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कानून बनने से कम हुए तीन तलाक के मामले : रविशंकर

नई दिल्ली। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि नारी न्याय, नारी गरिमा और नारी सम्मान के लिए तीन तलाक पर रोक का कानून बनाया गया और इससे देशभर में तीन तलाक के मामलों में भारी कमी आयी है। श्री प्रसाद ने शुक्रवार को यहां ‘मुस्लिम महिला अधिकार दिवस’ के अवसर पर वर्चुअल कांफ्रेंस के जरिये देशभर के मुस्लिम महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया के बीस से अधिक इस्लामिक देशों में तीन तलाक पर रोक लगायी गयी लेकिन हिन्दुस्तान में इस कानून को बनाने में सत्तर साल लग गया। महिलाओं के खिलाफ उत्पीडन के संबंध कई कानून बनाये गये जिस पर सभी दल एकजुट हो जाते थे लेकिन तीन तलाक के मामले में विवाद देखकर आश्चर्यचकित हुआ।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश के सभी महिलाओं के हितों और उनकी रक्षा के लिए कई प्रकार के कानून बनाये हैं जिनमें तीन तलाक भी है। यह कानून नारी न्याय, नारी गरिमा और नारी सम्मान के लिए बनाया गया है। इस कानून के बनने से देश भर में तीन तलाक के मामलों में भारी कमी आयी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सिर्फ तीन तलाक की बात नहीं करती है बल्कि नारी न्याय, नारी गरिमा और नारी सम्मान लक्ष्य है। सरकार ने अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से लेकर सेना में महिलाओं को स्थायी कमिशन देकर महिलाओं के सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि अब मुस्लिम महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार उन्हें ‘डिजिटल साक्षर’ करने का अभियान चलायेगी और सबके साथ मिलकर नया हिन्दुस्तान बनायेंगे।
महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि वह हर साल केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से ईद के मौके पर ईदी मांगती थी लेकिन वास्तव उन्हें आज ईदी मिली है जब देश की महिलाएं तीन तलाक खत्म करने के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देने के लिए यहां जमा हुई है। उन्होंने कहा कि आज का दिन सिर्फ मुस्लिम महिलाओं का दिन नहीं बल्कि हर महिलाओं के लिए है। सभी को बराबरी और परस्पर सम्मान दिलाने का दिन है।

यह दिन हर उस हिंदुस्तानी का दिन है जो संविधान में विश्वास करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं के जीवन में सुधार लाकर उन्हें सशक्त बनाने के लिए उनकी छोटी से छोटी बातों को भी ध्यान रखकर कानून बनाये जिसका आज देशभर की महिलाओं को फायदा मिल रहा। देश भर में बीस करोड़ महिलाओं का बैंक खाता खोलने का फायदा यह हुआ कि इस महामारी में उनके खातों में सीधे पैसा पहुंचाया गया। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना का फायदा भी गरीब महिलाओं को मिला है। यह पहली बार है जब पिछले एक साल में 80 लाख गरीब महिलाओं ने अपने ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग करवायी।

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