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सात मौत और एक साल की जांच के बाद चला हथौड़ा?

लखनऊ। आग लगने के चलते सात लोगों की मौत के बाद घोषित अवैध होटल को तोडऩे में लग गये एक साल… वाह रे सिस्टम। जी हां, हम बात कर रहे है यूपी की राजधानी के सबसे पॉश इलाके चारबाग में हुए अग्निकांड की, जिसमें 19 जून 2018 को हुए हादसे में सात लोगों के जिंदा जलने के बाद अवैध निर्माण कर चल रहे दोनों होटलों एसएसजे इंटरनेशनल और विराट इंटरनेशनल को एलडीए ने तोडऩा शुरू कर दिया। बीते बुधवार को प्रवर्तन दस्ते ने पुलिस फोर्स और जिला प्रशासन की मौजूदगी में होटलों के अवैध निर्माण तोड़े।

कार्रवाई गुरुवार को भी चली। सुबह 10 बजे से एलडीए ने कार्रवाई शुरू की। इसके बाद देर शाम तक होटलों के पांच मंजिल तक अवैध निर्माण तोड़े जाते रहे। होटलों की छतों की स्लैब में ड्रिल मशीनों से छेद किया गया। इसके बाद जेसीबी से प्रवेश द्वार और बिलिं्डग के छज्जे गिराए गए।

एलडीए की संयुक्त सचिव व विहित प्राधिकारी ऋतु सुहास खुद अधिशाषी अभियंता ओपी मिश्रा और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। उनका कहना था कि दोनों होटलों का निर्माण एलडीए की मवैया योजना के आवासीय भूखंडों पर किया गया था। अवैध निर्माण के चलते 2013 में इन्हें तोडऩे का आदेश तत्कालीन विहित प्राधिकारी ने किया, लेकिन मिलीभगत से अवैध निर्माण तोड़ऩे की जगह इन्हें चलने दिया गया।

इनमें से एसएसजे इंटरनेशनल का निर्माण सविता रानी जायसवाल और विराट इंटरनेशनल अर्पित जायसवाल ने बनवाया है। एसएसजे इंटरनेशनल का आवासीय में ढाई मंजिला नक्शा स्वीकृत है। वहीं, विराट इंटरनेशनल का कोई मानचित्र स्वीकृत नहीं है। दोनों ने पांच मंजिल तक निर्माण कर लिया है।

50 होटलों के खिलाफ कार्रवाई से डरे व्यापारी

होटल एसएसजे व विराट इंटरनेशनल के ऊपरी भाग को ध्वस्त कर दिया गया है। अब चारबाग क्षेत्र में बिना मानचित्र अथवा भू-उपयोग के विपरीत बने होटल, रेस्टोरेंटों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं करीब 50 अवैध होटलों को गिराए जाने की सूचना से होटल व रेस्टोरेंट संचालकों में हडकंप मचा है। चारबाग क्षेत्र के होटल कारोबारियों ने गुवार को यहां तोड़े जा रहे एसएसजे इंटरनेशनल व विराट होटल के सामने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया।

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व्यापारियों ने एलडीए पर उत्पीडऩ का आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्राधिकरण के इंजीनियर उनका शोषण कर रहे हैं। कारोबारियों ने चारबाग में शांति जुलूस भी निकाला। भीषण अग्निकांड के एक साल बाद एलडीए ने दो दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद चारबाग के एसएसजे इंटरनेशनल व विराट होटल के आधे हिस्से को ढहा दिया है। चारबाग होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर होटल के बाहर कतार में खड़े होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मगर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में रुकावट नहीं डाल सके। व्यापारियों ने एलडीए इंजीनियरों से भी कोई बात नहीं की। अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा व महामंत्री सीके शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष तथा मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे तथा उन्हें अपना ज्ञापन देंगे। उनका कहना था कि इन्हें तोड़ा जाना समझ में आता है मगर अन्य होटल व रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।

निर्माण तोडऩे में फिर सामने आई नाकामी

एलडीए पूरे दिन दो दर्जन से अधिक लोग लगाकर आठ ड्रिल मशीनों और हथौड़ों से होटलों का 20 प्रतिशत अवैध निर्माण भी नहीं तोड़ पाया। जिन दो जेसीबी को लाया गया, वे एक मंजिल से अधिक ऊंचाई तक अपना काम ही नहीं कर पा रही थीं। इंजीनियरों का कहना था कि इसके लिए बड़ी पोकलेन या हाइड्रा की जरूरत है, जो एलडीए के पास नहीं है।

हादसे ने पूरे लखनऊ को झकझोर डाला

19 जून 2018 को हुए दोनों होटलों में अग्निकांड ने पूरे लखनऊ को झकझोर दिया था। सात लोग होटलों के कमरों में धुएं की वजह से दम घुटने या जिंदा जलने से मर गए। मामले में 32 लोग दोषी पाए गए। इनमें एक आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी भी था। एडीजी पुलिस राजीव कृष्णा और एलडीए वीसी प्रभु एन सिंह की जांच में सामने आया कि किसी ने भी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। इसकी वजह से यह हादसा हुआ। एलडीए, लेसा, जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग, आबकारी, अग्निशमन विभाग की भूमिका इसमें तय करते हुए दोषी पाया गया।

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