<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Business Link &#187; स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन</title>
	<atom:link href="http://businesslinknews.com/tag/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%9c-%e0%a4%8f%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%a8/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>http://businesslinknews.com</link>
	<description>Breaking News</description>
	<lastBuildDate>Sat, 15 Apr 2023 02:02:46 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=4.1.26</generator>
	<item>
		<title>योगी ने वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर तथा मेरठ की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बेहतर करने का दिया निर्देश</title>
		<link>http://businesslinknews.com/yogi-directed-to-improve-health-arrangements-in-varanasi-prayagraj-gorakhpur-and-meerut/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/yogi-directed-to-improve-health-arrangements-in-varanasi-prayagraj-gorakhpur-and-meerut/#comments</comments>
		<pubDate>Sat, 03 Oct 2020 11:36:54 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निमग]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22119</guid>
		<description><![CDATA[लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर जनपद वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर तथा मेरठ की विशेष निगरानी करते हुए इन जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर किया जाए। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य तथा अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा, संक्रमण से स्वस्थ होने की &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर जनपद वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर तथा मेरठ की विशेष निगरानी करते हुए इन जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर किया जाए। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य तथा अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा, संक्रमण से स्वस्थ होने की अपेक्षाकृत कम दर वाले जिलों के जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा जिला चिकित्सालय/मेडिकल कॉलेज के प्रमुखों से नियमित संवाद बनाकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।</p>
<p>एक सरकारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के परीक्षण में वृद्धि करने के निर्देश देते हुए कहा कि जांच की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि रोगियों के संपर्क में आए लोगों की संख्या का भी तेजी से पता लगाया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत अर्द्धचिकित्सा कर्मियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम सतत रूप से संचालित किया जाए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि कोविड अस्पतालों में दवाई व ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। बायो-मेडिकल कचरे का निस्तारण मानकों के अनुरूप किया जाए। चिकित्सकों द्वारा कोविड अस्पतालों में थोड़े समय के अन्तराल पर दौरे किये जाएं। योगी ने कहा कि एम्बुलेंस सेवाओं का पूरी तरह सक्रियता से संचालन सुनिश्चित हो।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/yogi-directed-to-improve-health-arrangements-in-varanasi-prayagraj-gorakhpur-and-meerut/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>प्रधानमंत्री मोदी ने अटल सुरंग का उद्घाटन किया, विपक्ष पर रक्षा हितों के साथ समझौते का लगाया आरोप</title>
		<link>http://businesslinknews.com/pm-modi-inaugurates-atal-tunnel-accuses-opposition-of-compromising-with-defense-interests/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/pm-modi-inaugurates-atal-tunnel-accuses-opposition-of-compromising-with-defense-interests/#comments</comments>
		<pubDate>Sat, 03 Oct 2020 11:34:37 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निमग]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22116</guid>
		<description><![CDATA[रोहतांग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं के विकास से जुड़ी परियोजनाओं को नजरअंदाज करने के लिए कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि देश ने लंबे समय तक एक ऐसा दौर भी देखा जब रक्षा हितों के साथ समझौता किया गया। उन्होंने कहा कि देश &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<div class="fullstorydivstorycomment">
<p><strong>रोहतांग।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं के विकास से जुड़ी परियोजनाओं को नजरअंदाज करने के लिए कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि देश ने लंबे समय तक एक ऐसा दौर भी देखा जब रक्षा हितों के साथ समझौता किया गया। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा जरूरतों और रक्षा हितों का ध्यान रखना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।</p>
