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	<title>Business Link &#187; रोजगार</title>
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		<title>31,661 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने की शुरुआत करेंगे सीएम योगी</title>
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		<pubDate>Sun, 20 Sep 2020 17:58:50 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
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		<description><![CDATA[शिक्षकों पर मेहरबान सीएम योगी सरकार विभिन्न जिलों में चयनित अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र बांटने की शुरू होगी प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी होगी नियुक्ति पत्र बांटने की प्रक्रिया अब तक 54,706 शिक्षकों की भर्ती कर चुकी है सरकार समर सिंह लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>शिक्षकों पर मेहरबान सीएम योगी सरकार</strong></li>
<li><strong>विभिन्न जिलों में चयनित अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र बांटने की शुरू होगी प्रक्रिया</strong></li>
<li><strong>एक सप्ताह के भीतर पूरी होगी नियुक्ति पत्र बांटने की प्रक्रिया</strong></li>
<li><strong>अब तक 54,706 शिक्षकों की भर्ती कर चुकी है सरकार</strong></li>
</ul>
<p><strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/09/job.jpg"><img class="  wp-image-21976 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/09/job.jpg" alt="job" width="475" height="267" /></a>समर सिंह<br />
</strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में 31,661 शिक्षकों को एक सप्ताह में नियुक्ति करने का निर्णय लिया है। स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने नियुक्तियों की तैयारी तेज कर दी है। साथ ही सभी विभागों के रिक्त पदों पर आगामी 6 माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जायेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को पर्याप्त सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये हैं। तमाम व्यवधानों के बावजूद बीते 15 वर्षों के दौरान सबसे अधिक 54,706 शिक्षकों की भर्ती पिछले 3 वर्षों में की हैं। साथ ही पूर्ववती सरकार के कार्यकाल वर्ष 2012-17 की तुलना में पद भी बढ़ाये हैं। मुख्यमंत्री का निर्देश मिलते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राथमिक व उच्च प्रा​थमिक विद्यालयों में 31,661 शिक्षकों की नियुक्ति एक सप्ताह में करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इससे भर्ती का इंतजार कर रहे हजारों आवेदकों में खुशी की लहर है।</p>
<p>बेसिक शिक्षा विभाग में 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में से शिक्षामित्रों के पदों को छोड़कर 31,661 चयनित आवेदकों को नियुक्ति पत्र देने की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं करेंगे। इसके लिए विभिन्न जनपदों से चयनित आवेदकों को बुलाया जायेगा। अब तक वर्तमान प्रदेश सरकार ने महज 3 वर्षों में युवाओं को सबसे अधिक 3,00,526 सरकारी नौकरियां दी हैं। वहीं 85,629 नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं।</p>
<p>योगी सरकार ने पूर्ववती सरकारों (सपा-बसपा) के पूरे कार्यकालों की तुलना में कहीं अधिक 3,00,526 सरकारी नौकरियां 3 वर्षों में दी हैं। बसपा सरकार ने पांच साल में कुल 91,000 सरकारी नौकरियां दी। तो वहीं सपा सरकार ने पांच साल के दौरान 2.05 लाख सरकारी नौकरियों पर नियुक्तियां की। जबकि 3 वर्षों में योगी सरकार ने 3,00,526 सरकारी नौकरियां दी हैं। इनका औसत निकाला जाय तो प्रतिवर्ष 1 लाख युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरी मिली हैं।</p>
<p><strong>पारदर्शी प्रक्रिया से खुश और संतुष्ट हैं अभ्यर्थी</strong><br />
वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में हुई भर्तियों में अपनाई गई निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से अभ्यर्थी खुश और संतुष्ट हैं। जबकि पूर्ववती सरकारों के कार्यकाल की भर्तियों में भाई-भतीजावाद, क्षेत्रवाद, जातिवाद और भ्रष्टाचार हावी रहा। सभी भर्तियों में अपनाई गई मनमानी प्रक्रिया के खिलाफ अभ्यर्थी न्यायालय पहुंचे। साथ ही हजारों आक्रोषित अभ्यर्थी सड़कों पर भी उतरे।</p>
<p><strong>45,000 शिक्षकों को मिलेगा लाभ</strong><br />
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक सप्ताह में शिक्षकों की भर्ती के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों तथा सहायक अध्यापकों के अंतरजनपदीय तबादलों की अनुमति दे दी है। इससे सूबे के करीब 45,000 शिक्षकों को लाभ मिलेगा। तबादलों में महिला, दिव्यांग और सैनिक परिवारों को वरीयता दी जाएगी।</p>
