 नए कोरोना मरीज मिले, 20 की मौत</strong></li>
</ul>
<p>उत्तर प्रदेश में 25 करोड़ 34 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण के साथ ही अब तक 98.58 फीसदी से ज्यादा वयस्क आबादी को टीके की पहली डोज लग चुकी है, जबकि 66.87 फीसदी लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है। 31 जनवरी तक 100 फीसदी लोगों को टीके की पहली डोज और 75 फीसदी पात्र नागरिकों को दूसरी डोज लगाने का हमारा लक्ष्य है।</p>
<p>यूपी में पिछले 24 घंटे में एक लाख 93 हजार 419 कोरोना टेस्ट किए गए, जिसमें 8901 नए मरीजों की पुष्टि हुई, जबकि 20 लोगों की मौत हो गई। इसी अवधि में 16,786 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 72 हजार 393 है। इनमें से 98 फीसदी से अधिक लोग मामूली लक्षणों के साथ घर पर ही स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।</p>
<p>स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह संक्रमण सामान्य फ्लू की तरह है। अतः इससे डरने की जरूरत नहीं, सतर्क-सावधान रहने की जरूरत है। लोगों को कोविड प्रोटोकॉल के पालन के लिए जागरूक किया जाए। सतर्कता-सावधानी बहुत जरूरी है।</p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि मतदान से पहले हर प्रदेशवासी को टीके का सुरक्षा कवर जरूर मिल जाए। यह स्थिति संतोषजनक है। टीकाकरण को और तेज किए जाने की जरूरत है। 15-17 आयु वर्ग के एक करोड़ 40 लाख 40 हजार किशोरों में से 85 लाख 21 हजार से अधिक यानी 61 फीसदी किशोरों ने टीका कवर प्राप्त कर लिया है। इसी प्रकार 31 जनवरी तक के लक्ष्य के अनुसार पात्र 73 प्रतिशत लोगों को प्री-कॉशन डोज भी मिल चुकी है।</p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के उद्देश्य से जारी विशेष सर्विलांस अभियान के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। इसे और प्रभावी बनाया जाए। निगरानी समितियां, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की टीम घर पर जाए तो सभी सदस्यों के स्वास्थ्य का हाल-चाल लें। कोई भी निःशुल्क मेडिकल किट से वंचित न रहे। दिव्यांग, निराश्रित और वृद्धजनों को घर बैठे चिकित्सा सहायता मुहैया कराई जाए। टीकाकरण से वंचित लोगों को चिन्हित कर तत्काल उन्हें टीकाकवर दिया जाए।</p>
<p>सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से अस्पताल में उपचाराधीन कोविड पॉजिटिव लोगों के परिजनों से नियमित अंतराल पर संवाद किया जाए। होम आइसोलेशन में स्वास्थ्य लाभ ले रहे लोगों से संवाद कर उन्हें मेडिकल परामर्श, दवाएं आदि मुहैया कराई जाए।</p>
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		<title>यूपी में 50 प्रतिशत कार्मिकों की उपस्थिति की व्यवस्था खत्म, दिव्यांग व गर्भवती महिलाओं को राहत</title>
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		<pubDate>Tue, 25 Jan 2022 18:22:19 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीती प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना]]></category>
		<category><![CDATA[कोविड-19]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>

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		<description><![CDATA[बिजनेस लिंक ब्यूरो कोविड की तीसरी लहर के प्रभाव में कमी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मियों की उपस्थिति की व्यवस्था समाप्त कर दी है। दिव्यांग कर्मचारियों और गर्भवती महिलाओं को छोड़कर अब सभी कार्मिकों को कार्यालय आना होगा। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने इस संबंध में &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बिजनेस लिंक ब्यूरो</strong></p>
<p>कोविड की तीसरी लहर के प्रभाव में कमी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मियों की उपस्थिति की व्यवस्था समाप्त कर दी है। दिव्यांग कर्मचारियों और गर्भवती महिलाओं को छोड़कर अब सभी कार्मिकों को कार्यालय आना होगा।</p>