</div>
<div class="fullstorydivstory">
<p id="pstory" class="fulstorytext">
प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में 10 हजार फीट की ऊंचाई पर निर्मित ‘‘अटल सुरंग’’ के उद्घाटन के बाद यहां एक समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ने वाली 9.02 किलोमीटर लंबी अटल सुरंग दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण यह सुरंग हिमालय की पीर पंजाल श्रृंखला में औसत समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊंचाई पर अति-आधुनिक विशिष्टताओं के साथ बनाई गई है।</p>
<p>मोदी ने कहा कि हमेशा से यहां अवसंरचनाओं को बेहतर बनाने की मांग उठती रही, लेकिन लंबे समय तक देश में सीमा से जुड़ी विकास की परियोजनाएं या तो योजना के स्तर से बाहर ही नहीं निकल सकीं। उन्होंने कहा कि जो (परियोजनाएं) निकली भी वो या तो अटक गईं या फिर लटक गईं और भटक गईं। अटल सुरंग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि साल 2002 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस सुरंग के लिए अप्रोच रोड का शिलान्यास किया था, लेकिन उनकी सरकार जाने के बाद इस काम को भी भुला दिया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हालत ये थी कि साल 2013-14 तक सुरंग के लिए सिर्फ 1300 मीटर का काम हो पाया था। विशेषज्ञ बताते हैं जिस रफ्तार से उस समय अटल सुरंग का काम हो रहा था, उसी रफ्तार से यदि काम होता तो यह 40 साल में जाकर शायद पूरा हो पाता।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि अवसंरचना की इतनी बड़ी परियोजना के निर्माण में देरी से देश का हर तरह से नुकसान होता है। इससे लोगों को सुविधा मिलने में तो देरी होती ही है, इसका खामियाजा देश को आर्थिक स्तर पर भी उठाना पड़ता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘अगर उसी रफ्तार से काम चला होता तो ये सुरंग साल 2040 में जाकर पूरा हो पाती। आपकी आज जो उम्र है, उसमें 20 वर्ष और जोड़ लीजिए, तब जाकर लोगों के जीवन में ये दिन आता, उनका सपना पूरा होता।’’ उन्होंने कहा कि उस वक्त के लिहाज से इसके निर्माण में तीन गुना से अधिक खर्च आया। ‘‘अंदाजा लगाइए जब इसमें 20 साल और लग जाते तो क्या स्थिति होती।’’ उन्होंने कहा कि संपर्क का देश के विकास से सीधा संबंध होता है और सीमा से जुड़े इलाकों में तो संपर्क देश की रक्षा जरूरतों से जुड़ी होती है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘इसे लेकर जिस गंभीरता की आवश्यकता थी, जिस राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता थी, वैसी नहीं दिखाई दी।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि अटल सुरंग की तरह ही अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ ऐसा ही व्यवहार किया गया। उन्होंने सवाल किया, ‘‘लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी के रूप में सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण एयर स्ट्रिप 40-45 साल तक बंद रही। क्या मजबूरी थी, क्या दबाव था। क्यों राजनीतिक इच्छाशक्ति नजर नहीं आई? मैं ऐसे दर्जनों परियोजनाएं बता सकता हूं, जो सामरिक दृष्टि से, सुविधा की दृष्टि से भले ही कितनी महत्वपूर्ण रही हों, लेकिन वर्षों तक नजरअंदाज की गई।’’</p>
<p>इस क्रम में प्रधानमंत्री ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण असम के डिब्रूगढ़ शहर के पास बोगीबील में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने बोगीबील पुल और बिहार में कोसी महासेतु का जिक्र किया और कहा कि 2014 में केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद इन परियोजाओं की गति में तेजी लाई गई और उन्हें पूरा किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘देश के हर हिस्से में संपर्क की बड़ी-बड़ी परियोजनाओं का यही हाल रहा, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। इस दिशा में अभूतपूर्व प्रयास किया गया है। सीमा क्षेत्र के विकास के लिए पूरी ताकत लगा दी गई है।’’</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि इतने बड़े स्तर पर इन क्षेत्रों में देश में पहले कभी काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले छह सालों में सरकार के द्वारा किए गए कामों का बहुत बड़ा लाभ सामान्य जन के साथ फौजी भाई-बहनों को भी हो रहा है।  उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में भी देश की रक्षा से जुड़े सारे साजों सामान दूसरे छोर पर आसानी से पहुंचाएं जा सके, इसके लिए सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘देश की रक्षा जरूरतों, रक्षा करने वालों की जरूरतों का ध्यान रखना, उनके हितों का ध्यान रखना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि उनक सरकार के फैसले साक्षी हैं कि जो वह कहती है, करके दिखाती है। उन्होंने कहा, ‘‘देश हित से बड़ा, देश की रक्षा से बड़ा हमारे लिए और कुछ नहीं। लेकिन देश ने लंबे समय तक वो दौर भी देखा है जब देश के रक्षा हितों के साथ समझौता किया गया।’’ उन्होंने कहा कि देश में ही आधुनिक अस्त्र-शस्त्र बने, मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत हथियार बनें, इसके लिए बड़े सुधार किए गए हैं। उन्होंने पिछले छह सालों में देश की सेनाओं की मजबूती के लिए उठाए गए कदमों का उदाहरण देते हुए कहा कि देश की सेनाओं की आवश्यकताओं के अनुसार साजों सामान जुटाए जा रहे और उत्पादन भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘आत्मनिर्भर भारत का आत्मविश्वास जनमानस का हिस्सा बन चुका है।’’</p>