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		<title>&#8216;उत्तर प्रदेश स्टार्टअप फंड&#8217; का शुभारंभ, SIDBI को मिली 15 करोड़ की प्रथम किश्त</title>
		<link>http://businesslinknews.com/uttar-pradesh-startup-fund-launched-sidbi-gets-first-installment-of-15-crores/</link>
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		<pubDate>Wed, 20 May 2020 16:20:22 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
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		<category><![CDATA[भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI)]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
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		<description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी ने कहा &#8211; बाहर से आए कामगार और श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने से उनकी समस्याओं का समाधान तो होगा ही, साथ ही उनकी प्रतिभा का लाभ उत्तर प्रदेश के माध्यम से पूरे देश को भी मिलेगा नई स्टार्टअप नीति के तहत हम अपने अधिक से अधिक युवाओं को स्टार्टअप लगाने के लिए &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>मुख्यमंत्री योगी ने कहा &#8211; बाहर से आए कामगार और श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने से उनकी समस्याओं का समाधान तो होगा ही, साथ ही उनकी प्रतिभा का लाभ उत्तर प्रदेश के माध्यम से पूरे देश को भी मिलेगा</strong></li>
<li><strong>नई स्टार्टअप नीति के तहत हम अपने अधिक से अधिक युवाओं को स्टार्टअप लगाने के लिए करेंगे प्रेरित</strong></li>
<li><strong>हमारी नीयत नेक है, लेकिन नियत के साथ-साथ निर्णय लेने की क्षमता को भी गति देनी होगी</strong></li>
<li><strong>सिडबी के साथ जो आदान-प्रदान और समझौता ज्ञापन प्रदेश में आज स्थापित हो रहा है, निश्चित रूप से उससे स्टार्टअप की स्थापना में गति आएगी</strong></li>
</ul>
<p><em><strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/Press-3.jpg"><img class="  wp-image-21418 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/Press-3.jpg" alt="Press (3)" width="593" height="247" /></a>बिजनेस लिंक ब्यूरो</strong></em></p>
<p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री आवास पर उत्तर प्रदेश स्टार्टअप फंड का शुभारंभ किया और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) को 15 करोड़ रुपए की प्रथम किश्त सौंपी। इस दौरान उन्होंने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए एक नई स्टार्टअप नीति प्रदेश में बने जिससे प्रदेश का युवा जुड़ सके। इसके साथ ही जॉब की संभावनाओं को बल मिल सके। इसी क्रम में प्रदेश सरकार और सिडबी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ है।</p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि इस समय बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार और श्रमिक उत्तर प्रदेश में आए हैं। हमें उनकी स्किल के अनुसार उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना। इससे ना सिर्फ उनकी समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि उनकी ऊर्जा और प्रतिभा का लाभ उत्तर प्रदेश के माध्यम से पूरे देश को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी नीयत नेक है, लेकिन नीयत के साथ-साथ निर्णय लेने की क्षमता को भी गति देनी होगी, तभी हम लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी अच्छे कार्य को तीव्रता के साथ आगे बढ़ाने के लिए समय पर निर्णय लेना अतिआवश्यक होता है, वरना एक बड़ा वर्ग योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाता है। यदि समय पर सही निर्णय लेकर कार्य प्रारंभ कर दिए जाएं तो बहुत सारे लोगों के जीवन को एक नई दिशा दी जा सकती है।</p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि हमारी नई स्टार्टअप नीति आ रही है और इस नई नीति के तहत हम अपने अधिक से अधिक युवाओं को अपना स्टार्ट अप लगाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के लिए भारत सरकार ने जिस नए पैकेज की घोषणा की है, उसके तहत प्रदेश के एमएसएमई विभाग ने पहले कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। जिसके तहत एक बड़ा ऑनलाइन लोन मेला आयोजित कर उद्यमियों को लोन देने की कार्यवाही को संपन्न किया जा चुका है। इसी तरह से कई और अन्य कार्यों को भी हमने आगे बढ़ाया है।</p>
<p><strong>अबतक युवाओं की क्षमता का उपयोग नहीं किया गया, वर्तमान सरकार ने इस ओर दिया ध्यान: डॉ. शर्मा</strong></p>