<p>मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने इस संबंध में जारी आदेश में कहा है कि सभी सरकारी कार्यालयों में कार्यरत शारीरिक रूप से दिव्यांग कार्मिकों व गर्भवती महिलाओं को घर से कार्य करने के लिए अधिकृत किया जाए। वे इस दौरान अपने मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक साधनों के माध्यम से कार्यालय के संपर्क में रहेंगे। आवश्यकता होने पर उन्हें कार्यालय बुलाया जा सकेगा। शेष व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू रहेगी।</p>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड की तीसरी लहर में संक्रमितों की संख्या बढ़ने पर 13 जनवरी को सभी सरकारी कार्यालयों में समूह ख, ग व घ के कार्मिकों की उपस्थिति की रोस्टर व्यवस्था लागू की थी। ऑफिस में 50 फीसदी कार्मिकों की उपस्थिति जबकि बाकी को घर से कार्य की अनुमति दी गई थी।</p>
]]></content:encoded>
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		<title>दिल्ली-मुंबई में कोरोना के मामलों में गिरावट, डब्ल्यूएचओ ने किया आगाह</title>
		<link>http://businesslinknews.com/corona-cases-decline-in-delhi-mumbai-who-warns/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/corona-cases-decline-in-delhi-mumbai-who-warns/#comments</comments>
		<pubDate>Mon, 24 Jan 2022 19:05:58 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मेडिकल]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना]]></category>
		<category><![CDATA[कोविड-19]]></category>

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		<description><![CDATA[देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच दिल्ली-मुंबई से राहत भरी खबर आ रही है। दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 5,760 मामले आए हैं। 30 लोगों की मृत्यु हुई है और 45,140 सक्रिय मामले हैं। प्रदेश में पॉज़िटिविटी रेट घटकर 11.79% हो गई है। वहीं, मुंबई में पिछले 24 घंटों में &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p>देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच दिल्ली-मुंबई से राहत भरी खबर आ रही है। दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 5,760 मामले आए हैं। 30 लोगों की मृत्यु हुई है और 45,140 सक्रिय मामले हैं। प्रदेश में पॉज़िटिविटी रेट घटकर 11.79% हो गई है। वहीं, मुंबई में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 1,857 नए मामले सामने आए, 503 रिकवरी हुईं और 11 लोगों की कोरोना से मौत हुई।</p>
<p><strong>कोरोना का मुआवजा पीड़ित के परिजन का हक, इसमें देर न हो : हाईकोर्ट</strong><br />
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि मुआवजा कोरोना से मरने वालों के परिजनों का हक है। उन्हें इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने कहा कि डाक या व्यक्तिगत तौर पर दायर किए गए मुआवजे के दावों को खारिज या उसमें देरी क्यों की जा रही है। पीठ ने कहा कि मुआवजा देने में देरी नहीं होनी चाहिए।</p>
<p><strong>दुनिया में कोरोना संक्रमण का कहर लगातार जारी</strong><br />
ब्रुसेल्स में कोरोना और उसके नए स्वरूप ओमिक्रॉन से बचाव के लिए लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इसे लेकर हुई हिंसक झड़प में तीन पुलिसकर्मी और 12 प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं। इस बीच दुनिया में 22.27 लाख नए मामलों के साथ अमेरिका और फ्रांस में संक्रमण में कुछ गिरावट दर्ज की गई। दुनियाभर में कोरोना को लेकर पिछले एक दिन में 4,831 लोगों की मौत भी हुई है।</p>
<p>नए संक्रमितों में फ्रांस तीन लाख नए मरीजों के साथ दूसरे नंबर पर और अमेरिका 1.97 लाख नए मरीजों के साथ तीसरे नंबर पर रहा। अमेरिका और फ्रांस में पिछले एक दिन में रोजाना आने वाले नए मामलों को लेकर यह गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, अमेरिका में संक्रमण से एक दिन में सर्वाधिक मौतें (574) हुईं जबकि फ्रांस में 115 लोगों ने जान गंवाई। अब तक 35.23 करोड़ लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं जबकि 56.15 ने अपनी जान गंवाई है।</p>
<p><strong>विश्व स्वास्थ्य संगठन ने किया आगाह</strong><br />
इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया है कि यह मान लेना खतरनाक होगा कि ओमिक्रॉन स्वरूप ही कोरोना का अंत है। हालांकि कुछ मुख्य लक्ष्य हासिल कर लिए जाएं तो महामारी का यह गंभीर दौर साल के अंत तक खत्म हो जाएगा।</p>