<p>इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, थल सेना प्रमुख एम एम नरवणे और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। गौरतलब है कि अटल सुरंग से मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय भी चार से पांच घंटे कम हो जाएगा। अटल सुरंग को अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ प्रतिदिन 3000 कारों और 1500 ट्रकों के यातायात घनत्‍व के लिए डिजाइन किया गया है।</p>
<p>अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने रोहतांग दर्रे के नीचे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सुरंग का निर्माण कराने का निर्णय किया था और सुरंग के दक्षिणी पोर्टल पर संपर्क मार्ग की आधारशिला 26 मई 2002 को रखी गई थी। मोदी सरकार ने दिसम्बर 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान में सुरंग का नाम अटल सुरंग रखने का निर्णय किया था, जिनका निधन पिछले वर्ष हो गया।</p>
</div>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/pm-modi-inaugurates-atal-tunnel-accuses-opposition-of-compromising-with-defense-interests/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>औद्योगिक कामगारों के लिये खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त में कम होकर रही 5.63 प्रतिशत</title>
		<link>http://businesslinknews.com/retail-inflation-declined-to-5-63-percent-in-august-for-industrial-workers/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/retail-inflation-declined-to-5-63-percent-in-august-for-industrial-workers/#comments</comments>
		<pubDate>Wed, 30 Sep 2020 11:20:32 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22113</guid>
		<description><![CDATA[नयी दिल्ली। कुछ खाद्य पदार्थों की कीमतें कम होने से औद्योगिक कामगारों के लिये खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त महीने में कम होकर 5.63 प्रतिशत रह गयी। एक साल पहले इसी महीने में यह 6.31 प्रतिशत थी। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘सालाना आधार पर सभी जिंसों की मुद्रास्फीति इस साल अगस्त में 5.63 प्रतिशत &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<div class="fullstorydivstorycomment">
<p><strong>नयी दिल्ली।</strong> कुछ खाद्य पदार्थों की कीमतें कम होने से औद्योगिक कामगारों के लिये खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त महीने में कम होकर 5.63 प्रतिशत रह गयी। एक साल पहले इसी महीने में यह 6.31 प्रतिशत थी। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘सालाना आधार पर सभी जिंसों की मुद्रास्फीति इस साल अगस्त में 5.63 प्रतिशत रही। एक महीने पहले यानी जुलाई 2020 में यह 5.33 प्रतिशत और एक साल पहले यानी अगस्त 2019 में यह 6.31 प्रतिशत थी।’’</p>
</div>
<p id="pstory" class="fulstorytext">खाद्य समूह की महंगाई दर अगस्त महीने में 6.67 प्रतिशत रही। यह पिछले महीने जुलाई में 6.38 प्रतिशत और एक साल पहले अगस्त 2019 में 5.10 प्रतिशत थी। औद्योगिक कामगारों के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) अगस्त 2020 में दो अंक बढ़कर 338 अंक रहा। प्रतिशत के हिसाब से पिछले माह के मुकाबले यानी जुलाई -अगस्त के बीच इसमें 0.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि एक साल पहले इसी माह में 0.31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।</p>
<p>श्रम मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार, मौजूदा सूचकांक में सर्वाधिक तेजी खाद्य समूह से आयी है। इसका कुल बदलाव में योगदान (+) 1.14 प्रतिशत रहा।<br />
जिंसों के आधार पर चावल, सरसों तेल, दूध (भैंस), हरी मिर्च, प्याज, बैंगन, गाजर, फ्रेंच बीन्स, लौकी, हरा धनिया पत्ता, भिंडी, पालक, परवल, आलू, केला, आम (पका), चाय (रेडीमेड), फूलों की माला आदि के कारण सूचकांक में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, दूसरी तरफ गेहूं, गेहूं आटा, ताजी मछली, बकरे का मांस, पाल्ट्री (चिकेन), टमाटर, अमरूद आदि सस्ता होने से सूचकांक में तेजी पर अंकुश लगा।</p>
<p>केंद्र के स्तर पर सूचकांक में कोयंबटूर में सर्वाधिक नौ अंक की वृद्धि हुई। उसके बाद सलेम (सात अंक) और मदुरई (छह अंक) का स्थान रहा। आंकड़ों के अनुसार तीन केंद्रों में 5-5 अंक, तीन केंद्रों में 4-4 अंक, 12 केंद्रों में 3-3 अंक, 14 केंद्रों पर 2-2 अंक और 16 केंद्रों में 1-1 अंक की वृद्धि हुई। इसके विपरीत लाबाक- सिलचर में चार अंक की गिरावट आयी। इसके अलावा तीन केंद्रों में 2-2 अंक और आठ केंद्रों में 1-1 अंक की गिरावट आयी। शेष 15 केंद्रों में सूचकांक स्थिर रहे।</p>
