<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Business Link &#187; जमानत</title>
	<atom:link href="http://businesslinknews.com/tag/%e0%a4%9c%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%a4/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>http://businesslinknews.com</link>
	<description>Breaking News</description>
	<lastBuildDate>Sat, 15 Apr 2023 02:02:46 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=4.1.26</generator>
	<item>
		<title>मुख्तार अंसारी को मिली जमानत</title>
		<link>http://businesslinknews.com/mukhtar-ansari-gets-bail/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/mukhtar-ansari-gets-bail/#comments</comments>
		<pubDate>Wed, 16 Feb 2022 13:03:16 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[गैंगस्टर एक्ट]]></category>
		<category><![CDATA[जमानत]]></category>
		<category><![CDATA[बांदा जेल]]></category>
		<category><![CDATA[मऊ]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्तार अंसारी]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22218</guid>
		<description><![CDATA[बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी को बड़ी राहत मिली है। मऊ कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के एक केस में अंसारी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। रिहाई का आदेश बांदा जेल के अधीक्षक के पास भेजा जाएगा। हालांकि, दूसरे मुकदमे भी लंबित हैं, इसलिए अंसारी को अभी जेल में ही रहना &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p>बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी को बड़ी राहत मिली है। मऊ कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के एक केस में अंसारी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। रिहाई का आदेश बांदा जेल के अधीक्षक के पास भेजा जाएगा। हालांकि, दूसरे मुकदमे भी लंबित हैं, इसलिए अंसारी को अभी जेल में ही रहना होगा।</p>
<p>मुख्तार अंसारी को साल 2010 में मऊ के दक्षिण टोला थाने में दर्ज केस में एमपी एमएलए कोर्ट ने एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी है। न्यायाधीश दिनेश चौरसिया ने यह आदेश जारी किया है। चूंकि गैंगस्टर एक्ट में अधिकतम सजा 10 साल की है और मुख्तार इस मुकदमे के दर्ज होने के बाद से लगातार जेल में है।</p>
<p>जेल अधीक्षक की तरफ से बताया गया कि अपराध संख्या 891 सन 2010 एसटी नंबर 2/12 में 09 सितंबर 2011 से मुख्तार अंसारी अब तक जेल में बंद है जबकि इस मामले में अधिकतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है। लेकिन अब अंसारी को जेल में उससे भी ज्यादा समय हो गया है।</p>
<p>यह भी कहा गया कि इस मामले में अंसारी को निरुद्ध रखना अब वैधानिक नहीं है। इसी को लेकर गैंगस्टर एक्ट के इस मुकदमे में मुख्तार अंसारी को रिहा करने का यह आदेश मऊ एमपी-एमएलए कोर्ट ने दिया है।<br />
लेकिन मुख्तार अंसारी पर अभी दो गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे, अजय राय पर जानलेवा हमला और मन्ना सिंह हत्याकांड के गवाह की हत्या समेत तमाम मुकदमे लंबित हैं, जिन पर फैसला आना बाकी है, इसलिए अंसारी को अभी जेल में ही रहना होगा।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/mukhtar-ansari-gets-bail/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>लखीमपुर खीरी काण्ड ;  129 दिन बाद आशीष मिश्रा जेल से रिहा</title>
		<link>http://businesslinknews.com/lakhimpur-kheri-case-ashish-mishra-released-from-jail-after-129-days/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/lakhimpur-kheri-case-ashish-mishra-released-from-jail-after-129-days/#comments</comments>
		<pubDate>Tue, 15 Feb 2022 12:48:07 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[आशीष मिश्रा उर्फ मोनू]]></category>
		<category><![CDATA[गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा]]></category>