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		<item>
		<title>IRCTC की वेबसाइट ठप, उपभोक्ता नाराज</title>
		<link>http://businesslinknews.com/irctc-website-stalled-consumers-angry/</link>
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		<pubDate>Mon, 24 Jan 2022 18:30:11 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[रेल सेवा]]></category>
		<category><![CDATA[ऑनलाइन रेलवे टिकट बुकिंग]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना]]></category>
		<category><![CDATA[कोविड-19]]></category>

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		<description><![CDATA[देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन रेलवे टिकट बुकिंग वेबसाइट &#8216;IRCTC&#8217; पर लोग सोमवार को कई घंटे तक टिकट बुकिंग को लेकर परेशान रहे। कई यूजर्स ने ट्विटर पर टिकट बुक न हो पाने पर नाराजगी जाहिर की। हालांकि अब वेबसाइट पर फिर से टिकटों की बुकिंग शुरू हो गई है। ट्विटर पर यूजर्स के रिएक्शन &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p>देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन रेलवे टिकट बुकिंग वेबसाइट &#8216;IRCTC&#8217; पर लोग सोमवार को कई घंटे तक टिकट बुकिंग को लेकर परेशान रहे। कई यूजर्स ने ट्विटर पर टिकट बुक न हो पाने पर नाराजगी जाहिर की। हालांकि अब वेबसाइट पर फिर से टिकटों की बुकिंग शुरू हो गई है।</p>
<p>ट्विटर पर यूजर्स के रिएक्शन से पता चलता कि ऐप पर भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं IRCTC के ट्विटर हैंडल पर इससे जुड़ी कोई जानकारी नहीं शेयर की गई। यूजर्स ने बताया कि जब IRCTC की वेबसाइट खोली जा रही थी तो वहां मेसेज आ रहा था कि मेंटेनेंस एक्टिविटी की वजह से ई-टिकटिंग सेवा अभी उपलब्ध नहीं हैं, कुछ देर बाद कोशिश करें।</p>
<p>इसके अलावा टिकट कैंसल करने या टीडीआर फाइल करने के लिए ग्राहक सेवा नंबर 0755-6610661,0755-3934141 पर फोन करने या फिर etickets@irctc.co.in आईडी पर ईमेल करने की बात कही गई।<br />
स्रोत</p>
<p>https://www.aajtak.in/india/news/story/irctc-website-down-e-ticketing-services-not-available-indian-railways-ntc-1398795-2022-01-24</p>
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		<item>
		<title>देश के आर्थिक विकास में लघु उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका : आलोक रंजन</title>
		<link>http://businesslinknews.com/important-role-of-small-scale-industries-in-the-economic-development-of-the-country-alok-ranjan/</link>
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		<pubDate>Mon, 31 Aug 2020 08:53:38 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[इंडस्ट्री]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निमग]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना]]></category>
		<category><![CDATA[लॉकडाउन]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

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		<description><![CDATA[&#8216;सीमा&#8217; के मुख्य संरक्षक ने दी अंतरराष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस की बधाई  सरकार को लघु उद्योगों के लिए प्रभावी आर्थिक पैकेज लाना चाहिए : शैलेन्द्र मन की बात में पीएम का खिलौना उद्योग की बात करना लाखों लोगों की संजीवनी का काम करेगा : पंकज बिजनेस लिंक ब्यूरो लखनऊ। स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (सीमा) &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><em><strong>&#8216;सीमा&#8217; के मुख्य संरक्षक ने दी अंतरराष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस की बधाई </strong></em></p>
<p><em><strong> सरकार को लघु उद्योगों के लिए प्रभावी आर्थिक पैकेज लाना चाहिए : शैलेन्द्र</strong></em></p>
<p><em><strong>मन की बात में पीएम का खिलौना उद्योग की बात करना लाखों लोगों की संजीवनी का काम करेगा : पंकज</strong></em></p>
<p><strong>बिजनेस लिंक ब्यूरो</strong><br />