<p>कुल 31 केंद्रों का सूचकांक आखिल भारतीय सूचकांक से अधिक है, जबकि 47 केंद्रों में यह आखिल भारतीय स्तर से नीचे है। श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा, ‘‘सीपीआई-आईडब्ल्यू (रहन-सहन की लागत) में वृद्धि का संगठित क्षेत्र में काम करने वाले औद्योगिक कामगारों के अलावा सरकारी कामगारों के वेतन/मजदूरी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्य रूप से चावल, आलू, बैंगन, प्याज आदि के दाम बढ़ने से उपभोक्ता मूल्य का सालाना सूचकांक बढ़ा है।’’</p>
<p>सरकारी कामगारों और पेंशनभोगियों के लिये महंगाई भत्ते के निर्धारण में सीपीआई-आईडब्ल्यू मानक है। श्रम मंत्रालय से संबद्ध कार्यालय श्रम ब्यूरो देश भर में 78 औद्योगिक केंद्रों के 289 बाजारों से चुनिंदा वस्तुओं की खुदरा कीमतों के आंकड़े जमा करता है। इस आंकड़े के आधार पर हर महीने सीपीआई-आईडब्ल्यू की गणना की जाती है।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/retail-inflation-declined-to-5-63-percent-in-august-for-industrial-workers/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>मुख्यमंत्री ने उप्र के छह जिलों के एल-2 कोविड-19 चिकित्सालयों का किया लोकार्पण</title>
		<link>http://businesslinknews.com/chief-minister-inaugurated-l-2-kovid-19-hospitals-in-six-districts-of-up/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/chief-minister-inaugurated-l-2-kovid-19-hospitals-in-six-districts-of-up/#comments</comments>
		<pubDate>Wed, 30 Sep 2020 11:15:53 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मेडिकल]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22110</guid>
		<description><![CDATA[लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीरजापुर, भदोही, शामली, बरेली, अमेठी और संत कबीर नगर जिलों में ऑक्सजीन युक्त बिस्तरों से लैस छह एल-2 कोविड चिकित्सालयों का बुधवार को ऑनलाइन लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि राज्य में अभी तक कोविड-19 के एक करोड़ से ज्यादा नमूनों के जांच किए गए हैं, जो अपने-आप में &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<div class="fullstorydivstorycomment">
<p><strong>लखनऊ।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीरजापुर, भदोही, शामली, बरेली, अमेठी और संत कबीर नगर जिलों में ऑक्सजीन युक्त बिस्तरों से लैस छह एल-2 कोविड चिकित्सालयों का बुधवार को ऑनलाइन लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि राज्य में अभी तक कोविड-19 के एक करोड़ से ज्यादा नमूनों के जांच किए गए हैं, जो अपने-आप में रिकॉर्ड हैं। उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक जनपद में एल-01 चिकित्सालय की श्रृंखला, एल-2 कोविड-19 चिकित्सालय की स्थापना, उच्च चिकित्सा संस्थान और मेडिकल कॉलेजों में एल-3 कोविड-19 चिकित्सालय के निर्माण को तेजी से बढ़ाने का काम किया जा रहा है।’’</p>
</div>
<p id="pstory" class="fulstorytext">उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के संक्रमण दर और मृत्यु दर को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की और साथ ही रिकवरी दर को बेहतर करके जनमानस में विश्वास पैदा किया है। सरकारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सबकुछ टीम वर्क से सम्भव हुआ है। उसी का नतीजा है कि आज हम छह एल-2 कोविड-19 चिकित्सालय प्रदेशवासियों की सेवा में समर्पित कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में 36 ऐसे जिले थे, जहां वेंटिलेटर की सुविधा नहीं थी, लेकिन आज सभी 75 जिलों में यह सुविधा उपलब्ध है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे सामने प्रदेश की 24 करोड़ आबादी को कोविड-19 संक्रमण से बचाने और जांच की विकसित करने की चुनौती थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जिस प्रदेश में परीक्षण की कोई क्षमता नहीं रही हो, वहां आज एक दिन में 1.5 लाख नमूनों की जांच की जा रही है। यह दर्शाता है कि कोविड-19 हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर (स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे) पर राज्य सरकार पूरी गम्भीरता से काम कर रही है।’’ उन्होंने ऑनलाइन जुड़े जनपदों के जनप्रतिनिधियों/अधिकारियों से अपील किया, ‘‘हमें हर हाल में संक्रमण को रोकना व सतर्क रहकर संक्रमण फैलने के चेन को तोड़ना होगा, ताकि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित रख सके।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 के उपचार का सबसे अच्छा तरीका बचाव है। सतर्कता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा माध्यम है। सतर्कता के लिए प्रधानमंत्री जी द्वारा दिये गये मूलमंत्र ‘दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी’ का पालन करना अत्यन्त आवश्यक है।’’ इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में आमजन को गुणवत्तापरक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/chief-minister-inaugurated-l-2-kovid-19-hospitals-in-six-districts-of-up/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>विशेष सीबीआई अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देगा मुस्लिम पक्ष : जिलानी</title>
