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बंद कमरे की पोल खोलेगा ‘चरमसुख’

बिजनेस लिंक ब्यूरो

नई दिल्ली। चरमसुख क्या है… एक मर्द या स्त्री को चरमसुख की प्राप्ति के लिए क्या- क्या गुल खिलाने पड़ते है, इसकी बानगी देखने को मिल रही है उल्लू पर आयी चरमसुख की वेबसीरीज में। जिसके अभी कई एपिसोड रिलीज किये जाने हैं।

हाल ही में इसका पहला एपिसोड आया है, जिसका नाम है मॉम एंड डॉटर। इस एपिसोड में एक लड़का अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रिलेशन में आता है, लेकिन उसका क्रस उसकी मॉम में रहता है और वो जब इसके लिए तैयार होती है तो वो लड़का उसके साथ भी रिलेशन में आ जाता है।

इस वेबसीरीज के माध्यम से ये बताने का प्रयास भी किया गया है कि कलयुग में कैसे- कैसे किस्से पर्दे के पीछे छिपे होते हैं। आज बंद कमरे के पीछे क्या खेल खेले जा रहे हैं। जिसके बारे में आम लोगों को पता तक नहीं है। 

एक दौर हुआ करता था जब यूथ की प्राब्लम पर चर्चा होती थी, लेकिन आज के समय में आपाधापी के दौर में समाज के सामने उन समस्याओं पर कोई चर्चा नहीं होती है। ऐसे में वेबसीरीज के माध्यम से उन समस्याओं को उल्लू के दर्शकों के बीच रखा गया है, जिस पर बात करने से आज लोग कतराते हैं।

आपको बता दें कि उल्लू समाज में फैली तमाम बुराईयों को पर्दे के माध्यम से लगातार दर्शानें का प्रयास कर रहा है। हालांकि मनोरंजन के माध्यम से उल्लू ने तमाम सामाजिक मुद्दों को अपने ओटीटी प्लेटफार्म पर लाकर उनका आईना अपने दर्शकों को दिखाया है।

ullu-charmsukh

वेबसीरीज के कई एपिसोड है। हर वीक एक एपिसोड रिलीज किया जाएगा। इस सीरीज में एक वर्जिन लड़की की पीड़ा को दर्शाया गया है। हर एपिसोड एक नई कहानी के साथ होगा। उम्मीद करती हूं कि उल्लू के दर्शकों को ये सीरीज जरूर पसंद आयेगी।

पूजा बट्ट, मार्केटिंग हेड, उल्लू डिजीटल प्रा. लि.

यूथ जनरेशन की समस्याओं को उठाना था, क्योंकि आज के समय में सबका माइंड सेट होता है कि वो अपने साथी के साथ अच्छा और सुखद जीवन व्यतीत करेंगे, लेकिन उनके साथ होता इसका उल्टा है। कई बार यूथ को जीवन में इतने सारे झटके मिलते हैं कि वे निराश हो जाते हैं। इन्हीं सब मुद्दों पर आधारित है चरमसुख। 

आंशू धालीवाल, क्रिएटिव डायरेक्टर

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