<p>उपमुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि सिडबी के साथ जो आदान-प्रदान और समझौता ज्ञापन प्रदेश में आज स्थापित हो रहा है, निश्चित रूप से उससे स्टार्टअप की स्थापना में गति आयेगी और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश में तमाम संभावनाएं हैं, यहां के युवाओं के पास नए-नए आइडियास, विचार और कॉन्सेप्ट हैं, लेकिन उनका उपयोग अबतक नहीं किया गया था। वर्तमान सरकार ने इस विषय पर ध्यान दिया है।</p>
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		<title>36 हजार रोजगार सेवकों की समस्याओं का हुआ समाधान, योगी ने जारी की 225 करोड़ की धनराशि</title>
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		<pubDate>Tue, 12 May 2020 08:59:03 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[इंडस्ट्री]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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		<description><![CDATA[बोले मुख्यमंत्री, ऐसे रोजगारों की संभावनाओं को आगे बढ़ाएं जो उत्तर प्रदेश के नागरिकों के प्रत्येक हाथ को रोजगार दिला सके मुख्यमंत्री ने करीब 36 हज़ार रोजगार सेवकों के खाते में उनके मानदेय की धनराशि डीबीटी के माध्यम से की ट्रांसफर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में नया अध्याय जोडऩे के लिये प्रतिदिन 50 लाख लोगों को &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>बोले मुख्यमंत्री, ऐसे रोजगारों की संभावनाओं को आगे बढ़ाएं जो उत्तर प्रदेश के नागरिकों के प्रत्येक हाथ को रोजगार दिला सके</strong></li>
<li><strong>मुख्यमंत्री ने करीब 36 हज़ार रोजगार सेवकों के खाते में उनके मानदेय की धनराशि डीबीटी के माध्यम से की ट्रांसफर</strong></li>
<li><strong>प्रदेश की अर्थव्यवस्था में नया अध्याय जोडऩे के लिये प्रतिदिन 50 लाख लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार से जोडऩे का प्रयास तेज </strong></li>
<li><strong>ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा रोजगार सृजन का एक बड़ा माध्यम बनेगा : मुख्यमंत्री</strong></li>
</ul>
<p><strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/DBT.jpeg"><img class="  wp-image-21345 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/DBT.jpeg" alt="DBT" width="386" height="297" /></a>बिजनेस लिंक ब्यूरो </strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश के अंदर इस महीने के अंत तक हम लगभग एक करोड़ से अधिक उन रोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाएं जो प्रदेश के हर नागरिक के प्रत्येक हाथ को रोजगार दे सके। उन्होंने कहा कि 23 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में हमारा प्रयास होना चाहिए कि मई के अंत तक हम प्रतिदिन 50 लाख लोगों को रोजगार दे सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ा कार्य है कि हम अधिक से अधिक लोगों को रोज़गार उपलब्ध करवाएं और ऐसा तब ही संभव हो पाएगा, जब प्रत्येक रोजगार सेवक पूरी मज़बूती के साथ अपने उत्तरदायित्वों का निर्वाहन करेगा।</p>
<p>सीएम योगी ने मंगलवार को लोक भवन स्थित अपने कार्यालय में बैठक के दौरान करीब 36 हज़ार रोजगार सेवकों के खाते में उनके मानदेय की धनराशि ट्रांसफर की। सीएम योगी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से ग्राम रोजगार सेवकों को 225 करोड़ 39 लाख रुपए की धनराशि का भुगतान किया। इसके साथ ही एक दर्जन से अधिक लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात भी की। कन्नौज, वाराणसी, गोरखपुर हरदोई और प्रतापगढ़ के रोजार सेवकों के साथ वार्ता के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनको प्रोत्साहित किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि ग्राम्य विकास विभाग ने रोज़गार सेवकों से जुड़ी हुई समस्याओं का समाधान किया है। ये समस्याएं नवंबर 2016 से ये समस्याएं लंबित थीं। उन्होंने कहा कि रोज़गार सृजन के बड़े माध्यम हमारे बीच में ही मौजूद हैं, केवल संभावनाओं को तलाशने की आश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रवासी कामगार और श्रमिकों को विभिन्न स्थानों पर उनकी स्किल के अनुरूप रोज़गार देने की व्यवस्था उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में संभव है। इस क्रम में हमने नीतियां बनाई हैं। कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए हमने रोड मैप तैयार किया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, एमएसएमई सेक्टर में लाखों लोगों को रोज़गार मुहैया कराया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा रोज़गार सृजन का