		<link>http://businesslinknews.com/muslim-side-will-challenge-special-cbi-court-verdict-in-high-court-jilani/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/muslim-side-will-challenge-special-cbi-court-verdict-in-high-court-jilani/#comments</comments>
		<pubDate>Wed, 30 Sep 2020 11:10:16 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22102</guid>
		<description><![CDATA[लखनऊ। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य एवं अधिवक्ता जफरयाब जिलानी ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा बुधवार को सभी 32 अभियुक्तों को बरी किये जाने के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। जिलानी ने बातचीत में कहा, &#8221;विशेष सीबीआई &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य एवं अधिवक्ता जफरयाब जिलानी ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा बुधवार को सभी 32 अभियुक्तों को बरी किये जाने के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। जिलानी ने बातचीत में कहा, &#8221;विशेष सीबीआई अदालत का फैसला बिल्कुल गलत है। अदालत ने सबूतों को नजरअंदाज करते हुए यह निर्णय दिया है। मुस्लिम पक्ष इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में दर्जनों गवाहों के बयान हैं।</p>
<p>आपराधिक मामलों में गवाहों के बयान सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। गवाहों में आईपीएस अफसर और पत्रकार भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने बयान में कहा था कि मामले में आरोपी बनाये गये लोग मंच पर बैठे थे और भड़काऊ भाषण किये जा रहे थे। जब वहां गुम्बद गिरा तो खुशियां मनायी जा रही थीं, मिठाइयां बंट रही थीं, और अदालत कह रही है कि कोई साजिश नहीं थी। पूर्व अपर महाधिवक्ता ने कहा कि पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और अन्य अभियुक्तों के खिलाफ तो 153—ए और बी के सीधे सबूत हैं, फिर भी उन्हें बरी कर दिया गया। सीबीआई अदालत का यह निर्णय कानून के खिलाफ है।</p>
<p>यह पूछे जाने पर कि अभी तक यह मुकदमा सीबीआई लड़ती आयी है, ऐसे में मुस्लिम पक्ष किस हैसियत से अपील करेगा तो जिलानी ने कहा, &#8221;सीबीआई को भी अपील करनी चाहिये, मगर दंड प्रक्रिया संहिता में पीडि़त और गवाह को भी अपील का अधिकार दिया गया है। हम तो पीडि़त हैं। हमारे कुछ लोग इसमें गवाह भी थे। मैं खुद भी गवाह था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष की तरफ से पीडि़त और गवाह दोनों ही इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। इनमें पीडि़त के तौर हाजी महबूब और हाफिज अखलाक अपील करेंगे। बाकी कौन—कौन लोग होंगे, इस बारे में मशविरा करके फैसला लिया जाएगा। अगर राय बनी तो खुद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी पक्षकार बनेगा। इस सवाल पर कि क्या इस मुद्दे पर बोर्ड की बैठक बुलायी जाएगी, जिलानी ने कहा कि बोर्ड तो पहले ही मामले की पैरवी कर रहा था, लिहाजा बैठक बुलाने की जरूरत नहीं होगी।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/muslim-side-will-challenge-special-cbi-court-verdict-in-high-court-jilani/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>बाबरी विध्वंस : फैसले के बाद आडवाणी ने लगाए जय श्री राम के नारे</title>
		<link>http://businesslinknews.com/babri-demolition-advani-raised-slogans-of-jai-shri-ram-after-verdict/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/babri-demolition-advani-raised-slogans-of-jai-shri-ram-after-verdict/#comments</comments>
		<pubDate>Wed, 30 Sep 2020 11:06:58 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निमग]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22099</guid>
		<description><![CDATA[नई दिल्ली। बाबरी विध्वंस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद भाजपा के वयोवृद्ध नेता व देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने जय श्री राम का नारा लगाया और अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय उन्हीं अन्य फैसलों के अनुरूप हैं &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> बाबरी विध्वंस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद भाजपा के वयोवृद्ध नेता व देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने जय श्री राम का नारा लगाया और अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय उन्हीं अन्य फैसलों के अनुरूप हैं जिसने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के उनके सपने का मार्ग प्रशस्त किया।</p>
<p>आडवाणी इस मामले के 32 आरोपियों में एक और रामजन्मभूमि आंदोलन के अगुवा थे। आडवाणी ने एक वीडियो संदेश में कहा, &#8221;विशेष अदालत का आज का जो निर्णय हुआ है वह अत्यंत महत्वपूर्ण है और वह हम सबके लिए खुशी का प्रसंग है। जब हमने अदालत का निर्णय सुना तो हमने जय श्री राम का नारा लगाकर इसका स्वागत किया। बाद में एक बयान जारी कर उन्होंने कहा, &#8221;यह निर्णय उन्हीं अन्य फैसलों के पदचिह्नों पर है जिसने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के उनके सपने का मार्ग प्रशस्त किया।</p>
