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	<title>Business Link &#187; फ्लाईओवर</title>
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		<title>बजट बिना बैरिकेडिंग</title>
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		<pubDate>Wed, 06 Feb 2019 11:24:34 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[निगमों से]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीती प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[फ्लाईओवर]]></category>
		<category><![CDATA[सेतु निगम]]></category>

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		<description><![CDATA[तीनों एलीवेटेड सडक़ों के लिये सेतु निगम को अब तक मिली है कुल बजट की 10 प्रतिशत धनराशि  इन तीनों निर्माण परियोजनाओं पर कुल प्रस्तावित खर्च है 714.98 करोड़ रुपये  हुसैनगंज से डीएवी कॉलेज, हैदरगंज क्रासिंग से मियां बेकरी और हैदरगंज क्रासिंग से नीबू पार्क के पहले तक बननी हैं यह एलिवेटेड सडक़ें बेतरतीब जाम &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>तीनों एलीवेटेड सडक़ों के लिये सेतु निगम को अब तक मिली है कुल बजट की 10 प्रतिशत धनराशि </strong></li>
<li><strong>इन तीनों निर्माण परियोजनाओं पर कुल प्रस्तावित खर्च है 714.98 करोड़ रुपये </strong></li>
<li><strong>हुसैनगंज से डीएवी कॉलेज, हैदरगंज क्रासिंग से मियां बेकरी और हैदरगंज क्रासिंग से नीबू पार्क के पहले तक बननी हैं यह एलिवेटेड सडक़ें</strong></li>
<li><strong>बेतरतीब जाम से निजात दिलाने के लिये बीते दिनों गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किया था शिलान्यास</strong></li>
</ul>
<p><strong>बिजनेस लिंक ब्यूरो </strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी में चरक चौराहे से हैदरगंज तिराहा, हैदरगंज तिराहे से मिल एरिया पुलिस चौकी और लालकुआं से डीएवी कॉलेज तक तीन फ्लाईओवर बनने हैं। लगभग 714.98 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन निर्माण कार्यों के सापेक्ष शासन ने कार्यदायी संस्था को महज 10 प्रतिशत बजट जारी किया है, जो यूटिलीटी स्थानांतरण आदि कार्यों के लिए ही नाकाफी है। पर, जगह-जगह बैरीकेटिंग लगाकर आमजन का रास्ता रोक दिया गया है। पर्याप्त बजट के अभाव में निर्माण के नाम पर कागजी कसरत हो रही है।</p>
<p>जानकारों की मानें तो इन रूटों पर बिजली के खंभे, सीवर लाइन और जलापूॢत की लाइनें शिफ्ट होनी हैं। यूटिलिटी स्थानांतरण के लिए संबंधित विभागों ने सेतु निगम को जो प्रस्तावित बजट सौंपा है, वह शासन से अब तक जारी हुये कुल बजट से अधिक है। बजट के फेर में निर्माण कार्य अभी कागजों के बाहर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। पर, जगह-जगह लगाई गई बैरीकेटिंग आमजन की राह जरूर रोक कर खड़ी हैं। गौरतलब है कि विद्युत संबंधी यूटिलिटी स्थानांतरण के लिए लगभग तीन माह पूर्व सेतु निगम प्रबंध तंत्र संबंधित विभाग को भुगतान कर चुका है। पर, लेसा तंत्र का कहना है कि यह अनुमानित बजट से कम है। बता दें कि सेतु निगम ने चरक चौराहे से हैदरगंज तिराहा, हैदरगंज तिराहे से मिल एरिया पुलिस चौकी और लालकुआं से डीएवी कॉलेज तक क्रमश: 2.75 करोड़, २.५० करोड़ और पांच करोड़ रुपये का भुगतान लगभग तीन माह पहले ही लेसा को कर दिया है।</p>
<p>सेतु निगम के सूत्रों की मानें तो बीते अगस्त माह में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में व्यवस्था बनी थी कि इन मार्गों से यूटिलिटी का स्थानांतरण जल्द करा दिया जाय, जिससे निर्माण कार्य समय से पूरा हो सके। इन फ्लाईओवरों के रूट से बिजली के पोल और लाइनें हटाने का कार्य प्रारम्भ न होने के पीछे लेसा तंत्र का तर्क है कि इन तीनों रूट पर यूटिलिटी स्थानांतरण के लिये लगभग 32 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इसका प्रस्ताव सेतु निगम को दिया गया था, जिसके सापेक्ष निगम ने महज 10 करोड़ रुपये का भुगतान ही किया है, जिससे यूटिलिटी स्थानांतरण के लिये टेण्डर करा दिये गये हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि राजधानी के चौक, हैदरगंज व हुसैनगंज के जाम से निजात दिलाने के लिए इन परियोजनाओं का खाका खींचा गया है। अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाके चरक चौराहा चौक से हैदरगंज क्रासिंग व हुसैनगंज से डीएवी कालेज तक तीन एलिवेटेड सडक़ों पर लगभग 714.98 करोड़ रुपये की धनराशि का खर्च प्रस्तावित है। जनहित में इन निर्माणों को शासन ने हरी झंडी दी है, मगर बजट के अभाव में यह निर्माण कार्यों की गति बेहद सुस्त है। शासन से स्वीकृति मिलते ही एलिवेटेड रोड बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर करते हुए लोकसभा चुनाव से पहले राजधानी के लोगों को इन तीनों एलिवेटेड रोडों का तोहफा देने के दावे जरूर हुये थे, लेकिन वास्तविकता अलग है। जगह-जगह लगाई गई बैरीकेटिंग आमजन को निर्माण कार्य होने का एहसास जरूर कराती है। पर, बजट के अभाव में निर्माण साइटों पर महज खानापूॢत ही हो रही है।</p>
<p>बता दें कि हैदरगंज क्रासिंग के आगे मीना मार्केट के नजदीक बनने वाले आसमानी मार्ग की लम्बाई 2,478 मीटर है और इसकी अनुमानित लागत 449.96 करोड़ है। यहीं से प्रारम्भ होकर चरक चौराहे पर उतरने वाली दूसरी एलिवेटेड रोड की लम्बाई 908 मीटर और निर्माण लागत 126.81 करोड़ रुपये है। वहीं तीसरी एलिवेटेड रोड हुसैनगंज चौराहे से डीएवी कालेज तक बननी है। इसकी लम्बाई 1,556 मीटर और निर्माण लागत 138.21 करोड़ रुपये है। कहना गलत न होगा कि सरकार की प्राथमिकता में होने के बावजूद जनहित वाली यह निर्माण परियोजनायें अब तक बजट के अभाव में महज बैरीकेटिंग तक सीमित हैं और जगह-जगह आमजन की राह रोक रही हैं।</p>
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		<title>जमीन पर उतरी निगम की तीन सेतु परियोजनायें</title>
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		<pubDate>Tue, 30 Oct 2018 12:59:56 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[निगमों से]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीती प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम]]></category>
		<category><![CDATA[फ्लाईओवर]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>

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		<description><![CDATA[राजधानी में प्रस्तावित तीन फ्लाईओवर के निर्माण में आई तेजी, जमीन पर दिखने लगा कार्य हुसैनगंज से डीएवी कॉलेज, हैदरगंज क्रासिंग से मियां बेकरी और हैदरगंज क्रासिंग से नीबू पार्क तक बनने हैं फ्लाईओवर इन परियोजनाओं पर खर्च होंगे 714.98 करोड़ रुपये,  दोनों ओर 12-12 मीटर खाली करई जायेगी सडक़ बिजनेस लिंक ब्यूरो लखनऊ। राजधानी में &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>राजधानी में प्रस्तावित तीन फ्लाईओवर के निर्माण में आई तेजी, जमीन पर दिखने लगा कार्य </strong></li>
<li><strong>हुसैनगंज से डीएवी कॉलेज, हैदरगंज क्रासिंग से मियां बेकरी और हैदरगंज क्रासिंग से नीबू पार्क तक बनने हैं फ्लाईओवर </strong></li>
<li><strong>इन परियोजनाओं पर खर्च होंगे 714.98 करोड़ रुपये,  दोनों ओर 12-12 मीटर खाली करई जायेगी सडक़</strong></li>
</ul>
<p><strong>बिजनेस लिंक ब्यूरो </strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी में प्रस्तावित तीन फ्लाईओवर का निर्माण जमीन पर दिखने लगा है। राजधानी को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिये राज्य सरकार ने पुराने शहर स्थित फूलमंडी से हैदरगंज चौराहे से पहले दो लेन, हैदरगंज तिराहे से मिल एरिया चौकी तक दो लेन और गुरु गोविंद सिंह मार्ग पर हुसैनगंज चौराहे से बास मंडी चौराहा, नाका हिंडोला होते हुये डीएवी चौराहे तक तीन लेन के फ्लाईओवर के निर्माण को हरी झंडी दिखाई थी। कार्यदायी संस्थान उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम इन तीनों निर्माण को निर्धारित समय में पूरा करने की योजना बनाकर कार्य कर रहा है। प्रारंभिक तैयारियों के बाद यह निर्माण अब जमीन पर दिखाई देने लगा है।</p>