एक बड़ा माध्यम बन सकता है। उन्होंने कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रतिदिन 50 लाख लोग प्रदेश में मनरेगा के रोज़गार के साथ जुड़ें। ऐसा करने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नया बाल मिलेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग प्रतिवर्ष बेसिक शिक्षा परिषद में 1 करोड़ 80 लाख से अधिक बच्चों की यूनिफॉर्म और स्वेटर बनाते हैं,यह यूनिफॉर्म और स्वेटर बनाने का काम हम महिला स्वयंसेवी समूहों को दे सकते हैं। ऐसे कई कार्यों के लिए हम लोगों और महिला स्वयं सेवी समूहों को प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज से हमारे लोन मेला प्रारंभ हो रहे हैं। बैंकों में भीड़ नहीं लगेगी, ऑनलाइन व्यवस्था से काम होगा। इस व्यवस्था को हम मजबूती के साथ आगे बढ़ने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग विभिन्न स्थानों पर नए-नए रोजगार और नई नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकते हैं।</p>
<p>इस दौरान सीएम योगी के साथ ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह आदि अधिकारीगण मौजूद रहे।</p>
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		<title>CM योगी बने ढाल, कोरोना का &#8216;जीवन और जीविका&#8217; पर प्रहार नाकाम</title>
		<link>http://businesslinknews.com/cm-yogi-becomes-shield-coronas-attack-on-life-and-livelihood-fails/</link>
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		<pubDate>Mon, 11 May 2020 21:51:49 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
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		<description><![CDATA[लखनऊ। घर वापसी का हर अवसर खुशनुमा होता है, और जब वापसी कोरोना कहर के दरम्यान हो, सुरक्षित हो, सरलतापूर्वक हो, तो खुशी का अहसास, पुनः ज़िंदगी मिलने के बराबर हो जाता है। शायद तभी उ.प्र. के प्रवासी श्रमिकों/कामगारों को लेकर गुजरात से एक रेलगाड़ी जब उन्नाव के रेलवे स्टेशन पहुंचती है तो उससे उतरने &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<figure id="attachment_21179" style="width: 111px;" class="wp-caption alignleft"><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/04/C52315B8-7F9D-4786-9ED1-BC043B00DC50.jpeg"><img class="  wp-image-21179" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/04/C52315B8-7F9D-4786-9ED1-BC043B00DC50.jpeg" alt="C52315B8-7F9D-4786-9ED1-BC043B00DC50" width="111" height="185" /></a><figcaption class="wp-caption-text"><strong>प्रणय विक्रम सिंह </strong></figcaption></figure>
<p><strong> लखनऊ।</strong> घर वापसी का हर अवसर खुशनुमा होता है, और जब वापसी कोरोना कहर के दरम्यान हो, सुरक्षित हो, सरलतापूर्वक हो, तो खुशी का अहसास, पुनः ज़िंदगी मिलने के बराबर हो जाता है। शायद तभी उ.प्र. के प्रवासी श्रमिकों/कामगारों को लेकर गुजरात से एक रेलगाड़ी जब उन्नाव के रेलवे स्टेशन पहुंचती है तो उससे उतरने वाले हर इंसान के चेहरे पर कयामत को फतह करने वाला गुरूर और माँ की गोद में मिलने वाला सुकून दिखाई पड़ रहा था। खुशी का आलम कुछ यूं था मानों बरसों की साधना के बाद मनचाहा वरदान मिल गया हो। सारे गिले-शिकवे, दर्द-तकलीफ, भर्राई आवाज में “योगी जी जिंदाबाद” के भावुक स्वर में गुम हो गए।</p>
<p>दीगर है कि मार्च के आखिरी हफ्ते से प्रवासी श्रमिकों को दिल्ली से वापस लाने का जो सिलसिला यूपी सरकार की निगेहबानी में शुरू हुआ था वह लगातार जारी है। अब तक कई सूबों से रेलगाड़ियों और बसों के जरिए करीब आठ लाख श्रमिक उ.प्र. वापस लौट चुके हैं। उम्मीद है कि लगभग 20 लाख प्रवासी कामगार इस दौरान अपने घरों को लौटेंगे। ऐसे अभूतपूर्व कार्य को अंजाम दे कर योगी आदित्यनाथ की सरकार ने देश के अन्य सूबों की सरकारों के सम्मुख एक नजीर स्थापित कर दी है। खैर, अपने सूबे के बाशिंदों को मुसीबत से निकाल कर योगी ने एक जिम्मेदार अभिभावक होने का फर्ज तो निभाया है लेकिन अगला सवाल प्रवासी श्रमिकों के रोजगार का है।</p>
<p>गौरतलब है कि कोरोना के कारण तेजी से बदल रही सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां, संभावित महामारी “बेरोजगारी” के विकराल स्वरूप में आने की मुनादी कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने &#8216;जान और जहान&#8217; दोनों को सुरक्षित रखने की अपील की थी। &#8216;जहान&#8217; स्वयं में विस्तृत अर्थों को समेटे हुए है। जहान की सुरक्षा का समेकित अर्थ &#8216;सामाजिक जीवन&#8217; की गतिविधियों का सहज संपादन भी है। लिहाज़ा प्रश्न उदित होता है कि लाखों की संख्या में जो श्रमिक अन्य प्रांतों से अपने गांव और कस्बों में वापस आए हैं, वह रोजगार के अभाव में अपनी व अपने कुटुंब की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कैसे करेंगे? कैसे सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन संभव होगा?</p>