<p>अदालत के फैसले के बाद 92 वर्षीय आडवाणी अपने कमरे से बाहर निकले और &#8216;जय श्री राम का नारा लगाते हुए मीडिया का अभिवादन किया। अदालत जब अपना फैसला सुना रही थी उस वक्त आडवाणी अपने परिवार के सदस्यों के साथ टेलीविजन देख रहे थे। उनकी पुत्री प्रतिभा आडवाणी उनकी हाथ पकड़े थीं। गौरतलब है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया।</p>
<p>विशेष न्यायाधीश एस. के. यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, यह एक आकस्मिक घटना थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले, बल्कि आरोपियों ने उन्मादी भीड़ को रोकने की कोशिश की थी।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/babri-demolition-advani-raised-slogans-of-jai-shri-ram-after-verdict/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>सत्य की विजय हुई : विहिप</title>
		<link>http://businesslinknews.com/truth-triumphs-vhp/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/truth-triumphs-vhp/#comments</comments>
		<pubDate>Wed, 30 Sep 2020 11:04:32 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22096</guid>
		<description><![CDATA[इंदौर। अयोध्या के बाबरी विध्वंस मामले के सभी आरोपियों को बरी करने के सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने बुधवार को कहा कि सत्य की विजय हुई है। कोकजे ने &#8220;पीटीआई-भाषा&#8221; से कहा, &#8220;हम अदालत के फैसले का स्वागत करते &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर।</strong> अयोध्या के बाबरी विध्वंस मामले के सभी आरोपियों को बरी करने के सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने बुधवार को कहा कि सत्य की विजय हुई है। कोकजे ने &#8220;पीटीआई-भाषा&#8221; से कहा, &#8220;हम अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं। सत्य की विजय हुई है। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना को लेकर अदालत का फैसला आने में करीब 28 साल लगे। लेकिन यह बात पहले से स्पष्ट है कि यह घटना पूर्व नियोजित नहीं थी और देश भर से कारसेवकों को ढांचा गिराने के लिए अयोध्या नहीं बुलाया गया था।</p>
<p>मध्यप्रदेश और राजस्थान के उच्च न्यायालयों के पूर्व न्यायाधीश कोकजे ने कहा, &#8220;बाबरी विध्वंस की घटना अचानक हुई थी। उस वक्त हिन्दू समुदाय के लोग राम मंदिर मामले में कांग्रेस के रवैये से बेहद आक्रोशित थे। विहिप अध्यक्ष ने कहा कि उनके संगठन ने अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की मांग को लेकर गुजरे वर्षों में जितने भी आंदोलन किए, वे संविधान और कानून का सम्मान करते हुए संपन्न हुए थे। उन्होंने कहा, &#8220;बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना को लेकर विहिप पर जो आरोप लगाए गए, वे हास्यास्पद थे।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/truth-triumphs-vhp/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>सत्यमेव जयते के अनुरूप हुई सत्य की जीत : योगी</title>
		<link>http://businesslinknews.com/truth-wins-according-to-satyamev-jayate-yogi/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/truth-wins-according-to-satyamev-jayate-yogi/#comments</comments>
		<pubDate>Wed, 30 Sep 2020 10:59:12 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22090</guid>
		<description><![CDATA[लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि &#8216;सत्यमेव जयते&#8217; के अनुरूप सत्य की जीत हुई है। मुख्यमंत्री योगी के सूचना सलाहकार मृत्युंजय कुमार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा, &#8220;यह फैसला स्पष्ट करता है कि तत्कालीन कांग्रेस &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि &#8216;सत्यमेव जयते&#8217; के अनुरूप सत्य की जीत हुई है। मुख्यमंत्री योगी के सूचना सलाहकार मृत्युंजय कुमार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा, &#8220;यह फैसला स्पष्ट करता है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर वोट बैंक की राजनीति के लिए देश के पूज्य संतों, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं, विश्व हिंदू परिषद से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों को बदनाम करने की नीयत से उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर बदनाम किया गया।&#8221;</p>
<p>बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस षड्यंत्र के लिए जिम्मेदार लोग देश की जनता से माफी मांगें। गौरतलब है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में बुधवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, यह एक आकस्मिक घटना थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले, बल्कि आरोपियों ने उन्मादी भीड़ को रोकने की कोशिश की थी।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/truth-wins-according-to-satyamev-jayate-yogi/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में सभी आरोपी बरी</title>