<strong>लखनऊ।</strong> स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (सीमा) के मुख्य संरक्षक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने अंतरराष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस (30 अगस्त) की बधाई दी है। इस बाबत अपने जारी बयान में उन्होंने कहा कि लघु उद्योग दिवस प्रत्येक वर्ष 30 अगस्त को यह दिवस लघु उद्योगों को बढ़ावा देने और बेरोजगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मनाया जाता है। भारत जैसे विकासशील देश के आर्थिक विकास में लघु उद्योगों की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है।</p>
<p>संस्था के अध्यक्ष शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने इस मौके पर देश के सभी लघु उद्योगों को शुभकामना देते हुए कहा कि कोरोना संकट में लघु उद्योगों के सामने विकट समस्या आ गई है। इस दिवस के माध्यम से सरकार को लघु उद्योगों के लिए प्रभावी आर्थिक पैकेज लाना चाहिए।</p>
<p>संस्था के मुख्य आर्थिक सलाहकार एवं वरिष्ठ सीए पंकज जायसवाल ने कहा कि आज मन की बात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा खिलौना उद्योग की बात करना लाखों लोगों को इस उद्यम और रोजगार से जोडऩे में संजीवनी का काम करेगा। इससे खिलौना व्यापार में चीन का प्रभुत्व धीरे-धीरे कम होता जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
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		<title>&#8216;जनधन&#8217; और &#8216;पशुधन&#8217; आपदा में दोनों को संरक्षण दे रहे योगी</title>
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		<pubDate>Fri, 28 Aug 2020 09:07:04 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
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		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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		<category><![CDATA[कोरोना]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

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		<description><![CDATA[बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत कार्य जारी 370 बाढ़ शरणालय और 784 बाढ़ चौकियां स्थापित बाढ़ शरणालयों में पीडि़तों को मिल रहा गुणवत्तायुक्त भोजन जनपद एवं राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केंद्र, हेल्प लाइन नम्बर-1070 लखनऊ। &#8216;जनधन&#8217; हो या &#8216;पशुधन&#8217;, दोनों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनाएं और समर्पण एक जैसा है। &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत कार्य जारी</strong><br />
<strong> 370 बाढ़ शरणालय और 784 बाढ़ चौकियां स्थापित</strong><br />
<strong> बाढ़ शरणालयों में पीडि़तों को मिल रहा गुणवत्तायुक्त भोजन</strong><br />
<strong> जनपद एवं राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केंद्र, हेल्प लाइन नम्बर-1070</strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> &#8216;जनधन&#8217; हो या &#8216;पशुधन&#8217;, दोनों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनाएं और समर्पण एक जैसा है। &#8216;कर्मयोगी&#8217; की तरह उनका सेवा भाव इन दिनों राज्य के बाढ़ प्रभावित जनपदों में दिखाई दे रहा है। प्रदेश सरकार एक ओर बाढ़ से प्रभावित &#8216;जनधन&#8217; को सुरक्षा, राहत, चिकित्सकीय सहायता और आर्थिक सहयोग प्राथमिकता पर उपलब्ध करा रही है। तो वहीं दूसरी ओर बाढ़ से प्रभावित &#8216;पशुधन&#8217; की सुरक्षा और राहत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी तटबंधों की सुरक्षा का निरंतर अनुश्रवण कर रही है। पीडि़तों को खाद्यान्न सामग्री और चिकित्सकीय सहायता प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित 19 जनपदों में अब तक 1,51,505 खाद्यान्न किट वितरित की गई हैं। चिकित्सकीय सहायता के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की 318 मेडिकल टीमें तैनात हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बाढ़ शरणालयों में रह रहे बुजुर्गों, गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन सहित आवश्यक सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को बाढग़्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर पीडि़तों को प्राथमिकता पर त्वरित राहत उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। आपदा से होने वाली मृत्यु की दशा में पीडि़त परिवार को 24 घंटे में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>सर्च एवं रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं पीएसी तैनात</strong><br />