<p>आखिर 23 करोड़ की आबादी वाले उ.प्र. में कोरोना जनित बेरोजगारी की मनहूस काली रात में रोजगार का खुशनुमा उजाला कैसे फैलेगा? क्या अनुद्योग के भंवर में रोजगार की कश्ती डूब जायेगी? ऐसा कतई नहीं है। समस्या में भी संभावना खोजने में विशेषज्ञ मुख्यमंत्री योगी के पास रोजगार के लिए असीम संभावनाओं के अनेक पिटारे हैं। आगामी 03 से 06 महीनों के भीतर कम से कम 20 लाख लोगों के लिए रोजगार सृजन की ठोस कार्ययोजना विभिन्न विभागों द्वारा तैयार कर ली गई है।</p>
<p>MSME, ODOP, NRLM, मनरेगा, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास मिशन, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और खादी ग्रामोद्योग आदि के माध्यम से लाखों रोजगारों के सृजन की रूपरेखा को टीम-11 के द्वारा धरातल पर उतारने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसी क्रम में प्रवासी श्रमिक/कामगार, जो उत्तर प्रदेश वापस लाए जा रहे हैं, बाकायदा उन सभी की स्क्रीनिंग कर उनके हुनर, स्किल का भी लेखा-जोखा जनपदवार-ग्रामवार तैयार किया जा रहा है ताकि इसी के अनुसार उन्हें रोजगार मुहैया कराया जा सके।</p>
<p>“जीवन और जीविका” का यह समर, पूरी व्यवस्था को “स्वदेशी” दिशा की तरफ मोड़ते हुए कुटीर उद्योगों के क्षेत्र को बड़ी उम्मीद से देख रहा है। यही नहीं गोवंश के जरिए गो आधारित जैविक खेती, गो मूत्र और गोबर से बनने वाले उत्पा<img class="  wp-image-21309 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/charbaag-1.jpg" alt="charbaag 1" width="411" height="277" />दों और फूलों से बनने वाले इत्र, अगरबत्ती और उसके बचे हिस्से से कंपोस्ट की संभावनाएं, रोजगार के नए आयाम विकसित करने का माध्यम बनने जा रही हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश को रेडिमेड गारमेंट का हब बनाने की कार्य योजना पूरी तरह से तैयार हो चुकी है।</p>
<p>योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि, &#8220;रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करने के उद्देश्य से केंद्र की मोदी सरकार ने रिवल्विंग फंड में जो बढ़ोतरी की है, उससे महिला स्वयंसेवी समूहों की विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए रोजगार सृजित किया जाएंगे। उससे महिला स्वयंसेवी समूहों को विभिन्न गतिविधियों जैसे सिलाई, अचार, मसाला बनाना इत्यादि के तहत रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे।&#8221; यही नहीं महिलाएं जिन सामग्रियों का निर्माण करेंगी, उन्हें राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने में सरकार पूरा सहयोग करेगी। देखा जाए तो, कोविड-19 कालखण्ड में &#8216;स्थानीय से राष्ट्रीय&#8217; की यात्रा का परिवहन पथ बनी ODOP योजना बहुत बड़ी संख्या में रोजगार सृजन का माध्यम बनने जा रही है। वहीं, दुग्ध समितियां तथा पौध नर्सरी भी प्रवासी कामगारों, श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने का बड़ा माध्यम बनेंगी।</p>
<p>ध्यातव्य है कि, उत्तर प्रदेश में नए कृषि सुधारों ने, “कृषक उत्थान” की बहुआयामी संभावनाओं की रूपरेखा तैयार कर दी है। यह नए संशोधन, उप्र कृषि उपज विपणन अधिनियम के दायरे से 46 कृषि वस्तुओं को मुक्ति प्रदान करते हुए, इन वस्तुओं को किसानों से सीधे खरीद की अनुमति प्रदान करते हैं। उ.प्र. किसानों से सीधी खरीद, मौजूदा वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज को नई निजी मंडी के रूप में निर्दिष्ट करने और निजी मंडियां स्थापित करने की भी सुविधा प्रदान करने वाला राज्य बन गया है। सुधारों की यह श्रंखला अब किसानों को स्थानीय एपीएमसी (मंडियों) की दया पर आश्रित रहने से मुक्ति प्रदान करती है क्योंकि उनके पास राज्य के किसी भी बाजार में अपने उत्पाद बेचने के लिए एकल लाइसेंस है।</p>
<p>यह निर्णय असमय काल-कवलित होती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और बिचौलियों के हाथों निर्धन कृषकों की प्रणालीगत लूट को समाप्त करने हेतु पूर्णतः सक्षम है। यह, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने में भी मदद करेगा जो अधिक रोजगार उत्पन्न करेगा। सुधारों की इस श्रंखला में श्रम कानूनों को शिथिल कर योगी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश व्यापार के लिए खुला है। श्रम कानूनों के निलंबन से उद्योग और विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी। अब नए लघु एवं मझोले उद्योगों के विकसित होने की प्रबलता बढ़ गई है।</p>
