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	<title>Business Link &#187; मेरठ</title>
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		<title>केस की फाइल न भेजने पर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई</title>
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		<pubDate>Thu, 27 Jan 2022 19:08:46 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[इलाहाबाद हाईकोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[न्यायमूर्ति अजय भनोट]]></category>
		<category><![CDATA[मेरठ]]></category>
		<category><![CDATA[लिसारीगेट थाना]]></category>
		<category><![CDATA[सहायक रजिस्ट्रार]]></category>

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		<description><![CDATA[इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोर्ट को केस फाइल भेजने में विफल रहने वाले अधिकारी सहायक रजिस्ट्रार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है। वह एक विशेष फाइल को सूचीबद्ध करने में विफल रहे और विभिन्न प्रशासनिक निर्देशों का हवाला देते हुए मामले की फाइल को कोर्ट के समक्ष भेज दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोर्ट को केस फाइल भेजने में विफल रहने वाले अधिकारी सहायक रजिस्ट्रार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है। वह एक विशेष फाइल को सूचीबद्ध करने में विफल रहे और विभिन्न प्रशासनिक निर्देशों का हवाला देते हुए मामले की फाइल को कोर्ट के समक्ष भेज दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने मेरठ जिले के लिसारीगेट थाना के दलशाद उर्फ दिल्लू की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए हुए दिया।</p>
<p>अदालत ने याची को जमानत पर रिहा करने आदेश जारी किया और कहा कि सहायक रजिस्ट्रार कोट्र के आदेशों का पालन करने में विफल रहे। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा है कि जब उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुलाया और उनकी ओर से हुई चूक के बारे में पूछा तो उन्होंने अपना रुख दोहराया कि प्रशासनिक निर्देशों के कारण आदेश का पालन नहीं किया जा सकता। इस पर कोर्ट ने उन्हें अवज्ञाकारी मानते हुए उनके आचरण को न्याय के प्रशासन में हस्तक्षेप करार दिया और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया।</p>
<p>मामला मेरठ जिले के लिसारीगेट थाने का है। दलशाद उर्फ दिल्लू पर हत्या सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। निचली अदालत ने याची की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। याची ने अपनी जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सुनवाई में रजिस्ट्री अधिकारी संदीप कुमार सहायक रजिस्ट्रार फाइलिंग सेक्शन में प्रतिनियुक्त की ओर से पैदा की गई बाधा को नोट किया।</p>
<p>कोर्ट ने बुधवार को एक विशेष आदेश पारित कर निर्देश दिया गया था कि नियमित जमानत याचिका को 20 जनवरी 2022 बृहस्पतिवार को नए मामलों की सूची में रखा जाए। मामले में न तो पूर्वोक्त मामलों को नई सूची तैयार की गई और न ही फाइल कोर्ट को भेजी गई थी। कोर्ट ने खंडपीठ सचिव से पूछताछ की तो सहायक रजिस्ट्रार ने जवाब दिया कि विभिन्न प्रशासनिक निर्देशों के के कारण आदेश अनुपालन के लिए उत्तरदायी नहीं था और फाइल भेजने या सूची तैयार करने से इनकार कर दिया।</p>
<p>जिसके बाद जब यह मामला न्यायालय के संज्ञान में लाया गया तो न्यायालय ने निर्देश दिया कि अधिकारी को तलब किया जाए। न्यायालय के समक्ष भी सहायक रजिस्ट्रार ने वहीं बात दोहराई। इस पर न्यायालय ने आदेश पारित कर नियमों के तहत कार्रवाई का आदेश दिया।</p>
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		<title>&#8216;लव जिहाद‘ पर सख्त कानून ला सकती है योगी सरकार</title>
		<link>http://businesslinknews.com/up-government-can-bring-strict-law-on-love-jihad/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/up-government-can-bring-strict-law-on-love-jihad/#comments</comments>
