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एक महीने बाद भी नहीं लागू हुआ आयोग का आदेश

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लखनऊ। राजधानी की नवविकसित कालोनियों में अब बिजली कनेक्शन लेना आसान होगा। ऐसे इलाकों में अब दो लोगों के आवेदन पर भी 40 मीटर के दायरे में लेसा बिजली के खंभे लगाएगा और तार भी खींचेगा। इससे पूर्व यह व्यवस्था तीन लोगों के आवेदन पर लागू थी। इसके तहत तीन लोगों के कनेक्शन के लिए आवेदन करने पर खंभा लगाने का नियम था। वहीं अब उपभोक्ताओं को इस सुविधा के लिए सिस्टम लोडिंग चार्ज भी नहीं देना पड़ेगा। पहले 50 रुपये प्रति किलोवॉट के हिसाब से उपभोक्ता से सिस्टम लोडिंग चार्ज भी वसूला जाता था। पूर्व में नवविकसित कालोनियों में 25 मकान बने होने पर ही नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया जा सकता था। साथ ही तीन मकानों से बिजली कनेक्शन का आवेदन आने पर ही लेसा बिजली का खंभा लगवाता था। नए नियमों के तहत अब दो बिजली कनेक्शन के आवेदन पर ही लेसा को बिजली का खंभा लगवाना होगा। साथ ही तार भी खिंचवाने होंगे। हालांकि यह नियम 40 मीटर के दायरे में ही लागू होगा। दो आवेदन पर भी खंभा लगवाने से जुड़ा आदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 18 जुलाई को दिया था, लेकिन एक महीने बाद भी इसे लागू नहीं किया जा सका है। आलम यह है कि लेसा के कई एक्सईएन को भी इस नए नियम की जानकारी नहीं है। ऐसे में अभी तक किसी भी इलाके में दो आवेदनों पर खंभे लगाकर और तार खींचकर नए कनेक्शन नहीं दिए जा सके हैं। जिसका नतीजा है कि शहर की कई नवविकसित कालोनियों में अभी भी बांस बल्ली के सहारे बिजली कनेक्शन चल रहे हैं। यही नहीं, सिस्टम लोडिंग चार्ज समाप्त होने के बाद भी उपभोक्ताओं को इससे राहत नहीं दी जा रही है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का आरोप है कि उपभोक्ता हित का हर फैसला लागू करने में बिजली कंपनियां देरी क्यों करती हैं। जबकि उपभोक्ताओं पर किसी तरह के चार्ज लगाने संबंधी आदेश पर तत्काल बिजली कंपनियां अमल कर लेती हैं।

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