<p>बीते दिनों उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम प्रबंध तंत्र ने पुराने लखनऊ को जाम से निजात दिलाने के लिये राजधानी के चौक, हैदरगंज व हुसैनगंज में तीन फ्लाईओवर का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने जनहित में इन परियोजनाओं की आवश्यकता को समझते हुये तत्काल इसे हरी झंडी दे दी। अत्यंत भीड़भाड़ वाले इलाके चरक चौराहा चौक से हैदरगंज क्रासिंग व हुसैनगंज से डीएवी कालेज तक सेतु निगम ने तीन एलिवेटेड रोड निर्माण पर 714.98 करोड़ रुपये की धनराशि का खर्च प्रस्तावित है। सरकार की यह योजना राजधानी में लगने वाले जाम से निजात दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पुराने लखनऊ में फूलमंडी से हैदरगंज तिराहा और यहां से मिल एरिया चौकी तक बनने वाले दोनों फ्लाईओवर के लिये सैकड़ों दुकानें तोड़ी जायेंगी। दरअसल, फ्लाईओवर का निर्माण शुरू करने के लिये इस रूट पर 24 मीटर चौड़ी सडक़ की दरकार है, लेकिन यहां कहीं पर भी 15 मीटर से अधिक सडक़ की चौड़ाई नहीं है। ऐसे में डिवाइडर के दोनों ओर 12-12 मीटर तक सडक़ खाली करवाई जा रही है। इस दौरान सैकड़ों दुकानों का टूटना तय है।</p>
<p>गौरतलब है कि बीते दिनों गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इन तीनों परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। प्रारंभिक तैयारियां पूरी करने के बाद कार्यदायी संस्था सेतु निगम प्रबंध तंत्र ने अब तीनों फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जमीन पर प्रारम्भ कर दिया है। सेतु निगम के अधिकारियों मुताबिक, फ्लाईओवर निर्माण के लिये टेंडर समेत अधिकतर औपचारिकतायें पूरी कर ली गई हैं। पुराने शहर में निर्माण कार्य फूलमंडी से शुरू होगा, लेकिन इससे पहले पूरे रूट से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। ताकि बीच में निर्माण रोकना न पड़े और ट्रैफिक सामान्य रहे। यह जिम्मा पीडब्ल्यूडी का है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी इंजिनियर इस रूट पर अतिक्रमण हटवाने के लिये एलडीए और नगर निगम से तंत्र से मिल कर फूलमंडी से नक्खास बिल्लौचपुरा, टूडियागंज और हैदरगंज होते हुए मिल एरिया तक का खसरा खतौनी और राजस्व का नक्शा लिया था। पीडब्ल्यूडी इंजिनियरों के मुताबिक, अतिक्रमण हटवाये बिना फ्लाईओवर का निर्माण मुश्किल है। इस कारण पूरे इस रूट पर ध्वस्तीकरण अभियान में एलडीए व नगर निगम का सहयोग लिया जायेगा।</p>
<p><strong>पुल निर्माण में सभी सुरक्षा उपायों का पालन हो : गहलौत </strong></p>
<p><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2018/10/gahlot.jpg"><img class="  wp-image-9273 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2018/10/gahlot-244x300.jpg" alt="gahlot" width="156" height="192" /></a>उत्तर प्रदेश सेतु निगम के कार्यों में गुणवत्ता तथा सुरक्षात्मक उपायों को लेकर अभियंताओं के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में सेतु निगम के प्रबंध निदेशक उत्तम कुमार गहलौत ने कहा कि विभाग के इंजिनियरों को अपने कार्य स्थल पर पूरी तरह संवेदनशील रहने की जरूरत है। उन्हें पुल निर्माण में सभी तरह के सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए गुणवत्तापूर्वक काम करना चाहिए ताकि आकस्मिक हादसों से बचा जा सके। प्रबंध निदेशक ने कहा कि हमें अपने कार्यस्थल पर सुरक्षात्मक उपायों का समयबद्ध निरीक्षण करने के साथ-साथ उनका आवश्यकतानुसार उपयोग करना अत्यन्त जरूरी है। साथ ही स्वास्थ्य की दृष्टि से कार्यस्थल की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देना भी आवश्यक है ताकि कार्य स्थल का पर्यावरण स्वच्छ रहे। प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वे एक दूसरे की भावनाओं को समझें और कार्य का वातावरण बेहतर बनायें। अभियंताओं का आह्वान करते हुये प्रबंध निदेशक ने कहा कि वह सुरक्षा मानकों के निरीक्षण में प्रत्येक पहलू का गम्भीरतापूर्वक निरीक्षण करें ताकि होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके।</p>
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