<p>यहां एक बात और काबिल-ए-गौर है कि कोराना संक्रमण के मध्य, हजारों औद्योगिक कम्पनियों का चीन से मोह भंग हो गया है। उसमें चीन की हठधर्मी नीतियों का भी बड़ा योगदान है साथ ही वैश्विक औद्योगिक जगत, अब किसी एक स्थान के बजाए अनेक स्थानों पर निवेश कर कोरोना जैसे किसी भी अप्रत्याशित जोखिम के प्रभाव को कम करना चाहता है। इस “संक्रमण और संभावना” के संधिकाल पर योगी सरकार का बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करने हेतु “विशेष पैकेज” तैयार करना, उ.प्र. को “औद्योगिक निवेश” का बड़ा हब बनाने जा रहा है। जो असीमित और गुणवत्तापरक राजगार का बड़ा जरिया बनेगा।</p>
<p>यही नहीं मुख्यमंत्री शिक्षुता (अप्रेन्टिसशिप) प्रोत्साहन योजना के तहत युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ-साथ ₹2500 का मासिक प्रशिक्षण भत्ता प्रदान की जाने की व्यवस्था की गई है। विदित हो कि एक वर्ष में एक लाख युवाओं को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के तहत 02 लाख युवाओं को जोड़े जाने की संभावनाओं को तलाशा गया है। रोजगार अथवा स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक स्वावलंबन के लिए युवाओं को ‘युवा हब’ के माध्यम से भी ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी द्वारा दिए गए हैं।</p>
<p>उपरोक्त विवरणों की बुनियाद पुख्ता तरीके से इस बात की तस्दीक करती है कि यूपी में हर हाथ में काम का स्वप्न अधूरा नहीं रहेगा। बल्कि उ.प्र. सरकार का नियोजन और उसके सापेक्ष सक्रियता, यह बता रही है कि द्वापर युग के बाद फिर एक “राजयोगी” का परिश्रम, पाण्डव रूपी जनता को “रोजगार रूपी पथ” के माध्यम से बेरोजगारी के “लाक्षागृह” की आग से अवश्य बचा लेगा।</p>
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		<title>श्रमिकों की घरवापसी के साथ रोजगार देने में जुटी योगी सरकार</title>
		<link>http://businesslinknews.com/yogi-government-engaged-in-providing-employment-with-workers-return-2/</link>
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		<pubDate>Sat, 09 May 2020 09:27:15 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीती प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[रेल सेवा]]></category>
		<category><![CDATA[योगी सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[रोजगार]]></category>
		<category><![CDATA[श्रमिकों की वापसी]]></category>

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		<description><![CDATA[अपने श्रमिकों को ससम्मान सुरक्षित वापसी करने वाला पहला राज्य है उप्र 20 लाख प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार खाद्य प्रसंस्करण, रेडीमेड गारमेंट, गो आधारित उत्पाद और फूलों की खेती पर होगा फोकस सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए सभी संभावित क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार के साथ सुरक्षा भी बिजनेस &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>अपने श्रमिकों को ससम्मान सुरक्षित वापसी करने वाला पहला राज्य है उप्र</strong></li>
<li><strong>20 लाख प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार</strong></li>
<li><strong>खाद्य प्रसंस्करण, रेडीमेड गारमेंट, गो आधारित उत्पाद और फूलों की खेती पर होगा फोकस</strong></li>
<li><strong>सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए सभी संभावित क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार के साथ सुरक्षा भी</strong></li>
</ul>
<p><strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/charbaag-1.jpg"><img class="  wp-image-21309 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/charbaag-1.jpg" alt="charbaag 1" width="452" height="305" /></a>बिजनेस लिंक ब्यूरो </strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> श्रमिकों की वापसी के साथ योगी सरकार उनको रोजगार देने की कार्ययोजना बनाने में भी जुटी है। संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान कर ली गयी है। आने वाले दिनों में दूसरे प्रदेशों से लौटे हुनरमंद और कर्मठ श्रमिकों के बूते उत्तर प्रदेश रेडीमेड गारमेंट, खाद्य प्रसंस्करण, गो आधारित उत्पाद, फूलों की खेती और फूलों से बनने वाले सह उत्पादों का हब बन सकता है। इस बाबत अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया जा चुका है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उप्र देश का पहला राज्य है जिसने दूसरे प्रदेशों में रह रहे अपने श्रमिकों एवं कामगारों की सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी की शुरुआत की। मार्च के अंतिम हफ्ते से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से शुरू यह सिलसिला जारी है। अब तक विभिन्न राज्यों से ट्रेनों और बसों के जरिए करीब आठ लाख श्रमिक लाए जा चुके हैं। उम्मीद है कि कुल 20 लाख प्रवासी इस दौरान अपने घरों को लौटेंगे। इन सबको स्थानीय स्तर पर उनके हुनर के अनुसार रोजगार देने को हम प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए दीर्घकालीन और अल्पकालीन दोनों तरह की योजनाएं सरकार के पास हैं। हर हालात में हम कोरोना जनित इस संकट को अवसर में बदलेंगे। इसके लिए हमने श्रम कानूनों में संसोधन भी किया है।</p>