		<link>http://businesslinknews.com/all-accused-acquitted-in-demolition-of-babri-masjid/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/all-accused-acquitted-in-demolition-of-babri-masjid/#comments</comments>
		<pubDate>Wed, 30 Sep 2020 10:55:32 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22088</guid>
		<description><![CDATA[अदालत ने कहा- पूर्व नियोजित नहीं थी घटना लखनऊ। सीबीआई की विशेष अदालत ने छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में बुधवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने अपने फैसले में कहा कि बाबरी मस्जिद ढहाए &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<div class="fullstorydivstorycomment">
<p><strong>अदालत ने कहा- पूर्व नियोजित नहीं थी घटना</strong></p>
</div>
<div class="fullstorydivstory">
<p id="pstory" class="fulstorytext"><strong>लखनऊ।</strong> सीबीआई की विशेष अदालत ने छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में बुधवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने अपने फैसले में कहा कि बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, यह एक आकस्मिक घटना थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले, बल्कि आरोपियों ने उन्मादी भीड़ को रोकने की कोशिश की थी। अदालत द्वारा फैसला सुनाये जाने के बाद किसी अभियुक्त ने &#8216;जय श्री राम&#8217; का नारा लगाया।</p>
<p class="fulstorytext">न्यायालय ने कहा कि सीबीआई ने इस मामले की वीडियो फुटेज की कैसेट पेश की, उनके दृश्य स्पष्ट नहीं थे और न ही उन कैसेट्स को सील किया गया। घटना की तस्वीरों के नेगेटिव भी अदालत में पेश नहीं किये गये। अदालत ने कहा कि छह दिसम्बर 1992 को दोपहर 12 बजे तक सब ठीक था। मगर उसके बाद ‘‘विवादित ढांचा’’ के पीछे से पथराव शुरू हुआ। विश्व हिन्दू परिषद नेता अशोक सिंघल ‘‘विवादित ढांचे’’ को सुरक्षित रखना चाहते थे क्योंकि ढांचे में रामलला की मूर्तियां रखी थीं। उन्होंने उन्हें रोकने की कोशिश की थी और कारसेवकों के दोनों हाथ व्यस्त रखने के लिए जल और फूल लाने को कहा था।</p>
<p>विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश यादव ने 16 सितंबर को इस मामले के सभी 32 आरोपियों को फैसले के दिन अदालत में मौजूद रहने को कहा था। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, राम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और सतीश प्रधान अलग—अलग कारणों से न्यायालय में हाजिर नहीं हो सके। कल्याण सिंह बाबरी मस्जिद ढहाये जाने के वक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी इस मामले के आरोपियों में शामिल थे। मामले के कुल 49 अभियुक्त थे, जिनमें से 17 की मृत्यु हो चुकी है।</p>
<p>फैसला सुनाये जाने से ऐन पहले सभी अभियुक्तों के वकीलों ने अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 437—ए के तहत जमानत के कागजात पेश किये। यह एक प्रक्रियात्मक कार्रवाई थी और इसका दोषसिद्धि या दोषमुक्त होने से कोई लेना—देना नहीं। उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई अदालत को बाबरी विध्वंस मामले का निपटारा 31 अगस्त तक करने के निर्देश दिए थे लेकिन गत 22 अगस्त को यह अवधि एक महीने के लिए और बढ़ा कर 30 सितंबर कर दी गई थी। सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले की रोजाना सुनवाई की थी ।</p>
<p>केंद्रीय एजेंसी सीबीआई ने इस मामले में 351 गवाह और करीब 600 दस्तावेजी सुबूत अदालत में पेश किए। इस मामले में अदालत में पेश हुए सभी अभियुक्तों ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताते हुए केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर दुर्भावना से मुकदमे दर्ज कराने का आरोप लगाया था। पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने गत 24 जुलाई को सीबीआई अदालत में दर्ज कराए गए बयान में तमाम आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि वह पूरी तरह से निर्दोष हैं और उन्हें राजनीतिक कारणों से इस मामले में घसीटा गया है।</p>
<p>इससे एक दिन पहले अदालत में अपना बयान दर्ज कराने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने भी लगभग ऐसा ही बयान देते हुए खुद को निर्दोष बताया था। कल्याण सिंह ने गत 13 जुलाई को सीबीआई अदालत में बयान दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सियासी बदले की भावना से प्रेरित होकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने दावा किया था कि उनकी सरकार ने अयोध्या में मस्जिद की त्रिस्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित की थी।</p>
<p class="fulstorytext">इस मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साघ्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ. राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दूबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, साक्षी महाराज, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धमेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ और धर्मेंद्र सिंह गुर्जर आरोपी थे।</p>