बाढ़ आपदा में सभी को सुरक्षा देने के लिए 373 बाढ़ शरणालय तथा 784 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 2,79,588 मीटर तिरपाल जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया गया है। बाढ़ प्रभावित जनपदों में सर्च एवं रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की 29 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें एनडीआरएफ की 12 तथा एसडीआरएफ व पीएसी की 17 टीमें तैनात हैं। 1,173 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाई गई हैं।</p>
<p><strong>6.89 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण, 4,590 कुंतल भूसा वितरित</strong><br />
प्रदेश के &#8216;जनधन&#8217; के साथ ही &#8216;पशुधन&#8217; की सुरक्षा के लिए भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित जनपदों में विशेष प्रबंध किए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 465 पशु शिविर स्थापित कर 6,94,107 पशुओं का टीकाकरण कराया गया है। साथ ही अब तक 4,590 कुंतल से अधिक भूसा वितरित कराया गया है। सरकार ने जनपद एवं राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केंद्र की स्थापना की है। बाढ़ या अन्य आपदा में सहायता के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल हेल्प लाइन नम्बर-1070 की स्थापना की गई है।</p>
<p><strong>प्रदेश के 19 जनपदों में राहत कार्य जारी</strong><br />
वर्तमान में प्रदेश के 19 जनपद बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें अम्बेडकर नगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, फर्रुखाबाद, गोण्डा, गोरखपुर, कासगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, मऊ, पीलीभीत, संतकबीरनगर तथा सीतापुर के 922 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। शारदा नदी, पलिया कला (लखीमपुर खीरी), सरयू (घाघरा) नदी एल्गिन ब्रिज (बाराबंकी), (अयोध्या) तथा तुर्तीपार (बलिया) में अपने खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। इन सभी जनपदों में युद्धस्तर पर राहत कार्य जारी है।</p>
<p><strong>खाद्यान्न किट में दी जा रही 17 सामग्री</strong><br />
बाढ़ पीडि़त परिवारों को खाद्यान्न किट में 17 प्रकार की सामग्री दी जा रही है। इस किट में 10-10 किलो आटा, चावल और आलू के साथ 5 किलो लाई, 2-2 किलो भूना चना और अरहर की दाल तथा 500 ग्राम नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम धनिया, 5 लीटर केरोसिन, 1 पैकेट मोमबत्ती, 1 पैकेट माचिस, 10 पैकेट बिस्कुट, 1 लीटर रिफाइंड तेल, 100 टेबलेट क्लोरीन एवं 2 नहाने के साबुन दिये जा रहे हैं।</p>
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		<title>नई शिक्षा नीति से रखी जाएगी नए भारत की नींव : पीएम मोदी</title>
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		<pubDate>Fri, 07 Aug 2020 09:16:54 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[लॉकडाउन]]></category>

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		<description><![CDATA[नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि तीन-चार साल के विचार-मंथन और लाखों सुझावों के बाद नई शिक्षा नीति को मूर्त रूप दिया गया है और यह नए भारत की नींव रखने का काम करेगा। श्री मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में होने वाले परिवर्तनकारी सुधारों पर आयोजित राष्ट्रीय &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि तीन-चार साल के विचार-मंथन और लाखों सुझावों के बाद नई शिक्षा नीति को मूर्त रूप दिया गया है और यह नए भारत की नींव रखने का काम करेगा। श्री मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में होने वाले परिवर्तनकारी सुधारों पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज हर विचारधारा के लोग इस नयी शिक्षा नीति पर मंथन कर रहे हैं। इस नीति का कोई विरोध नहीं कर रहा है क्योंकि इसमें कुछ भी एकतरफा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कोई सर्कुलर नहीं बल्कि एक महायज्ञ है, जो नए देश की नींव रखेगा और एक सदी तैयार करेगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा नीति में देश के लक्ष्यों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि भविष्य के लिए पीढ़ी को तैयार किया जा सके। कई दशकों से शिक्षा नीति में बदलाव नहीं हुआ था इसलिए समाज में भेड़चाल को प्रोत्साहन मिल रहा था। कभी डॉक्टर, कभी इंजीनियर कभी वकील बनाने की होड़ लगी हुई थी लेकिन अब युवा क्रिएटिव विचारों को आगे बढ़ा सकेगा, अब सिर्फ पढ़ाई नहीं बल्कि वर्किंग कल्चर को विकसित किया गया है। युवाओं में क्रिटिकल सोच विकसित करना होगा। उन्होंने कहा, “ हमारे सामने सवाल था कि क्या हमारी नीति युवाओं को अपने सपने पूरा करने का मौका देती है। क्या हमारी शिक्षा व्यवस्था युवा को सक्षम बनाती है। नई शिक्षा नीति को बनाते समय इन सवालों पर गंभीरता से काम किया गया है। दुनिया में आज एक नई व्यवस्था खड़ी हो रही है, ऐसे में उसके हिसाब से शिक्षा व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। नयी शिक्षा नीति में ऐसा प्रावधान किया गया है कि छात्रों को &#8216;ग्लोबल सिटीजन&#8217; बनाने के साथ साथ उनको अपने जड़ों से भी जोड़कर रखना है।”<br />
श्री मोदी ने कहा कि बच्चों के घर की बोली और स्कूल में सीखने की भाषा एक ही होनी चाहिए ताकि बच्चों को सीखने में आसानी हो। पांचवीं कक्षा तक बच्चों को जहां तक संभव हो उनकी मातृभाषा में ही शिक्षा देने की व्यवस्था हो। अभी तक शिक्षा नीति &#8216;व्हाट टू थिंक के साथ आगे बढ़ रही थी, अब हम लोगों को हाउ टू थिंक पर जोर देंगे। बच्चों पर किताबों का बोझ कम करना होगा। उच्च शिक्षा को स्ट्रीम से मुक्त करना होगा। श्री मोदी ने कहा देश में ऊंच-नीच का भाव, मजदूरों के प्रति हीन भाव क्यों पैदा हुआ। इसके पीछे बड़ी वजह शिक्षा का समाज से लगाव नहीं होना रहा है। इस नयी शिक्षा नीति में इस पर भी विशेष जोर दिया गया है। छात्र जब तक किसानों को खेतों में काम करते नहीं देखेंगे तब तक श्रम की महत्ता को कैसे समझेंगे।</p>
<p>इस सम्मेलन का आयोजन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और शिक्षा मंत्रालय ने मिलकर किया है। इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल&#8221; निशंक &#8220;और शिक्षा राज्य मंत्री डॉ संजय धोत्रे तथा अन्य अधिकारीगण भी मौजूद थे। इस सम्मेलन में देश के एक हजार से भी अधिक विश्वविद्यालय, 45 हजार से अधिक डिग्री कॉलेज, आईआईटी, आईआईआईटी, आईआईएम, एनआईटी सहित देश के लगभग 150 से भी अधिक राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों ने हिस्सा लिया। देशभर के कुलपति और संस्थानों के प्रमुख भी शामिल हुए।</p>
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		<title>सनातन अर्थव्यवस्था का शिलापूजन</title>
		<link>http://businesslinknews.com/shilpujan-of-eternal-economy/</link>
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		<pubDate>Fri, 07 Aug 2020 09:10:23 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>

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		<description><![CDATA[पंकज जायसवाल मुंबई। पांच अगस्त को अयोध्या में सिर्फ श्रीराम मंदिर का शिलापूजन नहीं हुआ, यह सनातन अर्थव्यवस्था का भी शिलापूजन था। किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए यह आवश्यक है कि वहां सामाजिक विवाद की शून्यता हो और सामाजिक उत्साह और आनंद उत्कर्ष पर हो, ये दो मुख्य बुनियाद हैं जिस पर विकास &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/08/pp.jpg"><img class="alignnone  wp-image-21784" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/08/pp.jpg" alt="pp" width="107" height="118" /></a></p>
<p><strong>पंकज जायसवाल</strong></p>