<p><strong>हर रोज तीन दर्जन ट्रेनों से आ रहे प्रवासी</strong></p>
<p>पिछले तीन दिनों में 80 ट्रेनों से करीब सवा लाख प्रवासी श्रमिक उप्र पहुंच चुके हैं। 35 ट्रेनें रास्ते में हैं। अभी अगले कुछ दिनों तक रोज श्रमिकों को लेकर 35 से 40 ट्रेनें उप्र में पहुंचेंगी। खाड़ी देशों से आज हवाई जहाज से आने वालों में भी सब अपने प्रदेश के श्रमिक एवं कामगार ही हैं। हर श्रमिक से क्वारंटीन सेंटर में उसकी दक्षता की जानकारी ली जा रही है। सेहत की जांच में स्वस्थ्य पाये जाने वाले को 1000 रुपये भरण-पोषण भत्ता और तय मात्रा में राशन के साथ होम क्वारंटाइन के लिए भेजा जा रहा है। संदिग्ध को क्वारंटाइन सेंटर पर ही आगे की जांच के लिए आइसोलेट कर दिया जा रहा है। सभी जिलों के जिलाधिकारियों को इस प्रक्रिया हर हाल में अनुपालन कराने के बाबत निर्देश दिये जा चुके हैं।</p>
<p><strong>क्वारंटीन पूरा होते ही देगें काम: योगी</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कार्ययोजना क्वारंटीन पूरा करने वाले श्रमिकों को तुरंत काम देने की है। मनरेगा, ईंट भट्ठे, चीनी मिलें और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों से जुड़ी इकाईयों में इनको समायोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में ग्रेडिंग, प्रसंस्करण, पेकिंग, ट्रांसपोरटेशन और विपणन के क्षेत्र में भारी संभावनाएं हैं। इसी तरह हम उप्र को रेडीमेड गारमेंट का भी हब बना सकते हैं। गोवंश के जरिए गो अधारित जैविक खेती, गो मूत्र और गोबर से बनने वाले उत्पादों और फूलों से बनने वाले इत्र, अगरबत्ती और उसके बचे हिस्से से कंपोस्ट की संभावनाओं को भी कल्टीवेट किया जाय। सरकार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देने को प्रतिबद्ध है। सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए महिलाओं को हर संभावित क्षेत्र में समायोजित किया जाएगा।</p>
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		<title>पुनर्जीवित होंगे प्रदेश के ढाई लाख सूक्ष्म एवं कुटीर उद्योग</title>
		<link>http://businesslinknews.com/two-and-a-half-lakh-micro-and-cottage-industries-will-be-revived/</link>
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		<pubDate>Tue, 05 May 2020 13:59:57 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[इंडस्ट्री]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[बाजारों से]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीती प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[खादी ग्रामोद्योग विभाग]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[रोजगार]]></category>
		<category><![CDATA[रोजगार नीति]]></category>
		<category><![CDATA[सूक्ष्म उद्योग]]></category>

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		<description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साधेंगे छोटे उद्योगों से बड़ा लक्ष्य  अन्य प्रदेशों से यूपी लौट रहे कामगारों को राज्य में मिलेगा रोजगार कच्चे माल के लिए स्थापित होगा रॉ मटीरियल बैंक, तुरंत होगी भुगतान की व्यवस्था प्रोडक्ट डेवलपमेंट एवं मार्केटिंग के लिए बनेगी एक अलग संस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिये निर्देश अविलम्ब बनाये &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/04/B38DBB2B-E093-479B-8CD3-0B38E5D8D17C.jpeg"><img class="  wp-image-21237 alignleft" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/04/B38DBB2B-E093-479B-8CD3-0B38E5D8D17C.jpeg" alt="B38DBB2B-E093-479B-8CD3-0B38E5D8D17C" width="448" height="234" /></a>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साधेंगे छोटे उद्योगों से बड़ा लक्ष्य </strong></li>
<li><strong>अन्य प्रदेशों से यूपी लौट रहे कामगारों को राज्य में मिलेगा रोजगार</strong></li>
<li><strong>कच्चे माल के लिए स्थापित होगा रॉ मटीरियल बैंक, तुरंत होगी भुगतान की व्यवस्था </strong></li>
