Home / Breaking News / प्रिंटिंग लीगल न मिली तो मालिक जाएंगे जेल?

प्रिंटिंग लीगल न मिली तो मालिक जाएंगे जेल?

  • जिला प्रशासन को देनी होगी छपाई की सम्पूर्ण जानकारी, लाइसेंस भी होंगे निरस्त, नहीं छपेंगे दीवाल पर चिपकाने वाले पोस्टर, निर्वाचन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक
  • प्रत्याशी को फायदा पहुंचाने वाली खबर पेड न्यूज, राजनीतिक दल करें आचार संहिता का पालन

लखनऊ। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने चुनाव सामग्री छापने को लेकर प्रिंटिंग प्रेस के प्रतिनिधियों से साफ कहा कि अगर किसी भी तरह चुनाव सामग्री को प्रिंटिंग करने में अनियमितता पायी गयी और नियम के विरुद्ध छपाई मिली तो छापने वाले के साथ प्रिंटिंग प्रेस का मालिक जेल जाएंगे। इसलिए चुनाव सम्बंधी सामग्री प्रिंटिंग करते समय बनाये गये सभी नियम का पालन हो अन्यथा सिर्फ प्रिंटिंग की जिम्मेदारी तय होगी और मालिक जेल में होंगे और प्रिंटिंग प्रेस का लाइसेंस भी निरस्त होगा।

लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2019 के सम्बंध में बीते मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी लखनऊ कौशल राज शर्मा के द्वारा समस्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ निर्वाचन की तैयारियों और जिले में आदर्श आचार संहिता का पालन करने में सम्बंध में बैठक आयोजित की गयी थी। उन्होंने कहा कि पहले आप लोगों के साथ बैठक करते थे तो वोटिंग लिस्ट या बूथो को लेकर समीक्षा की जाती थी। परंतु आज की बैठक आदर्श आचार संहिता के पालन के लिए की जा रही है, क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आचार संहिता को लागू कर दिया है। पिं्रटिंग प्रेस के प्रकाशक और मुद्रक सम्पूर्ण जानकारी जिला प्रशासन को दें।

जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127 के अनुसार सभी प्रिंटिंग प्रेसों को निर्वाचन कि सामग्री का लेखा जिला प्रशासन को देना अनिवार्य है ताकि इस विवरण से राजनैतिक दलों के खर्चे का मूल्यांकन किया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रकाशक से प्रारूप पर एक उदघोषणा हस्ताक्षर सहित कराएगा जिस पर प्रकाशक तथा उसे भली भांति जानने वाले 2 लोगों के नाम पते सहित हस्ताक्षर होंगे। मुद्रक इस उदघोषणा को प्रतिहस्ताक्षरित करेंगे।

चुनाव से सम्बंधित किसी भी ऐसी सामग्री के प्रकाशन के अधिकतम तीन दिनों के अंदर मुद्रक छापी गयी सामग्री की 4 प्रतियां प्रकाशक की उपरोक्त उदघोषणा, छापी गई मात्रा तथा इस कार्य के बदले प्राप्त किये गए मूल्य जिसमे कागज के मूल्य भी सम्मिलित हो, अनिवार्य रूप से जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रारूप ब पर उपलब्ध कराएंगे। साथ ही मुद्रित सामग्री की अनुमति मुख्य निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त की जाएगी। मुद्रित सभी पम्फलेट, पोस्टर, विज्ञापन, हैंडबिल आदि पर मुद्रक तथा प्रकाशक का नाम व पता तथा मुद्रित सामग्री की मात्रा अनिवार्य रूप से छापी जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया कि अधिनियम की धारा 3 अ के अनुसार हाथ से प्रतिलिपि तैयार करने के अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से भी किसी सामग्री की प्रतियां तैयार करना जिसमे फोटो कॉपी किया जाना भी सम्मिलित है, मुद्रण की श्रेणी में आयेगा।

print

एक दो दिनों में बंटेंगे एक लाख 40 हजार एपिक कार्ड

जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में कुल 139000 वोटरों के एपिक कार्डों की पिं्रटिंग चालू है। एक दो दिन के अंदर सभी एपिक कार्डों का वितरण कर दिया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया कि पोलिंग पार्टी की रवानगी स्मृति उपवन से होगी और समान रमाबाई स्थल में जमा कराया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया कि कभी कभी देखा गया है कि लोगो के बूथ बदल जाते है जिससे मतदान के समय मतदाताओं को काफी दिक्कत होती है। जिसके लिए जिला प्रशासन के द्वारा पहले से ही पीली पर्ची का वितरण किया जा रहा है ताकि मतदाता को उसके बूथ की सही जानकारी मिल सके।

सभी राजनीतिक दल आचार संहिता का करें पालन जिसके पश्चात जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को आदर्श आचार संहिता का पालन करने के लिए अनुरोध किया गया और आचार संहिता के अंतर्गत आने वाले निर्देशो से अवगत कराया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया कि नामांकन की प्रक्रिया 10 अप्रैल से लेकर 18 अप्रैल तक चलेगा। उसके बाद 14 दिन का पीरियड मिलेगा चुनाव प्रचार के लिए और उसके बाद 6 मई को मतदान है। 6 मई के मतदान के बाद 23 मई को कॉउंटिंग है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इसके अनुसार हम पूरे जनपद की कैलेन्डर आफ एक्टिविटी भी बना रहे है।

किसी प्रत्याशी को फायदा पहुंचाने की खबर पेड न्यूज

न्यूज पेपर के सम्बंध में निर्देश दिया कि 22 अप्रैल से निर्वाचन के दिन तक यदि किसी अखबार ने किसी प्रत्याशी को फायदा पहुंचाने के लिए कोई खबर प्रसारित की तो इसको पेड न्यूज माना जाएगा और उसका खर्चा पेड न्यूज के आधार पर जोड़ा जाएगा।

लाइसेंस भी होगा निरस्त

अधिनियम की धारा 4 के अनुसार आदेशो का उल्लंघन करने पर 6 माह की कैद तथा जुर्माना जिसकी धनराशि 2000 रुपये तक होगी। आदेशो का उल्लंघन करने वालो के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही करते हुए उनके पिं्रटिंग प्रेस का लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही भी की जा सकती है।

About Editor

Check Also

meter copy

अब बिजली बिल सीधे मारेगा जेब पर करंट

पावर कॉरपोरेशन ने दाखिल किया बिजली दर बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगी 1.30 …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>