		<pubDate>Fri, 28 Aug 2020 14:58:55 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीती प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[कानपुर]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[मेरठ]]></category>
		<category><![CDATA[लखीमपुर खीरी]]></category>
		<category><![CDATA[लव जिहाद]]></category>

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		<description><![CDATA[कानपुर के प्रकरणों पर जांच के लिए गठित हुई एसआईटी लखीमपुर खीरी में आरोपियों पर ‘रासुका‘ के तहत होगी कार्यवाई मेरठ के प्रकरणों में हुई सख्त कार्रवाई बिजनेस लिंक ब्यूरो लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ‘लव जिहाद गिरोह’ की सक्रियता पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने के लिए सख्त कानून ला सकती है। कानपुर में शालिनी &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>कानपुर के प्रकरणों पर जांच के लिए गठित हुई एसआईटी</strong></li>
<li><strong>लखीमपुर खीरी में आरोपियों पर ‘रासुका‘ के तहत होगी कार्यवाई</strong></li>
<li><strong>मेरठ के प्रकरणों में हुई सख्त कार्रवाई</strong></li>
</ul>
<p><strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/08/20_07_2020-yogi_41_20531067.jpg"><img class="  wp-image-21864 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/08/20_07_2020-yogi_41_20531067.jpg" alt="20_07_2020-yogi_41_20531067" width="332" height="276" /></a>बिजनेस लिंक ब्यूरो</strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> योगी आदित्यनाथ सरकार ‘लव जिहाद गिरोह’ की सक्रियता पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने के लिए सख्त कानून ला सकती है। कानपुर में शालिनी यादव और अन्य पांच हिन्दू परिवारों की बेटियां, लखीमपुर खीरी में दलित परिवार की बेटी और मेरठ में कई हिन्दू परिवार ‘लव जिहाद‘ का शिकार हुये हैं। ‘लव जिहाद गिरोह‘ पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कानपुर प्रकरण की जांच एसआईटी करेगी। तो वहीं मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी प्रकरण में दोषियों पर ‘रासुका‘ लगाने के निर्देश दिये हैं। योगी सरकार जल्द ही ‘लव जिहाद‘ के बढ़ते प्रकरणों पर निर्णायक कार्रवाई करने के लिए सख्त कानून ला सकती है।</p>
<p>हाल ही में मेरठ, कानपुर और लखीमपुर खीरी में सामने आये ‘लव जिहाद‘ के प्रकरण तस्दीक करते हैं कि एक समुदाय विशेष से संबंधित ‘लव जिहाद गिरोह‘ सोची-समझी रणनीति के तहत हिन्दू युवतियों का धर्म परिवर्तन कराने के लिए सक्रिय है। ‘लव जिहाद गिरोह‘ के सदस्य पहले हिन्दू नाम से युवतियों से दोस्ती कर प्रेम का नाटक करते हैं, फिर उनका ब्रेनवाॅश कर शादी का झांसा देकर या ब्लैकमेलिंग के सहारे धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते हैं। ऐसे कई प्रकरण सामने आये हैं, जिन पर पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।</p>
<p>कानपुर जनपद में शालिनी यादव से फिजा फातिमा बनी युवती का मामला सामने आने के बाद उसी मोहल्ले से ‘लव जिहाद‘ के पांच और मामले सामने आये हैं। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से बेटियों को बचाकर वापस लाने की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि बीते 2 महीनों में पांच लड़कियों का ब्रेनवॉश कर उनका धर्म परिवर्तन कराने का दबाव बनाया गया है। ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण कराने वाला एक गैंग सक्रिय है। सबसे बड़ी बात यह है कि पांचों आरोपी एक ही कॉलोनी के रहने वाले हैं।</p>
<p>पीड़ित परिवारों ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि हमारी बच्चियों को गुमराह कर धर्मांतरण कराया गया है। उनको बरामद कर कोर्ट में बयान कराया जाए। शहर भर के सभी थानों में दर्ज मामलों की जांच कराई जाए तो एक बहुत बड़े गैंग का खुलासा होगा। शालिनी के भाई का कहना है कि फैसल मेरी बहन को बहला-फुसलाकर, उससे 10 लाख की चोरी कराने के बाद ले गया है।</p>