<li><strong>प्रोडक्ट डेवलपमेंट एवं मार्केटिंग के लिए बनेगी एक अलग संस्था</strong></li>
<li><strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिये निर्देश अविलम्ब बनाये कार्ययोजना </strong></li>
<li><strong>बोले स्मॉल इंडस्ट्रीज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन सीमा के अध्यक्ष कुटीर उद्योगों के लिये यह शुभ संकेत</strong></li>
</ul>
<p><strong>बिजनेस लिंक ब्यूरो </strong></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> लॉकडाउन के चलते अन्य राज्यों से उत्तर प्रदेश वापस आ रहे प्रवासी कामगारों और श्रमिकों के लिये खुशखबरी है। राज्य सरकार ने इन कामगारों को राज्य में ही रोजगार देने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में शीर्ष अधिकारियों को निर्देशित करते हुये संजीदगी से अमल करने को कहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलने के बाद प्रदेश में बंद पड़े लगभग ढाई लाख सूक्ष्म एवं कुटीर उद्योगों को पुनर्जीवन देने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निर्देश मिलने के बाद अधिकारी एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने में जुट गए हैं। योगी सरकार पहले चरण में पांच लाख लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के जरिए काम-धंधे में लगाने की तैयारी कर रही है। बाहर से यूपी आने वाले कुशल कामगारों को उनकी रुचि के हिसाब से ट्रेड का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। कच्चे माल के लिए रॉ मटीरियल बैंक की स्थापना होगी। उनके उत्पाद के तुरंत भुगतान की व्यवस्था होगी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट एवं मार्केटिंग के लिए एक अलग संस्था बनेगी।</p>
<p>लॉकडाउन लागू होते ही भारी उद्योग तो बंद हो गए थे और इनके मजदूरों का पलायन शुरू हो गया था। इसके बाद लघु मध्यम और सूक्ष्म उद्योग संचालकों ने योगी सरकार से बात की, सरकार ने इन उद्योगों के लिए कच्चा माल की व्यवस्था की। मजदूरों को इन्हीं छोटे उद्योगों में रुकने का इंतजाम किया गया। नतीजा यह हुआ कि लॉकडाउन का दूसरा फेज आते-आते प्रदेश में लघु उद्योगों की करीब चार हजार यूनिट चालू हो गईं। अब लॉकडाउन के तीसरे फेज में लघु उद्योगों को और विस्तार देने की योजना तैयार हो रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री के निर्देश मिलने के बाद प्रदेश में बंद पड़े लगभग ढाई लाख सूक्ष्म एवं कुटीर उद्योगों को पुनर्जीवन देने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में ग्रामीण अंचलों में 100 से अधिक तरह के काम शुरू करने के लिये 10 लाख रुपये का लोन मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार योजना के तहत दिया गया था। खादी ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित इस योजना में सामान्य जाति के आवेदक को लाख रुपये तक के ऋण पर महज चार प्रतिशत बयाज देय था। इससे ऊपर बैंक की जो भी बयाज दर हो, उसमें अधिकतम दस फीसद तक का भुगतान बैंक शाखा को सीधे प्रदेश सरकार की ओर से करने की व्यवस्था थी। इस व्यवस्था के तहत चल रहे लगभग ढाई लाख सूक्ष्म एवं कुटीर उद्योग घोषित सुविधाओं के न मिलने से बंद हो गये। एसोचैम के सदस्य संदीप सक्सेना का कहना है कि अगर इस व्यवस्था में शामिल उद्योगों को एक बार ष्बूस्ट डोजश् दी जाए तो प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था में कुटीर एवं सूक्ष्म उद्यम अहम योगदान देगा।</p>
<blockquote>
<figure id="attachment_21271" style="width: 130px;" class="wp-caption alignleft"><a href="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/Shailendra-sir.jpeg"><img class="  wp-image-21271" src="http://businesslinknews.com/wp-content/uploads/2020/05/Shailendra-sir.jpeg" alt="shailendra sir " width="130" height="155" /></a><figcaption class="wp-caption-text"><strong>शैलेन्द्र श्रीवास्तव </strong>अध्यक्ष, स्मॉल इंडस्ट्रीज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन</figcaption></figure>
<p>मुंबई और गुजरात सहित अन्य प्रदेशों से आने वाले प्रवासी श्रमिक स्किल्ड हैं। उनके पास कौशल के साथ अनुभव भी है। उनका प्रदेश में इस समय आना शुभ संकेत कहा जा सकता है। इन श्रमिकों की स्किल और अनुभव की जानकारी पर आधारित एक डेटा शीट जिलेवार तैयार की जानी चाहिए। यह डेटा शीट इनके लिए रोजगार नीति बनानेए चल रहे उद्यमों में उन्हें समायोजित करने या इनके स्वरोजगार की नीति बनाते समय काम आएगी। यह डेटा प्रदेश के लिए बहुमूल्य बौद्धिक एवं श्रम संपदा साबित होगी। इससे ग्राम एवं कस्बे स्तर तक आॢथक गतिविधियों की गति बढ़ेगी।</p>
<p>&nbsp;</p></blockquote>
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