<p><strong>मुंबई।</strong> पांच अगस्त को अयोध्या में सिर्फ श्रीराम मंदिर का शिलापूजन नहीं हुआ, यह सनातन अर्थव्यवस्था का भी शिलापूजन था। किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए यह आवश्यक है कि वहां सामाजिक विवाद की शून्यता हो और सामाजिक उत्साह और आनंद उत्कर्ष पर हो, ये दो मुख्य बुनियाद हैं जिस पर विकास की नींव रखी जाती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए शिलापूजन कार्यक्रम के माध्यम से इस विवाद का पटाक्षेप हो गया। राष्ट्र का आनंद उत्साह के साथ उत्कर्ष पर पहुंच गया। श्रीराम मंदिर का शिलापूजन दुनिया में धार्मिक सम्पूर्णता और संतुलन की स्थापना का प्रतीक है। जैसे पूरे विश्व में इस्लाम धर्म का मुख्य धार्मिक स्थल मक्का है, ईसाई धर्म का वेटिकन सिटी है, बौद्ध धर्म का लुम्बिनी है, उसी तरह इस जगत के सबसे पुराने और व्यापक समाज हिन्दू जो की इस्लाम, ईसाई एवं बौद्ध धर्म के आगमन पूर्व से ही हैं, उनके सबसे महत्वपूर्ण अवतारी स्वयं ईश्वर श्रीराम मंदिर की स्थापना दुनिया की सम्पूर्णता और संतुलन स्थापना की तरफ बढ़ा एक कदम है।</p>
<p>विश्व के लगभग 15 प्रतिशत आबादी का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र अयोध्या है और यह भारत के विभिन्न हिस्से ही नहीं लगभग विश्व भर में फैले हिन्दुवों चाहे वो इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, अमेरिका, यूरोप के अन्य देश, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, फिजी, गुयाना, त्रिनिदाद, थायलैंड, कंबोडिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर एवं अन्य देश हो, वहां बसे हर हिन्दुवों के मन: स्मृति में अयोध्या का नाम कहानी और इतिहास अंकित है, अत: अयोध्या टूरिस्ट इकॉनमी का एक बड़ा केंद्र है। भारत की ऐतिहासिक विरासत हिन्दू धर्म के पौराणिक स्थल को लेकर भी एक विश्व स्तरीय टूरिज्म प्लान रामायण सर्किट, महाभारत सर्किट आदि भारत के विकास में नींव का पत्थर साबित होगा। यह भारत के अर्थव्यवस्था में एक नए दृष्टिकोण के साथ बड़ी सफलता के एक अध्याय जैसे जुडऩा होगा।</p>
<p>भारत में पर्यटन पूंजी के तौर पर अयोध्या और हिन्दुवों के पौराणिक स्थल जिसमें सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए अयोध्या मथुरा, काशी, 12 ज्योतिलिंग, 51 शक्ति पीठ, चारों धाम, चारों शंकराचार्य के स्थान, के अलावा वैष्णो देवी मंदिर, सिद्धि विनायक मंदिर, गंगोत्री एवं यमुनोत्री मंदिर उत्तराखंड, स्वर्ण मंदिर अमृतसर, अमरनाथ, लिंगराज मंदिर उड़ीसा, गोरखनाथ मंदिर, कांचीपुरम मंदिर, खजुराहो मंदिर, विरूपक्षा मंदिर हम्पी, अक्षरधाम मंदिर गुजरात, गोमतेश्वर मंदिर कर्नाटक, साईं बाबा मंदिर, शिर्डी, श्री पदï्मनाभस्वामी मंदिर केरल, लक्ष्मी नारायण मंदिर दिल्ली, रंगनाथस्वामी श्रीरंगम, पद्मावती मंदिर तिरुपति, एकमबरेश्वर मंदिर कांची, कामाख्या मंदिर असम, कालीघाट मंदिर कोलकाता, छतरपुर मंदिर दिल्ली, सूर्य मंदिर, कोणार्क, बृहदीस्वरा मंदिर तंजावुर, सोमनाथ मंदिर गुजरात, तिरुपति बालाजी आंध्र प्रदेश, चिरकुल बालाजी हैदराबाद, मीनाक्षी मंदिर मदुरै, कनक दुर्गा विजयवाड़ा आदि ऐसे अनेक मंदिर हैं जिसकी सरकार चाहे तो अलग-अलग टूरिस्ट सर्किट बना के टूरिज्म विकसित कर सकती हैं और इन शहरों को इनकी धार्मिक प्रसिद्धि के हिसाब से थीम सिटी के रूप में विकसित कर सकती है। भारत के पास सिर्फ हिन्दू सनातन का ही यह टूरिस्ट सर्किट नहीं मौजूद है, विश्व भर मे फैले बुद्ध समाज के लिए हमारे पास सिद्धार्थनगर, रामग्राम, कुशीनगर, सारनाथ, कलिंग, सांची स्तूप आदि महत्वपूर्ण स्थान है जहां हम विश्व भर के कई देशों जैसे की श्रीलंका, थायलैंड, चाइना, म्यांमार जैसे अन्य देशों से इन स्थानों का टूरिस्ट सर्किट बना के अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन विकसित कर सकते हैं।</p>
<p>जैन धर्म के भी अनुयायी पूरे विश्व में फैले हैं और धन से सक्षम भी हैं, उनके लिए हम ईसा से 599 वर्ष पहले वैशाली गणतंत्र के क्षत्रिय कुण्डलपुर में जन्म लिए जैन धर्म के तीर्थंकर महावीर जैन के जन्म स्थान, गुजरात के कच्छ के जैन मंदिरों, दिल्ली का दिगंबर जैन लाल मंदिर, गोमतेश्वर मंदिर कर्नाटक, रणकपुर मंदिर राजस्थान आदि मंदिरों का एक टूरिस्ट सर्किट बना के इन सक्षम तीर्थ यात्रियों को पर्यटन के लिए आकर्षित कर सकते हैं।</p>