<p>आईजी रेंज, कानपुर मोहित अग्रवाल ने बताया, पांच बच्चियों के माता-पिता ने प्रार्थनापत्र दिया है कि बच्चियों का ब्रेनवॉश करके या बरगला कर ले जाया गया है। उनका धर्म परिवर्तन कराकर मैरेज की है। सभी ने बच्चियों को बरामद कर कोर्ट में बयान कराने की मांग की है। इसके लिए एक राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी टीम गठित कर दी गई है। जो इन सभी मामलों की जांच करेगी। यह बात सामने आ रही है कि सभी आरोपित एक ही कॉलोनी से हैं।</p>
<p><strong> पांच बेटियों का कराया धर्मांतरण!</strong><br />
जनपद कानपुर में ‘लव जिहाद‘ का शिकार हुई शालिनी यादव प्रकरण के बाद कई ऐसे कई परिवार सामने आये हैं, जिनका आरोप है कि उनके घर की बेटियों को साजिश के तहत एक समुदाय विशेष के लड़के नाम बदलकर प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया है। कल्यानपुर थाना क्षे़त्र के ऐसे ही एक प्रकरण में दो सगी बहनें शामिल हैं, जिसमें से एक नाबालिग है। इनका धर्म परिवर्तन कराया गया है। इसी तरह से पनकी थाना क्षेत्र में दो सगी बहनें पीड़िता हैं। इनके परिवार ने भी पुलिस प्रशासन को बताया समुदाय विशेष के ये लड़के अपना ‘हिंदू नाम‘ बताकर बच्चियों के करीब आये।</p>
<p><strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/08/mohii.jpg"><img class="  wp-image-21870 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/08/mohii.jpg" alt="mohii" width="227" height="171" /></a>कानपुर में गठित हुई एसआईटी</strong><br />
कानपुर में शालिनी यादव प्रकरण के बाद से शहर में ‘लव जिहाद गैंग‘ के सक्रिय होने की बात सामने आई है। पीड़ितों का कहना है कि पिछले एक महीने में 5 मामले सामने आ चुके हैं। ‘लव जिहाद‘ के मामले में आईजी मोहित अग्रवाल के आदेश पर एसआईटी गठित की गई है। आरोपितों की एक-दूसरे से जुड़े होने की जांच एसआईटी करेगी। साथ ही सुनियोजित तरीके से जिहाद फैलाने और बाहर से फंडिंग के आरोपो की भी जांच होगी।</p>
<p><strong>लखीमपुर खीरी प्रकरण में ‘रासुका‘ के तहत कार्रवाई</strong><br />
लखीमीपुर खीरी में छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में लव जिहाद का मामला सामने आने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को पांच लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा करते हुए कहा इस प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करा कर अपराधी को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी। इसमें सरकार पीड़िता की तरफ से केस लड़ेगी। पुलिस आरोपित दिलशाद के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई करेगी।</p>
<p><strong>मेरठ में सामने आये कई प्रकरण</strong><br />
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ‘लव जिहाद‘ के कई प्रकरण सामने आये हैं। मेरठ का फैसल कभी माथे पर टीका और हाथों में कलावा बांधकर हिन्दू युवती को झूठे प्रेमजाम में फंसाकर गर्भवती बनाता है। कभी शाकिब, अमन बनकर पहले एकता को अपने प्रेमजाल में फंसाता है और फिर परिजनों के सहयोग से उसका बेरहमी से कत्ल कर देता है। तो वसीम कभी दिनेश रावत बनकर हिन्दू युवती से प्रेम संबंध उसे ब्लैकमेल करने के लिए बनाता है। मेरठ स्थित परतापुर के गांव भूड़बराल का शादीशुदा शमशाद गाजियाबाद की महिला प्रिया से फेसबुक पर अमित गुर्जर बनकर प्रेमप्रसंग रचाता है। फिर शादी का झांसा देकर साथ रखता है। असलियत सामने आने पर मां-बेटी की हत्या कर दोनों के शव घर में ही दफना देता है। लव जिहाद के यह प्रकरण हालही में मेरठ जनपद की सुर्ख़ियां बनें हैं।</p>
<p><strong>&#8216;लव जिहाद&#8217; के बढ़ते पैटर्न को मान चुका है केरल हाईकोर्ट</strong><br />
बीते दिनों केरल में एक हिन्दू लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि इस्लामिक कट्टरता फैलाने के लिए एक सोचे-समझे प्लान के तहत ‘लव जिहाद‘ पर काम किया जा रहा है। केरल हाईकोर्ट ने शफीन की हिंदू लड़की से शादी को ‘लव जिहाद‘ का बढ़ता पैटर्न बताते हुए इसे रद्द करने का ऑर्डर दिया था। शफीन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर एनआईए जांच रोकने की मांग की। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए से कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आरवी. रवींद्रन के सुपरविजन में इस मामले की जांच करे।</p>
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