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36 हजार रोजगार सेवकों की समस्याओं का हुआ समाधान, योगी ने जारी की 225 करोड़ की धनराशि

  • बोले मुख्यमंत्री, ऐसे रोजगारों की संभावनाओं को आगे बढ़ाएं जो उत्तर प्रदेश के नागरिकों के प्रत्येक हाथ को रोजगार दिला सके
  • मुख्यमंत्री ने करीब 36 हज़ार रोजगार सेवकों के खाते में उनके मानदेय की धनराशि डीबीटी के माध्यम से की ट्रांसफर
  • प्रदेश की अर्थव्यवस्था में नया अध्याय जोडऩे के लिये प्रतिदिन 50 लाख लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार से जोडऩे का प्रयास तेज 
  • ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा रोजगार सृजन का एक बड़ा माध्यम बनेगा : मुख्यमंत्री

DBTबिजनेस लिंक ब्यूरो 

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश के अंदर इस महीने के अंत तक हम लगभग एक करोड़ से अधिक उन रोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाएं जो प्रदेश के हर नागरिक के प्रत्येक हाथ को रोजगार दे सके। उन्होंने कहा कि 23 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में हमारा प्रयास होना चाहिए कि मई के अंत तक हम प्रतिदिन 50 लाख लोगों को रोजगार दे सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ा कार्य है कि हम अधिक से अधिक लोगों को रोज़गार उपलब्ध करवाएं और ऐसा तब ही संभव हो पाएगा, जब प्रत्येक रोजगार सेवक पूरी मज़बूती के साथ अपने उत्तरदायित्वों का निर्वाहन करेगा।

सीएम योगी ने मंगलवार को लोक भवन स्थित अपने कार्यालय में बैठक के दौरान करीब 36 हज़ार रोजगार सेवकों के खाते में उनके मानदेय की धनराशि ट्रांसफर की। सीएम योगी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से ग्राम रोजगार सेवकों को 225 करोड़ 39 लाख रुपए की धनराशि का भुगतान किया। इसके साथ ही एक दर्जन से अधिक लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात भी की। कन्नौज, वाराणसी, गोरखपुर हरदोई और प्रतापगढ़ के रोजार सेवकों के साथ वार्ता के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनको प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि ग्राम्य विकास विभाग ने रोज़गार सेवकों से जुड़ी हुई समस्याओं का समाधान किया है। ये समस्याएं नवंबर 2016 से ये समस्याएं लंबित थीं। उन्होंने कहा कि रोज़गार सृजन के बड़े माध्यम हमारे बीच में ही मौजूद हैं, केवल संभावनाओं को तलाशने की आश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रवासी कामगार और श्रमिकों को विभिन्न स्थानों पर उनकी स्किल के अनुरूप रोज़गार देने की व्यवस्था उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में संभव है। इस क्रम में हमने नीतियां बनाई हैं। कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए हमने रोड मैप तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, एमएसएमई सेक्टर में लाखों लोगों को रोज़गार मुहैया कराया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा रोज़गार सृजन का एक बड़ा माध्यम बन सकता है। उन्होंने कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रतिदिन 50 लाख लोग प्रदेश में मनरेगा के रोज़गार के साथ जुड़ें। ऐसा करने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नया बाल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग प्रतिवर्ष बेसिक शिक्षा परिषद में 1 करोड़ 80 लाख से अधिक बच्चों की यूनिफॉर्म और स्वेटर बनाते हैं,यह यूनिफॉर्म और स्वेटर बनाने का काम हम महिला स्वयंसेवी समूहों को दे सकते हैं। ऐसे कई कार्यों के लिए हम लोगों और महिला स्वयं सेवी समूहों को प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज से हमारे लोन मेला प्रारंभ हो रहे हैं। बैंकों में भीड़ नहीं लगेगी, ऑनलाइन व्यवस्था से काम होगा। इस व्यवस्था को हम मजबूती के साथ आगे बढ़ने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग विभिन्न स्थानों पर नए-नए रोजगार और नई नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकते हैं।

इस दौरान सीएम योगी के साथ ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह आदि अधिकारीगण मौजूद रहे।

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