<p>भारत की इस टूरिस्ट पूंजीगत धरोहरों का भारतीय इकॉनमी के लिए इस्तेमाल होना चाहिए। भारत के पास ये संपत्तियां हजारों वर्षों से पड़ी हुई हैं इस पर किसी का आर्थिक आधार पर अब तक दृष्टि नहीं गया था। रामायण सर्किट के माध्यम से हमें अयोध्या को उन सभी देशों और नगरों से जोड़ा जाना चाहिए जहां राम के राज्य का विस्तार हुआ था या संबंध था या वनवास के दौरान वह जहां जहां गए, मसलन अयोध्या-नासिक, अयोध्या- जनकपुर, अयोध्या- श्रीलंका, अयोध्या- कंबोडिया, अयोध्या-इंडोनेशिया- बाली, अयोध्या- थायलैंड, एवं अन्य संबंधित देश, इसी तरह श्री कृष्ण की भी एक सर्किट बनाया जा सकता है। राम, कृष्ण, रामायण एवं महाभारत से संबंधित स्थानों एवं चीजों का एक अंतर्राष्ट्रीय सर्किट एवं म्यूजियम का निर्माण किया जा सकता है।</p>
<p>अब तक की सरकारों का इस तरफ विशेष दृष्टिकोण नहीं गया है जिसे बहुत पहले चला जाना चाहिए था। इन टूरिस्ट सर्किटों का निर्माण और इनकी धार्मिक विशेषता के आधार पर शहरों का थीम शहर के तर्ज पर विकसित करना कहीं से भी भारतीय संविधान के दायरे में गलत नहीं माना जाना चाहिए। आपने एक शहर को उसके आर्थिक संभावना के हिसाब से उसकी आर्थिक सम्पत्तियों के आधार पर थीम सिटी के रूप में विकसित किया तो इसमें कोई बुराई नहीं है, दुनिया भर की सरकारें कर रही हैं। सऊदी की सरकार मक्का को विश्व भर में प्रोमोट करती है, अंतर्राष्ट्रीय सुविधा एयरपोर्ट, पांच से सात सितारा होटल विकसित करती है ताकि वहां दुनिया भर में फैले मुसलमान लोग आयें और सऊदी का पर्यटन विकसित हो, उसी तरह विश्व भर में फैले ईसाई समुदाय के लिए वेटिकन सिटी को विकसित किया गया। इन शहरों में आप जाइए मक्का में जाते ही आप एक थीम महसूस करते हैं, वेटिकन सिटी में जाते ही आप ईसा को महसूस करते हैं उनके धर्म को महसूस करते हैं, तो यह अच्छा ही है कि हम अयोध्या में घुसें और श्रीराम और रामराज्य को महसूस करें, हिन्दू सनातन हो तो ईश्वर के रूप में गैर हिन्दू सनातन हो तो एक ऐतिहासिक पौराणिक चरित्र के रूप में राम को महसूस करें और शहर का विकास और वास्तु भी इसी थीम पर हो।</p>
<p>भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, यह हिन्दुवों को भी वैसे ही समझता है, जैसे अन्य को, उसका यह कार्य सिर्फ भारत में बसे हिन्दुवों के लिए नहीं होगा, इसे पूरे विश्व में फैले हिन्दू समुदाय जिसका की संयोग से सबसे अधिक महत्वपूर्ण स्थल, आराध्यों के स्थल भारत वर्ष में पड़ते हैं इसे ऐसा दृष्टिगत करना चाहिए। राम तो भारत के हिन्दुवों के ही नहीं यहां बस रहे 130 करोड़ लोगों के नायक हैं अत: राम मंदिर का निर्माण कहीं से भी साम्प्रदायिक नहीं होगा। भारत में हिन्दू, जैन, बौद्ध, सिख, अजमेर शरीफ, हाजी अली, ताज सबको पर्यटन की दृष्टि में रखकर कार्य करना चाहिए ताकि भारत विश्व का एक बहुत बड़ा टूरिस्ट स्पॉट बन सके।</p>
<p>किसी भी देश का पर्यटन उद्योग वहां रहने और बाहर से आने वाले समुदायों की सोच और जीवनशैली के आधार पर ही विकसित होता है। आज भी भारत वर्ष में 90 प्रतिशत लोग अगर टूर पर जाते हैं तो कारण धार्मिक ही होता है। लोगों ने जिन स्थानों को बचपन से सुना है उसको देखना और महसूस करना चाहते हैं। धार्मिक पर्यटन के माध्यम से वह दोहरे फायदे में होते हैं एक तो वो परिवार को घूमा देते हैं। इसी दर्शन के बहाने और दूसरे दर्शन भी हो जाता है। आज भी उत्तर भारत के कई दंपत्ति साल में एकबार घूमने के लिए वैष्णो देवी मंदिर जाते हैं। इसी बहाने उनका एक वार्षिक टूर भी हो जाता है और एक धार्मिक अनुष्ठान हो जाता है। सरकार को इसी सूत्र को पकडऩा चाहिए ताकि विश्व भर के हिन्दू यहां पर्यटन भी कर सकें, साथ में दर्शन भी कर सकें। यहां महत्वपूर्ण जगह जैसे कि अयोध्या, मथुरा, आगरा, काशी, गोरखपुर, पटना, द्वारिका, कुशीनगर जैसे जगहों पे अच्छे सुविधा युक्त एयरपोर्ट विकसित किए जाएं, फाइव स्टार होटल बनाए जाएं, अन्य इन्फ्रा विकसित किए जाएं ताकि यात्रा सुगम हो और इन जगहों के अन्य चीजों का भी व्यापार फले फुले यदि बड़ी संख्या में विश्वभर से तीर्थ यात्री यहां आते हैं तो।</p>
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