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24 साल बाद भी फाइलों में अटकी एलिवेटेड रोड, सेतु निगम ने भेजी रिपोर्ट

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  • राजाजीपुरम से कालीदास मार्ग के बीच हैदर कैनाल पर बननी थी एलिवेटेड रोड
  • जाम से परेशान राजधानीवासियों को मिलनी थी राहत, पर नहीं मिली
  • 1697 करोड़ रुपये में हैदर कैनाल एलिवेटेड प्रोजेक्ट होना था शुरू
  • 1998 में निजी कंपनी ने इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी तैयार की
  • 2021 नवंबर में सर्वे रिपोर्ट शासन में भेज चुका है सेतु निगम
  • 14 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव कई बार किया गया तैयार

लखनऊ। राजाजीपुरम से कालीदास मार्ग तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड 24 साल बाद भी फाइलों से बाहर नहीं निकल पाया है। गाजीउद्दीन हैदर कैनाल पर करीब 14 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव कई बार तैयार किया गया, लेकिन शासन स्तर पर प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली। इसके चलते लाखों राजधानीवासियों को रोजाना भीषण जाम से जूझना पड़ता है।

लोक निर्माण विभाग के जानकारों की मानें तो हैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनने से आगरा एक्सप्रेस-वे और लोहिया पथ आपस में जुड़ जाएंगे। साथ ही अवध चौराहे, मवैया, चारबाग व हजरतगंज में लगने वाला ट्रैफिक जाम नहीं लगेगा। समस्या से निजात दिलाने के लिए केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 27 सितम्बर 2021 को सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने 13 नवम्बर 2021 को शासन को सर्वे रिपोर्ट भी सौंप दी, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ सकी।

पहले चरण में राजाजीपुरम से सदर तक बननी थी सड़क
राजधानी में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए करीब 24 साल पहले गाजीउद्दीन हैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। पहले चरण में राजाजीपुरम से सदर क्रॉसिंग तक 7.41 किलोमीटर की एलिवेटेड सड़क बनाने का प्रस्ताव था। इसकी चौड़ाई 45 मीटर रखी जानी थी। बीच में डिवाइडर भी बनना था। दोनों किनारों पर तीन-तीन मीटर का फुटपाथ भी बनाना तय हुआ था। तब इसकी अनुमानित लागत करीब 534 करोड़ रुपये थी।

वर्ष 1998 में तैयार हुई थी फिजिबिलिटी रिपोर्ट
एक निजी कंपनी ने वर्ष 1998 में इस एलिवेटेड रोड ​की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की ​थी। अगले साल 1999 में संशोधित रिपोर्ट भी तैयार हुई, लेकिन आपत्तियों और भारी भरकम खर्च के कारण योजना रोक दी गई। इसके बाद 24 जुलाई 2019 को यातायात सुधार के लिए शासन स्तर पर बैठक हुई, जिसमें एलडीए को 1697 करोड़ रुपये में हैदर कैनाल एलीवेटेड प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने का निर्देश दिया गया, लेकिन इस बार भी कुछ नहीं हुआ। तब से इलाके के लोग सिर्फ इंतजार में हैं।

राजाजीपुरम से गोमती तक जाती है कैनाल
राजाजीपुरम से गोमती तक जाने वाली हैदर कैनाल 14 किमी लम्बी है। इसकी चौड़ाई 40 से 70 मीटर है। घनी आबादी में राजाजीपुरम से गोल्फ क्लब चौराहे तक नाले की लंबाई 8.26 किमी है। लाल बहादुर शास्त्री मार्ग से पुराना किला क्रॉसिंग तक नाले पर 840 मीटर पर निर्माण भी करवाया गया है।

बड़े इलाके को मिलती ट्रैफिक जाम से राहत
राजाजीपुरम से हजरतगंज पहुंचने में 30 मिनट से अधिक समय लगता है। पिछले कई वर्षों से हैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनाने की मांग की जा रही है लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। इससे वाहन चालकों को काफी दिक्कत होती है। हैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनने से इन समस्याओं से निजात मिल जाती।
करण गहलौत, राजाजीपुरम

राजाजीपुरम बड़ी रिहायशी कॉलोनी है, लेकिन संकरे रास्तों के कारण वाहन चालकों को गोमतीनगर, चिनहट पहुंचने में 40-45 मिनट तक लग जाता है। यदि हैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बन जाये तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।
ऋषभ गुप्ता, राजाजीपुरम

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राजाजीपुरम से हैदर कैनाल के ऊपर एलिवेटेड रोड बनाने के लिए सर्वे रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग को भेजी गई है। इस पर करीब 770 करोड़ रुपये की लागत आयेगी। बजट को मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाएगा।
योगेश पावर, प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम

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