		<category><![CDATA[जमानत]]></category>
		<category><![CDATA[तिकुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[लखीमपुर खीरी हिंसा]]></category>
		<category><![CDATA[हाई कोर्ट]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22210</guid>
		<description><![CDATA[लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की आज 129 दिन बाद जेल से रिहाई हो गई है। देश के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को हाई कोर्ट से बीते गुरुवार को ही जमानत मिल चुकी है। पिछले साल 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p>लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की आज 129 दिन बाद जेल से रिहाई हो गई है। देश के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को हाई कोर्ट से बीते गुरुवार को ही जमानत मिल चुकी है। पिछले साल 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुई हिंसा मामले में आशीष मिश्रा को 9 अक्टूबर के दिन गिरफ्तार किया गया था।</p>
<p>हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच से बीते 10 फरवरी को जमानत मिलने के बाद कहा गया कि कागजी कार्रवाई पूरी होते ही आशीष मिश्रा को लखीमपुर जेल से रिहा कर दिया जाएगा, लेकिन फिर भी मिश्रा जेल से रिहा नहीं हो पाए। वजह थी उनके जमानत आदेश में दो धाराओं का न होना।</p>
<p>दरअसल, लखीमपुर पुलिस ने आशीष मिश्रा पर क्राइम नंबर 219/21 पर एफआईआर दर्ज की। विवेचना के दौरान दाखिल की गई चार्जशीट में आईपीसी की धारा 147,148, 149,302, 307,326, 34, 427, और 120बी के साथ 3/25, 5/27 व 39 आर्म्स एक्ट शामिल थी।</p>
<p>हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई के बाद आशीष मिश्रा को जिन धाराओं में जमानत दी, उसमें आईपीसी की 147 148, 149 307,326, 427/34 , 30 आर्म्स एक्ट, 177 एमवी एक्ट हैं। जमानत ऑर्डर में धारा 302 और 120B नहीं लिखी थी। जबकि नियम है कि आरोपी जिन-जिन धाराओं में जेल में बंद होगा, उन सभी धाराओं में जमानत मिलने के बाद ही रिहाई होगी।</p>
<p>यही वजह है शुक्रवार को कि आशीष मिश्रा के वकील को हाई कोर्ट में बेल ऑर्डर की करेक्शन एप्लीकेशन डालनी पड़ी। सोमवार को सुनवाई होने के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा है कि आशीष मिश्रा के बेल ऑर्डर में आईपीसी 302 और 120बी जोड़ दिया जाए।</p>
<p>जिला जज ने इस हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की रिहाई मामले में 3-3 लाख के दो बेल बॉन्ड जमा करने को कहा। इसके बाद लखीमपुर जिला जज के यहां बेल बॉन्ड और जमानतदारों के कागजों को दाखिल किया गया, जिनका वेरिफिकेशन हुआ और फिर रिहाई का आदेश जारी किया गया।</p>
<p>लखीमपुर हिंसा की जांच कर रही एसआईटी ने 3 जनवरी को 5 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें SIT ने आशीष मिश्रा को &#8216;मुख्य आरोपी&#8217; बनाया था। दिसंबर में एसआईटी ने कहा था कि आशीष मिश्रा ने सोची समझी साजिश के तहत 4 किसानों की अपनी गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी थी।</p>
<p><strong>लखीमपुर कांड में अब तक क्या-क्या हुआ?</strong></p>
<p><strong>3 अक्टूबर 2021:</strong> लखीमपुर खीरी के तिकुनिया गांव में हिंसा हुई। इसमें किसानों को रौंद दिया गया। इस हिंसा में 4 किसानों के अलावा तीन बीजेपी कार्यकर्ता और एक पत्रकार की मौत हो गई।</p>
<p><strong>4 अक्टूबर 2021:</strong> बहराइच जिले के किसान जगजीत सिंह ने आशीष मिश्रा समेत 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई। इसके जवाब में 6 अक्टूबर को से बीजेपी पार्षद सुमित जायसवाल ने भी FIR दर्ज करवाई।</p>
<p><strong>5 अक्टूबर 2021:</strong> लखीमपुर हिंसा की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया।</p>
<p><strong>9 अक्टूबर 2021:</strong> सुबह आशीष मिश्रा को पूछताछ के लिए बुलाया गया। करीब 12 घंटे चली पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/lakhimpur-kheri-case-ashish-mishra-released-from-jail-after-129-days/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
	</channel>
</rss>
