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कामगारों और श्रमिकों को रोजगार देने के लिए विकास की योजनाओं को दी जाए तीव्र गति : मुख्यमंत्री 

औद्योगिक इकाइयों और सेवा प्रदाता संगठनों को मैन पावर आपूर्ति के संबंध में विकसित किया जाए एक एप 

मुख्यमंत्री ने सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए श्रमिकों/कामगारों को बीमा कवर प्रदान करने का भी दिया निर्देश

14 करोड़ 60 लाख लोगों को 5 बार से अधिक 36.40 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न किया वितरित

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कुल 4858 एक्टिव केस

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औद्योगिक विकास विभाग और एमएसएमई विभाग को कामगारों/श्रमिकों को रोज़गार देने के संबंध में सभी सम्भावनाएं तलाशने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों और सेवा प्रदाता संगठनों को मैन पावर आपूर्ति के संबंध में एक ऐप विकसित किया जाए। उन्होंने कामगारों एवं श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए उन्हें बीमा कवर प्रदान करने का भी निर्देश दिया है। कामगारों और श्रमिकों को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने के लिए विकास की योजनाओं को तीव्र गति दी जाए। उन्होंने निर्देश दिया है कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के काम को और तेज़ किया जाए और जहां भी इनके निर्माण कार्य में श्रमिकों की आवश्यकता लगे,तो हमारे प्रदेश में लौटे श्रमिकों को इन योजनाओं से जोड़ा जाए।

उक्त जानकारी शनिवार को यहां लोकभवन में कोरोना वायरस के संबंध में किए गए प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कोविड अस्पतालों की व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सालय में सफाई हो, बेड शीट नियमित रूप से बदले जाएं, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नियमित रूप से राउंड पर रहें, उन्होंने ये निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आए कामगारों और श्रमिकों के श्रम को उत्तर प्रदेश के नव निर्माण के लिए एक अवसर के रूप में देखने का निर्देश दिया है। उन्होंने बाताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना एक अदृश्य शत्रु है, लेकिन लड़ाई बड़ी है। ऐसे में इस महामारी के उपचार के लिए जब तक कोई कारगर वैक्सीन या दवा नहीं आ जाती है, तब तक बचाव ही इसका एकमात्र उपचार है।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि 14 करोड़ 60 लाख लोगों को 5 बार से अधिक 36.40 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न बांटा जा चुका है। खाद्यान्न वितरण का छठा चरण भी 20 जून से जल्द ही शुरू होने वाला है। लगभग 6.50 करोड़ फूड पैकेट अबतक विभिन्न कम्युनिटी किचन, एनजीओ के किचन से बांटे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा में 43 लाख से अधिक श्रमिक कार्य कर रहे हैं। एमएसएमई समेत वृहद इकाइयों में 40 लाख 41 हज़ार लोगों को रोजगार मिला है, यानि जो भी व्यक्ति प्रदेश में वापस लौटा है, उसको किसी न किसी रूप में रोजगार का अवसर अवश्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंनेबताया कि हर श्रमिक और कामगार को 15 दिन के राशन की किट भी उपलब्ध करवाई जा रही है। यह एक अनूठी व्यवस्था है, जिसका अन्य प्रदेशों ने भी अनुसरण किया है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों और कामगारों को लेकर अब तक 1644 ट्रेनें हमारे प्रदेश में आ चुकी हैं।

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उपचारित मरीजों का प्रतिशत अभी भी 60% से अधिक : अमित मोहन प्रसाद

पत्रकारवार्ता में मौजूद प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, अमित मोहन प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत 24 घंटों में संक्रमण के 503 नए मामले सामने आए हैं और कुल 4858 एक्टिव केस हैं। 7875 मरीज पूर्णता: उपचारित होकर अपने घर जा चुके हैं। इस प्रकार उपचारित मरीजों का प्रतिशत अभी भी 60% से अधिक चल रहा है। इस संक्रमण से अब तक 385 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। 4868 लोग इस समय आइसोलेशन वार्ड में हैं, जिनका इलाज विभिन्न चिकित्सालयों में जारी है। उन्होंने बताया कि कल प्रदेश में 14236 सैंपल की जांच की गई और अबतक प्रदेश में 4 लाख 39 हज़ार 438 सैंपल की जांच की जा चुकी है। पूल सैंपलिंग के अंतर्गत 5-5 सैंपल के 25 पूल लगाए गए और 10-10 सैंपल के 116 पूल लगाए गए। आशा कार्यकर्ता कामगारों और श्रमिकों का घर घर जाकर लगातार हालचाल ले रही हैं और जिनमें भी लक्षण पाए जा रहे हैं, इसकी सूचना हमें दी जा रही है।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अबतक 15 लाख 91 हज़ार 305 कामगारों और श्रमिकों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। इनमें से 1413 लोगों में लक्षण दिखाई दिए हैं, जिनके सैंपल की जांच करवाई जा रही है। अब तक जो 945 नमूनों के परिणाम आए हैं, उनमें से 156 लोग पॉज़िटिव और 789 लोग नेगेटिव पाए गए हैं। आरोग्य सेतु एप का उपयोग करते हुए अब तक हम 77 हज़ार 246 लोगों को कॉल कर चुके हैं। सर्विलेंस के कार्य के अंतर्गत अब तक हम 17252 इलाकों में 90 लाख 60 हज़ार 833 घरों का सर्वेलेंस किया गया, इनमें 4 करोड़ 61 लाख 47 हज़ार 425 लोग रहते हैं।

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