</div>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/all-accused-acquitted-in-demolition-of-babri-masjid/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
		<item>
		<title>बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई अदालत का बहुप्रतिक्षित फैसला बुधवार को</title>
		<link>http://businesslinknews.com/cbi-courts-much-awaited-judgment-in-the-babri-demolition-case-on-wednesday/</link>
		<comments>http://businesslinknews.com/cbi-courts-much-awaited-judgment-in-the-babri-demolition-case-on-wednesday/#comments</comments>
		<pubDate>Tue, 29 Sep 2020 10:42:01 +0000</pubDate>
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[स्माल इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफ़ैक्चर्रस एसोसिएशन]]></category>

		<guid isPermaLink="false">http://businesslinknews.com/?p=22082</guid>
		<description><![CDATA[लखनऊ। सीबीआई की विशेष अदालत 1992 में मुगलकालीन बाबरी मस्ज्दि ढहाए जाने के मामले पर बहुप्रतिक्षित फैसला बुधवार को सुनाएगी। इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी सहित 32 आरोपी हैं। विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने 16 सितंबर को इस मामले के सभी 32 आरोपियों &#8230;]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> सीबीआई की विशेष अदालत 1992 में मुगलकालीन बाबरी मस्ज्दि ढहाए जाने के मामले पर बहुप्रतिक्षित फैसला बुधवार को सुनाएगी। इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी सहित 32 आरोपी हैं। विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने 16 सितंबर को इस मामले के सभी 32 आरोपियों को फैसले के दिन अदालत में मौजूद रहने को कहा था। आरोपियों में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती, उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के अलावा विनय कटियार और साध्वी रितंभरा शामिल हैं।</p>
<p>उमा भारती और कल्याण सिंह कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर दो अलग अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। अभी यह सूचना नहीं है कि फैसले के समय वे अदालत में मौजूद रहेंगे या नहीं । कल्याण सिंह जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब ही मस्जिद गिरायी थी। सिंह पिछले साल सितंबर में इस मामले की सुनवाई में शामिल हुये थे। राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी इस मामले के आरोपियों में से एक हैं।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई अदालत को मामले का निपटारा 31 अगस्त तक करने के निर्देश दिए थे लेकिन गत 22 अगस्त को यह अवधि एक महीने के लिए और बढ़ा कर 30 सितंबर कर दी गई थी। सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले की रोजाना सुनवाई की थी । केंद्रीय एजेंसी सीबीआई ने इस मामले में 351 गवाह और करीब 600 दस्तावेजी सुबूत अदालत में पेश किए। इस मामले में कुल 48 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था जिनमें से 17 की मामले की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है।</p>
<p>इस मामले में अदालत में पेश हुए सभी अभियुक्तों ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताते हुए केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर दुर्भावना से मुकदमे दर्ज कराने का आरोप लगाया था। पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने गत 24 जुलाई को सीबीआई अदालत में दर्ज कराए गए बयान में तमाम आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि वह पूरी तरह से निर्दोष निर्दोष हैं और उन्हें राजनीतिक कारणों से इस मामले में घसीटा गया है।</p>
<p>इससे एक दिन पहले अदालत में अपना बयान दर्ज कराने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने भी लगभग ऐसा ही बयान देते हुए खुद को निर्दोष बताया था। कल्याण सिंह ने गत 13 जुलाई को सीबीआई अदालत में बयान दर्ज कराते हुए कहा था कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सियासी बदले की भावना से प्रेरित होकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने दावा किया था कि उनकी सरकार ने अयोध्या में मस्जिद की त्रिस्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित की थी।</p>
<p>इस मामले में लालकुष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साघ्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डा. राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दूबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, महाराज स्वामी साक्षी, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धमेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ व धर्मेंद्र सिंह गुर्जर आरोपी हैं।</p>
]]></content:encoded>
			<wfw:commentRss>http://businesslinknews.com/cbi-courts-much-awaited-judgment-in-the-babri-demolition-case-on-wednesday/feed/</wfw:commentRss>
		<slash:comments>0</slash:comments>
		</item>
	</channel>
</rss>
